Homeराजनीतिशेर मोदी के सामने राहुल पिल्ले की तरह नजर आते हैं: भाजपा नेता के...

शेर मोदी के सामने राहुल पिल्ले की तरह नजर आते हैं: भाजपा नेता के बेहूदे शब्द

वसावा फिलहाल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वसावा से पहले गुजरात के बीजेपी विधायक रमेश कटारा का भी एक विवादित बयान चर्चा का विषय बना था।

आचार संहिता के कड़े आदेश के बावजूद भी राजनीतिक दलों के नेताओं की बदजुबानी थमती नजर नहीं आ रही है। चुनाव प्रचार के दौरान बेहूदा बयानबाजी कर के चर्चा में आना बेहद आम बात हो गई है। चुनावी रैलियों में आजम खान जैसे नेता महिलाओं तक को अपनी भद्दी भाषा का निशाना बनाते हुए आपत्तिजनक बयान देने के कारण चुनाव आयोग द्वारा 72 घंटे का प्रतिबन्ध भुगत चुके हैं।

ताजा प्रकरण गुजरात का है, जहाँ BJP मंत्री गणपत वसावा ने कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया है। मंत्री जी ने अपने चुनावी भाषण के दौरान कहा, “जब देश के PM नरेंद्र मोदी खड़े होते हैं तो गुजरात के शेर की तरह लगते हैं, वहीं जब कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी खड़े होते हैं तो पिल्ले की तरह नजर आते हैं। गुजरात सरकार में मंत्री गणपत वसावा यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा कि अगर पाकिस्तान और चीन उन्हें रोटी दे तो वह वहाँ चले जाएँगे।

चुनावों में बदजुबानी को लेकर चुनाव आयोग सख्त है इसके बाद भी इस प्रकार की छींटाकशी रूकती नहीं नजर आ रही हैं। देखा जाए तो हर बड़े और छोटे राजनीतिक दल ने इसे लोकप्रियता का तरीका बना लिया है।

वसावा फिलहाल गुजरात की विजय रुपाणी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं। वसावा से पहले गुजरात के बीजेपी विधायक रमेश कटारा का भी एक विवादित बयान चर्चा का विषय बना था। कटारा का जो विडियो सोशल साइट्स पर वायरल हुआ था उसमें वह मतदाताओं को धमकाते दिखे थे। कटारा के इस बयान के बाद चुनाव आयोग की ओर से उन्हें एक नोटिस भी जारी किया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बेचे जाने और लीज पर देने का अंतर भूल बैठे हैं अखिलेश यादव, JPNIC ‘बिक गया’ या सिर्फ लीज पर गया? सपा प्रमुख के...

JPNIC विवाद में अखिलेश यादव के ‘बेचने’ के आरोप की पड़ताल पर जानिए योगी सरकार का लीज मॉडल, CAG की आपत्तियां और 265 करोड़ से 865 करोड़ तक कैसे पहुँचा प्रोजेक्ट।

UP में तेजी से बढ़ रही है ‘गो-इकोनॉमी’, दूध के साथ-साथ गोमूत्र भी बन रहा है रोजगार का साधन: शैम्पू, साबुन और ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर...

सवाल उनसे है जो गाय, गोबर और गौमूत्र का नाम सुनते ही मजाक बनाने लगते हैं- जब यही व्यवस्था किसान का खर्च घटाकर उसकी आय बढ़ा रही है और तो उपहास किस बात का है?
- विज्ञापन -