मुस्लिमों के लिए ‘नमाज़ रूम’ का वादा: नायडू ने प्रचार के लिए J&K से फ़ारूक़ अब्दुल्ला को बुलाया

आंध्र के कडपा ज़िले के 32% और कुर्नूल के 16% मुसलमान जनसंख्या को लुभाने की जुगत में लगे नायडू ने रैली की। इस दौरान केंद्र की वर्तमान राजग सरकार को मुस्लिम विरोधी बताने के साथ-साथ उन्होंने मुस्लिमों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी।

आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू अपने सभी दाँव खेल रहे हैं। साम, दाम, भय और भेद की राजनीति के पुराने खिलाड़ी नायडू को शायद इस बार अपने क़िले में सेंध लगती दिख रही है। तभी तो उन्होंने हज़ारों किलोमीटर दूर श्रीनगर से फ़ारूक़ अब्दुल्ला को प्रचार के लिए बुलाया है। फ़ारूक़ अब्दुल्ला ख़ुद को पूरे भारत के मुस्लिमों का चेहरा मानते हैं और शायद इसीलिए विपक्षी गठबंधनों व खेमों में उन्हें ख़ास इज़्ज़त दी जाती है। चाहे केजरीवाल का धरना हो, ममता बनर्जी का शक्ति प्रदर्शन हो, अशोक गहलोत का शपथ ग्रहण समारोह हो या विपक्षी एकता दिखाने की जुगत हो, फ़ारूक़ अब्दुल्ला इन सभी कार्यक्रमों में उपस्थिति दर्ज कराते हैं। हालाँकि, कश्मीर से बाहर उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस की उपस्थिति नगण्य है लेकिन फिर भी दिल्ली की राजनीति में उनकी ख़ासी दिलचस्पी है।

‘द हिन्दू’ में प्रकाशित एक ख़बर के अनुसार, आंध्र के कडपा और कुर्नूल ज़िले में मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए नायडू ने रैली की। इस दौरान केंद्र की वर्तमान राजग सरकार को मुस्लिम विरोधी बताने के साथ-साथ उन्होंने मुस्लिमों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी। कडपा के 32% व कुर्नूल के 16% मुसलमान जनसंख्या को लुभाने की जुगत में लगे नायडू को पता है कि ये बहुत बड़ा आँकड़ा है और इनकी बदौलत वह इस क्षेत्र में अच्छी बढ़त हासिल कर सकते हैं। कडपा ज़िले की लगभग एक तिहाई जनसंख्या मुस्लिम है। शायद इसीलिए, जम्मू कश्मीर से फ़ारूक़ अब्दुल्ला को बुलाकर वहाँ घुमाया जा रहा है।

चंद्रबाबू नायडू कुछ महीनों पहले तक राजग का हिस्सा थे। मुस्लिमों के मन से इस याद को साफ़ करने का प्रयास कर रहे नायडू के लिए जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फ़ारूक़ से अच्छा मुस्लिम चेहरा कहाँ मिलता? उन्होंने मुस्लिमों के लिए जिन घोषणाओं की झड़ी लगाई, जरा उनके बारे में भी जानिए। उन्होंने मुस्लिमों के लिए निम्नलिखित घोषणाएँ की:

  • इमामों के प्रशिक्षण के लिए कॉलेज स्थापित किया जाएगा
  • नमाज़ पढ़ने के लिए 50 स्क्वायर यार्ड का नमाज़ रूम बनवाया जाएगा
  • ‘Almaspet Circle’ का नाम बदल कर टीपू सुल्तान के नाम पर कर दिया जाएगा
  • अमीन पीर दरगाह को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा
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मुस्लिमों को बरगलाने के लिए चंद्रबाबू नायडू ने पाकिस्तान पर भारतीय वायुसेना द्वारा की गई एयर स्ट्राइक और राम मंदिर मुद्दे का भी सहारा लिया। मुख्यमंत्री नायडू ने इन्हें भाजपा का चुनावी स्टंट बताया। इतना ही नहीं, मुस्लिमों को लुभाने के लिए उन्होंने भाजपा सरकार पर कई आरोपों की झड़ी लगाई। उनकी घोषणाओं के बारे में जानने के बाद उनके आरोपों को भी देखिए:

  • राजग सरकार के आने के बाद से ही मुस्लिम ख़ुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं
  • लोगों के खाने की चॉइस पर हमला किया जा रहा है
  • अल्पसंख्यकों को उनकी धार्मिक क्रियाएँ नहीं करने दी जा रही हैं
  • तीन तलाक़ बिल से मुस्लिमों को डराया जा रहा है

टीडीपी सुप्रीमो यहीं नहीं रुके। उन्होंने मुसलमानों को लुभाने के लिए पिछले दो दशकों से भाजपा विरोधी पार्टियों के सबसे बड़े मुद्दे गुजरात दंगों को भी बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि गुजरात दंगों के दौरान 2500 मुस्लिम मारे गए थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहार वाजपेयी के साथ ख़ुद को जोड़ते हुए कहा कि वो और अटलजी, दोनों ही पहले ऐसे नेता थे, जिन्होंने गुजरात के मुख्यमंत्री पद से नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की माँग की थी। उन्होंने दावा किया कि यही कारण है जिससे नरेंद्र मोदी उनके और उनके राज्य से प्रतिशोध ले रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर पर निशाना साधते हुए उनका समर्थन करने वालों को गद्दार बताया। उनका इशारा आंध्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जगन मोहन रेड्डी और उनकी पार्टी वाईएसआर कॉन्ग्रेस की तरफ था। ‘द न्यूज़ मिनट’ के अनुसार, फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने तो दो क़दम और आगे बढ़ते हुए दावा किया कि आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी की मृत्यु के बाद जगन ख़ुद को सीएम बनाने के लिए कॉन्ग्रेस के आला नेताओं को घूस देने के लिए भी तैयार थे। उन्होंने दावा किया कि जगन ने उनके पास आकर ख़ुद को सीएम बनाने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं को 1500 करोड़ रुपए घूस देने का वादा किया था। उन्होंने कहा कि जगन को वोट करने का अर्थ हुआ मोदी को वोट करना।

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