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भारत आते ही ‘सेलुलर जेल’ पहुँचा G-20 प्रतिनिधिमंडल, वीर सावरकर ने गुजारे थे यहाँ जिंदगी के 10 साल

G-20 बैठक के लिए भारत आए प्रतिनिधियों में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस, रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव, जर्मन दूत डॉ. पी एकरमैन और भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफारेल शामिल हैं।

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में स्थित हैवलॉक द्वीप में आज (26 नवंबर 2022) G-20 बैठक हो रही है। इस बैठक के लिए कई देशों के प्रतिनिधि 25 नवंबर को पोर्ट ब्लेयर पहुँचे जहाँ उनका स्वागत जोर-शोर से हुआ।

जी-20 बैठक से एक दिन पहले हर देश के प्रतिनिधि मंडल ने नेशनल मेमोरियल सेलुलर जेल का दौरा किया। ये वही जेल है जहाँ अंग्रेज कभी उन लोगों को रखते थे जिनसे उन्हें खतरा लगता था। इस जेल में विनायक दामोदर सावरकर (वीर सावरकर) ने अपनी जिंदगी के करीबन 10 साल जेल में बिताए थे।

जानकारी के मुताबिक G20 बैठक के लिए भारत आए प्रतिनिधियों में भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस, रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव, जर्मन दूत डॉ. पी एकरमैन और भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओफारेल शामिल हैं।

पीटीआई से बात करते हुए सांसद कुलदीप राय शर्मा ने इस संबंध में कहा था, “अंडमान के लोग इस आयोजन के लिए उत्साहित हैं, और प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत करने के लिए कमर कस रहे हैं। जहाँ तक ​​पर्यटन का संबंध है, यह न केवल हमारे खूबसूरत द्वीपों को वैश्विक मानचित्र पर लाएगा, बल्कि इससे कई विकासात्मक परियोजनाएँ भी शुरू होंगी।”

उन्होंने कहा था, “हमने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया था कि कम से कम एक बैठक वो अंडमान में रखें। अब यह देख खुश हूँ कि ऐसा हुआ।”

उल्लेखनीय है कि बाली में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान इंडोनेशिया ने आने वाले वर्ष के लिए जी-20 की अध्यक्षता का जिम्मा भारत को दिया था। इस जिम्मेदारी के मिलने के बाद भारत आने वाले एक साल में भारत 200 बैठकों की अध्यक्षता करेगा।

पीएम मोदी ने इससे पहले बैठक को लेकर कहा था, “विश्व जी-20 की तरफ आशा की नजर से देख रहा है। मैं यह आश्वासन देना चाहता हूँ कि भारत की जी-20 अध्यक्षता समावेशी, महत्वाकाँक्षी, निर्णायक और क्रिया-उन्मुख होगी।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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