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नरेंद्र मोदी और अमित शाह को EC ने दी क्लिनचिट, आचार संहिता का उल्लंघन नहीं

नरेंद्र मोदी को अब तक निर्वाचन आयोग की ओर से पाँच मामलों में क्लिनचिट मिल चुकी है। आयोग का मानना है कि सभी मामलों में किसी भी तरह से मौजूदा प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ।

शुक्रवार (मई 4, 2019) को चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आचार संहिता उल्लंघन के 2 मामलों में क्लिनचिट दे दी है। प्रधानमंत्री के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को भी नागपुर में दिए भाषण पर क्लिनचिट मिली है। वहीं दूसरी ओर राहुल गाँधी को आचार संहिता उल्लंघन मामले में जवाब दाखिल करने की मोहलत बढ़ा दी गई है।

कुछ दिन पहले नरेंद्र मोदी पर वाराणसी और नांदेड़ में दिए चुनावी भाषणों को लेकर शिकायत दर्ज़ हुई थी जिसपर निर्वाचन आयोग का अपना फैसला आया है। आयोग के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वाराणसी में दिए भाषण में किसी भी प्रकार से आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया था और न ही नांदेड़ में उनकी टिप्पणियों में आयोग ने कुछ गलत पाया। बता दें कि नांदेड़ में पीएम ने कॉन्ग्रेस को ‘डूबता टाइटैनिक जहाज’ बताया था और वाराणसी में उन्होंने एक रैली को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सुरक्षा पर बल दिया था और कहा था कि नया भारत आतंकवाद का मुँहतोड़ जवाब देता है।

नरेंद्र मोदी को अब तक निर्वाचन आयोग की ओर से पाँच मामलों में क्लिनचिट मिल चुकी है। खबरों के अनुसार आयोग ने कहा कि शिकायत आने के बाद मामले की विस्तृत जाँच की गई है। आयोग का मानना है कि इन मामलों में किसी भी तरह से मौजूदा प्रावधानों का उल्लंघन नहीं हुआ।

वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के ख़िलाफ़ भी 22 अप्रैल को पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की गई थी। यह शिकायत कॉन्ग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला द्वारा की गई थी। इस मामले में भी अमित शाह को आयोग ने क्लिन चिट दे दी है।

इसके अलावा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी पर भी 23 अप्रैल को मध्यप्रदेश के शाहडोल में आचार संहित उल्लंघन का आरोप लगा था, जिसपर आयोग ने 1 मई को नोटिस जारी करते हुए 48 घंटे के भीतर जवाब माँगा था। आयोग ने यह समय सीमा 7 मई तक बढ़ा दी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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