Homeराजनीतिअर्थव्यवस्था में सुधार के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उठाए कई जरूरी कदम

अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उठाए कई जरूरी कदम

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में हैं। दुनिया के मुकाबले भारत में किसी भी तरह का बुरा हाल नहीं है। पुरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। कई संस्थाओं का कहना है कि ग्लोबल डिमांड कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, अमेरिका और जर्मनी में यील्ड कर्व्स उल्टा हो गया है। इससे यह साफ पता चल रहा है कि इन देशों में उपभोग घट गया है।

केन्द्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि पूरी दुनिया के मुकाबले भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर है। केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक डिमांड में कमी आई है और भारत में आर्थिक मंदी की बात को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों की तुलना में भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर कर रही है।

आज शेयर बाजार में गिरावट और अर्थव्यवस्था में मंदी को लेकर चल रही ख़बरों के संदर्भ में निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेन्स की। इसे लेकर उन्होंने कई ऐलान किए।

बैंकों को 70 हजार करोड़ रूपए जारी किए जाएँगे

वित्त मंत्री ने कहा कि बाजार में लिक्विडिटी (आर्थिक तरलता) बढ़ाने के लिए पब्लिक सेक्टर बैंकों को 70 हजार करोड़ रुपए जारी किए जाएँगे। संपत्तियां गिरवी रखकर कर्ज लेने वाले लोन चुकाने के बाद परेशान न हों, इसके लिए बैंकों को आवश्यक रूप से लोन क्लोजर के 15 दिन में दस्तावेज लौटाने होंगे।

उन्होंने कहा- “हमारी सरकार ने 2014 के बाद से अपने एजेंडे में रिफॉर्म को सबसे ऊपर रखा है, हम रिफॉर्म की गति बनाए हुए हैं, चाहे वो सेल्फ सर्टिफिकेशन से संबंधित हो, श्रम सुधार या पर्यावरणीय मंजूरी के बारे में हो।”

उन्होंने बताया कि बैंकों ने इंटरेस्ट रेट लिंक करने के लिए सहमति व्यक्त की है, इससे आवास एवं वाहन ऋण और अन्य खुदरा ऋणों के लिए EMI कम हो जाएगी।

टैक्स के मोर्चे पर बदलाव

निर्मला सीतारमण ने कहा, सभी टैक्स असेसमेंट का काम तीन महीने के भीतर पूरा किया जाएगा। स्टार्टअप रजिस्टर्ड कराने के दौरान इनकम टैक्स का सेक्शन 56 2(b) लागू नहीं होगा। इसके साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स के लिए एँजेल टैक्स खत्म कर दिया है।

वित्त मंत्री ने कहा कि चीन और अमेरिका में व्यापार युद्ध का असर देखने को मिल रहा है। विश्व भर की सभी जीडीपी की ग्रोथ इस साल 3.2% रहने की संभावना है, और इसमें भी गिरावट हो सकती है। 

वित्तमंत्री ने कहा कि GST को आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। विजयादशमी से टैक्स विवाद दूर होंगे। इस दिन से लोगों के पास किसी तरह का कोई अधिकारी पूछताछ नहीं करने आएगा। इसके साथ ही सरकार टैक्स और लेबर कानून में भी सुधार जारी हैं।

सबसे ऊपर है ग्रोथ का एजेंडा

वित्त मंत्री ने कहा- “हम प्री-फिल्ड आईटी रिटर्न की तरफ बढ़ रहे हैं। हमारी अर्थव्यवस्था का मोमेंटम खत्म नहीं हुआ है। हमारे लिए ग्रोथ का एजेंडा सबसे ऊपर है। इसके साथ ही ESIC मे भी राहत का ऐलान किया है। अधिग्रहण-विलय के लिए आसानी से अनुमति मिल रही है। इसके साथ ही डिफरेंशियल वोटिंग राइट्स में भी संशोधन किया गया है।”

निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बेहतर हालत में हैं। दुनिया के मुकाबले भारत में किसी भी तरह का बुरा हाल नहीं है। पुरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है। कई संस्थाओं का कहना है कि ग्लोबल डिमांड कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा, अमेरिका और जर्मनी में यील्ड कर्व्स उल्टा हो गया है। इससे यह साफ पता चल रहा है कि इन देशों में उपभोग घट गया है।

इसके अलावा वित्त मंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेन्स की कुछ महत्वपूर्ण बातें-

  • भारत में व्यापार करना आसान हुआ। टैक्स का निपटारा बिना आमने-सामने बैठे। वन टाइम लोन सेटलमेंट के लिए चेक बाक्स सिस्टम। अर्थव्यवस्था की बेहतरी के लिए अगले हफ्ते सरकार कुछ और घोषणाएँ करेगी।
  • टैक्स और लेबर कानून में लगातार सुधार कर रहे हैं। रेपो रेट से जुड़ेंगी ब्याज दरें, होम कार लोन सस्ते होंगे। लोन सेटलमेंट की शर्तें आसान हुईं।
  • कारपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) नियमों के उल्लंघन को दिवानी मामले की तरह देखा जाएगा, इसे आपराधिक मामलों की श्रेणी में नहीं रखा जाएगा। हाउसिंग फाइनेंस कम्पनियों के लिए 30000 करोड़ रुपए और एनबीएफसी केवाईसी के लिए आधार का उपयोग करेंगे।
  • हम जीएसटी को और आसान बनाएँगे। सभी देश मंदी का सामना कर रहे हैं। माँग बढ़ाने के लिए सरकारी  विभाग पुरानी गाड़ियों के बदले नई गाड़ियाँ खरीद सकेंगे। सरकार स्क्रैपेज पालिसी पर विचार करेंगी, उम्मीद है जल्द इस पर फैसला होगा।
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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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