Homeराजनीति'फारूक साहब और महबूबा से बड़ा राष्ट्रभक्त कोई नहीं' : बोले राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत...

‘फारूक साहब और महबूबा से बड़ा राष्ट्रभक्त कोई नहीं’ : बोले राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा, PM मोदी को बताया था देश बर्बाद करने वाला

यशवंत सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर में कहा, "हमारे जो भी लोग यहाँ बैठे हैं, फारूक साहब और महबूबा जी को मिला कर…इनसे बड़ा कोई राष्ट्रभक्त नहीं है। अगर ये राष्ट्रवादी नहीं हैं तो फिर देश में कोई राष्ट्रभक्त नहीं है।"

राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने हाल में जम्मू-कश्मीर में अपनी बैठक की। इस बैठक में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान सिन्हा ने फारूक अब्दुल्ला समेत बैठक में शामिल तमाम नेताओं को देश का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताया।

उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे जो भी लोग यहाँ बैठे हैं, फारूक साहब और महबूबा जी को मिला कर…इनसे बड़ा कोई राष्ट्रभक्त नहीं है। अगर ये राष्ट्रवादी नहीं हैं तो फिर देश में कोई राष्ट्रभक्त नहीं है।”

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब यशवंत सिन्हा ने नेशनल कॉन्ग्रेस के फारूक अब्दुल्ला को देश का सबसे बड़ा राष्ट्रभक्त बताया हो, पहले भी यशवंत सिन्हा ने खुलकर कहा हुआ है कि फारूक अब्दुल्ला प्रधानमंत्री मोदी से ज्यादा बड़े राष्ट्र भक्त हैं।

साल 2019 में जब अनुच्छेद 370 को हटाने के दौरान सुरक्षा लिहाज से फारूक अब्दुल्ला को हाउस अरेस्ट किया गया था उस समय भी यशवंत सिन्हा ने एक ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में सिन्हा ने कहा था, “ये दुर्भाग्य है कि फारूक अब्दुल्ला की हिरासत को 3 महीने बढ़ा दिया गया। वो निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से बड़े राष्ट्रवादी हैं जो हमारे देश को बर्बाद करने पर तुले हैं और फिर भी बाहर हैं। MODI का मतलब है- मैन हू डिस्ट्रॉयड इंडिया (वह व्यक्ति जो भारत को बर्बाद कर दे।)”

उल्लेखनीय है कि विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यशवंत सिन्हा विपक्ष के नेताओं के साथ लगातार अपनी बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने श्रीनगर में हुई अपनी इस बैठक से पहले कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से उनके संवैधानिक अधिकार चुराए गए हैं। इसके बाद उन्होंने बैठक की जानकारी दी।

बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति निर्वाचित हुए तो उनकी प्राथमिकताओं में से एक चीज ये होगी कि वो कश्मीर मुद्दे को स्थायी रूप से हल करने और शांति, न्याय, लोकतंत्र, समान स्थिति बहाल करने के लिए सरकार से आग्रह करेंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -