Homeराजनीतिमहाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को ED ने किया गिरफ्तार: 'दाऊद कनेक्शन' में पूछताछ...

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक को ED ने किया गिरफ्तार: ‘दाऊद कनेक्शन’ में पूछताछ के बाद हुई कार्रवाई

ईडी ने मलिक से कथिततौर पर उनसे 1993 में हुए मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के दोषियों में से एक से कुछ संपत्ति खरीदने के संबंध में पूछताछ की है।

महाराष्ट्र में नेशनल कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता व उद्धव सरकार में मंत्री नवाब मलिक (Nawab Malik) को प्रवर्तन निदेशालय (ED/ईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। ये गिरफ्तारी ‘मनी लॉन्ड्रिंग मामले में और दाऊद से कनेक्शन’ पर चली 8 घंटे की पूछताछ के बाद हुई है। इससे पहले खबर आई थी कि आज सुबह कुर्ला में मलिक के आवास पर जाकर ईडी के कुछ अधिकारियों ने मलिक को पूछताछ में सहयोग देने को कहा और करीब 7: 30 बजे उन्हें अपने साथ ईडी के बलार्ड एस्टेट कार्यालय ले गए।

ईडी ने मलिक से कथिततौर पर उनसे 1993 में हुए मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के दोषियों में से एक से कुछ संपत्ति खरीदने के संबंध में पूछताछ की है। इस बीच शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा कि उन्हें विश्वास है नवाब मलिक शाम तक घर लौंटेंगे और ये जो गिरफ्तारी महा विकास अघाड़ी सरकार में नेताओं की करवाई जा रही हैं इन सब पर 2024 के बाद जाँच होगी।

उल्लेखनीय है कुछ महीने पहले पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवाब मलिक के ऊपर गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि मलिक परिवार ने उस जमीन की कीमत को साढ़े तीन करोड़ रुपए दिखाया, जिससे उन्हें स्टैम्प ड्यूटी कम भरनी पड़े। जब इसका पेमेंट करने की बात आई तो इसकी कीमत 25 रुपए प्रति स्क्वायर फुट की दर से बताई गई लेकिन असल में पेमेंट 15 रुपए प्रति स्क्वायर फीट के रेट से हुई। मलिक पर आरोप है कि उन्होंने यह जमीन अंडरवर्ल्ड दाऊद के लोगों से खरीदी थी।

गौरतलब है कि कुछ माह पहले ईडी ने महाराष्ट्र वक्फ बोर्ड के 7 ठिकानों पर छापेमारी की थी। राज्य में वक्फ बोर्ड NCP नेता नवाब मलिक के मंत्रालय के अंतर्गत आता है। वक्फ बोर्ड लैंड केस में ये कार्रवाई की गई। पुणे में वक्फ बोर्ड की जमीन को लेकर घोटाले का मामला सामने आया था, जिसकी जाँच ED ने अपने हाथों में ले ली थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

खून वही, बस नैरेटिव बदल गया: प्राचीन बलि से ईसाई संस्कार तक, इतिहास ने ये फर्क कैसे बनाया?

पश्चिम ने पुरानी सभ्यताओं को खून और बलि के नाम पर बर्बर कहा। ईसाई परंपरा को आध्यात्मिक ऊँचाई बताया। लेकिन चर्च के केंद्र में भी रोटी और वाइन के जरिए शरीर और रक्त का अनुष्ठान बैठा है। सभ्यता की कहानी इतनी साफ नहीं।

हमें पितृसत्ता की अधूरी कहानी क्यों सुनाई गई? Patriarchy? Think Again

भारत की शुरुआती वैदिक सभ्यता में महिलाओं का समाज में बहुत सम्मानजनक स्थान था, जहाँ उन्हें शिक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों का पूरा अधिकार था। वैदिक साहित्य में गार्गी और मैत्रेयी जैसी महिलाओं के उदाहरण मिलते हैं, जो दार्शनिक चर्चाओं और बौद्धिक विमर्श में सक्रिय थीं।
- विज्ञापन -