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पंजाब चुनाव से एक दिन पहले केजरीवाल पर FIR के निर्देश, ‘खालिस्तानी कनेक्शन’ सामने आने के बाद खुद को दिखाया था – ‘बेचारा’

SAD ने गौर करवाया था कि कैसे अरविंद केजरीवाल ने MCC के विरुद्ध जाकर सुखबीर बादल पार्टी पर वीडियो जारी करके आरोप लगाए जबकि राज्य में MCC के लागू होने के बाद ये नियम है कि कोई भी पार्टी किसी भी नेता के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं बना सकती।

पंजाब में राज्य निर्वाचन आयोग ने मोहाली प्रशासन को आम आदमी पार्टी के रा्ष्ट्रीय संयोजक व दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर FIR दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। दिल्ली सीएम पर ये कार्रवाई निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर की जाएगी। इस संबंध में शिरोमणि अकाली दल ने अपनी आवाज उठाई थी।

SAD ने गौर करवाया था कि कैसे अरविंद केजरीवाल ने MCC के विरुद्ध जाकर सुखबीर बादल पार्टी पर वीडियो जारी करके आरोप लगाए जबकि राज्य में MCC के लागू होने के बाद ये नियम है कि कोई भी पार्टी किसी भी नेता के विरुद्ध कोई आपत्तिजनक वीडियो नहीं बना सकती। शिकायत पर गौर करते हुए पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर ने भी माना कि जो क्लिप केजरीवाल ने शेयर की उसे स्टेट लेवल की एमसीसी कमेटी द्वारा नहीं अप्रूव किया गया था। इसी के बाद उन्होंने केजरीवाल पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। ये फैसला तब सामने आया जब पंजाब में 20 फरवरी को मतदान होना है।

उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल की वीडियो सामने आने के बाद शिरोमणि अकाली दल ने इसका विरोध किया था। उन्होंने कहा था,

“अरविंद केजरीवाल ने एक वीडियो संदेश जारी किया जिसमें शिरोमणि अकाली दल के मतदाताओं से अपील की गई कि वे पंजाब के लोगों को गुमराह करने वाले उनके निराधार, झूठे और तुच्छ दावों के आधार पर AAP को वोट दें। शिरोमणि अकाली दल इस तरह की दुर्भावनापूर्ण और अनैतिक रणनीति का सख्ती से विरोध करता है जो उस आदर्श आचार संहिता की भावना के खिलाफ है जो सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर प्रदान करती है।”

अरविंद केजरीवाल पर FIR क्यों?

कथिततौर पर अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को एक वीडियो जारी करते हुए कॉन्ग्रेस, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल पर उनके विरुद्ध साजिश रचने के आरोप लगाए थे। उन्होंने खुद को बेचारा दिखाते हुए दावा था कि उनकी पार्टी को हराने के लिए तीनों पार्टियाँ साथ आ गई हैं और उन्हें आतंकवादी बताया जा रहा है। केजरीवाल का दावा था कि दूसरी पार्टियाँ उन्हें निशाना बना रही हैं क्योंकि प्रदेश में हराने के लिए तीनों पार्टियों के पास कोई मुद्दा ही नहीं है।

केजरीवाल और खालिस्तानी कनेक्शन 

मालूम हो कि कुछ दिन पहले अरविंद केजरीवाल के ऊपर उनके पुरानी साथी रहे कुमार विश्वास ने अलगाववादी सोच के साथ होने का आरोप लगाया था। ऐसे में प्रदेश सीएम चन्नी ने केंद्रीय गृह मंत्री को लिखकर माँग की थी कि मामले में जाँच हो। पत्र का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने कहा था कि इस मामले की पूरी जाँच कराई जाएगी और SFJ और AAP के संबंधों का पता लगाया जाएगा।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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