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‘एक ने अंग्रेजों के सामने सिर झुका दिया, दूसरे ने चाइना के सामने’ – झूठ फैलाने पर AAP नेता पर FIR

"अमित मिश्रा ने ऐसा ट्वीट कर न सिर्फ पीएम की गरिमा को बदनाम किया है बल्कि उन्होंने वीर सावरकर को मानने वाले लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाया है। प्रधानमंत्री की फ़ोटो को फोटोशॉप करके चीन के प्रधानमंत्री के सामने झुका कर उन्होंने भारतीय सेना का सम्मान करने वाले लोगों की भावनाओं को भी तकलीफ पहुँचाने का काम किया है।"

प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षाबलों और वीर सावरकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पदाधिकारी अमित मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह एफआईआर बीजेपी के प्रवक्ता सुरेश नखुआ की शिकायत पर मुंबई में दर्ज कराई गई।

बता दें कि आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी अमित मिश्रा ने 20 जून, 2020 को अपने ट्विटर एकाउंट से एक ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को चीन के प्रधानमंत्री के सामने सिर झुकाते हुए वाला फोटो (जबकि यह फोटो ही फेक है, फोटोशॉप्ड है) लगाया था। साथ ही उन्होंने वीर सावरकर की फ़ोटो को भी लगाया। यह ट्वीट उन्होंने तब किया जब चीन के साथ हुए हिंसक झड़प में भारत के 20 जवान वीरगति को प्राप्त हुए थे।

बीजेपी के प्रवक्ता सुरेश नखुआ ने अपनी शिकायत में कहा कि अमित मिश्रा ने ऐसा ट्वीट कर न सिर्फ पीएम की गरिमा को बदनाम किया है बल्कि उन्होंने वीर सावरकर को मानने वाले लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुँचाया है। प्रधानमंत्री की फ़ोटो को फोटोशॉप करके चीन के प्रधानमंत्री के सामने झुका कर उन्होंने भारतीय सेना का सम्मान करने वाले लोगों के भावनाओं को भी तकलीफ पहुँचाने का काम किया है।

नखुआ ने कहा कि मिश्रा द्वारा पोस्ट किए गए ऐसे ट्वीट के लिए उनके एकाउंट को सस्पेंड किया जाए। और इस पर संज्ञान लेते हुए जल्द से जल्द कार्रवाई हो।

दरअसल इस ट्वीट ने न सिर्फ उन्होंने देश के प्रधानमंत्री को बदनाम किया बल्कि सैनिकों द्वारा देश की रक्षा में बलिदान हुए सैनिकों का भी अपमान किया है। इस ट्वीट में उन्होंने वीर सावरकर और प्रधानमंत्री के लिए लिखा, “एक ने अंग्रेजों के सामने सर झुका दिया था और दूसरे ने चाइना के सामने…” इस विवादित ट्वीट पर सोशल मीडिया यूज़र्स ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की थी।

अमित मिश्रा आम आदमी पार्टी में 2008 से आरटीआई एक्टिविस्ट हैं। और यह उनका कोई पहला विवादित ट्वीट नहीं है। आए दिन वे इस तरह कई विवादित टिप्पणियाँ अपने एकाउंट पर पोस्ट करते रहते हैं।

गौरतलब है कि जहाँ एक तरफ पूरा देश सैनिकों के बलिदान को पर गम और गुस्से में है, वहीं AAP के पदाधिकारी द्वारा इस तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरक़त से उन्होंने सिर्फ़ घटिया राजनीति ही नहीं की बल्कि देश के सम्मान को भी ठेस पहुँचाया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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