Monday, August 2, 2021
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कोई ऐसा देश बताइए जो कहता हो कि दुनिया के हर व्यक्ति का स्वागत है: CAA पर विदेश मंत्री एस जयशंकर

"हमने देश में शरणार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश की है। इसकी सराहना होनी चाहिए। हर कोई नागरिकता को एक संदर्भ में देखता है, मुझे कोई भी ऐसा देश बताइए जो कहता हो कि दुनिया के हर व्यक्ति का वहाँ स्वागत है।"

देश के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर भारत की आलोचना करने वालों पर निशाना साधते हुए शनिवार (मार्च 07, 2020) को कहा कि दुनिया में कोई भी ऐसा देश नहीं है, जो कहे कि उसके यहाँ हर किसी का स्वागत है।

दिल्ली में आयोजित ग्लोबल बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, “मैं आज इस बात को बहुत विश्वास के साथ कह सकता हूँ कि अगर आप किसी भारतीय दूतावास में जाते हैं, तो वहाँ आपका स्वागत ऐसा होगा जिससे कि आप प्रभावित हुए बिना नहीं रह सकेंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक नए मुकाम पर ले जाना चाहते हैं जो पहले नहीं था।”

एस जयशंकर से जब सवाल पूछा गया कि क्या भारत वैश्विक स्तर पर दोस्त खो रहा है? इस पर उन्होंने जवाब देते हुए कहा, “शायद अब देश समझ रहा है कि हमारे असली दोस्त कौन हैं।”

विदेश मंत्री ने कहा, “एक ऐसा समय था जब भारत बहुत रक्षात्मक था, हमारी क्षमताएँ कम थीं, जोखिम अधिक थे, खतरे ज्यादा थे, इसलिए हमने दुनिया को संभालने की रणनीति अपनाई लेकिन उससे दूर रहे। हम ऐसा आगे नहीं कर सकते। हम दुनिया की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। अब दुनिया का स्वरूप बदल गया है।”

ग्लोबल समिट के दौरान जब जयशंकर से पूछा गया कि क्या भारत सीएए पर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पाया है या गलत समझा जा रहा है? इस पर विदेश मंत्री ने जवाब दिया, “मीडिया के बाहर भी दुनिया के कुछ वर्ग हैं। मैंने सरकारों से बात की है। मैं ब्रसेल्स में था जहाँ मैंने एक कमरे में 27 विदेश मंत्रियों के साथ बात की। हम सीएए को लेकर इस नतीजे पर पहुँचे कि यह किसी का मामला नहीं है कि सरकार और संसद के पास नागरिकता की शर्तें निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है। हमने देश में शरणार्थियों की संख्या कम करने की कोशिश की है। इसकी सराहना होनी चाहिए। हर कोई नागरिकता को एक संदर्भ में देखता है, मुझे कोई भी ऐसा देश बताइए जो कहता हो कि दुनिया के हर व्यक्ति का वहाँ स्वागत है।”

विदेश मंत्री से जब कहा गया कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के निदेशक आपसे (CAA पर) सहमत नहीं दिखते तो उन्होंने कहा, “हो सकता है। वह पहले भी गलत रही हैं। मैंने जम्मू-कश्मीर पर इस संस्था की रिपोर्ट देखी है। जिसमें बहुत ही सावधानीपूर्वक यह बताया गया है कि देश सीमापार की आतंकवादी गतिविधियों की वजह से प्रभावित हो रहा है।”

एस जयशंकर का पूरा सम्बोधन इस लिंक पर देख सकते हैं-

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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