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कॉन्ग्रेसी मुख्यमंत्री ने आग लगाने का किया बचाव, कहा – ‘हमारे पास ट्रैक्टर है, हम उसे आग लगाना चाहते हैं तो क्या परेशानी है’

“अगर मेरे पास ट्रैक्टर है और मैं उसे आग के हवाले कर दे रहा हूँ। इस बात से कोई दूसरा या तीसरा व्यक्ति क्यों परेशान हो रहा है।”

आज ही (28 सितंबर 2020) लगभग कुछ घंटे पहले पंजाब यूथ कॉन्ग्रेस के कई कार्यकर्ताओं ने कृषि सुधार बिल को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी दिल्ली में हुए इस प्रदर्शन के दौरान इंडिया गेट के पास ट्रैक्टर भी जलाए गए।

इस घटना पर पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस हरकत का बचाव करते हुए बयान दिया कि अगर कोई अपना ट्रैक्टर जला रहा है तो इसमें क्या परेशानी है? पंजाब CM अमरिंदर सिंह ने बयान देते हुए कहा, “अगर मेरे पास ट्रैक्टर है और मैं उसे आग के हवाले कर दे रहा हूँ। इस बात से कोई दूसरा या तीसरा व्यक्ति क्यों परेशान हो रहा है।”

उन्होंने मोदी सरकार द्वारा लाए गए कृषि सुधार विधेयक का शुरुआत से ही विरोध किया था। इसके बाद उन्होंने कहा कि ज़रूरत पड़ी तो राज्य सरकार इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी। 

यह भी उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह संसद सत्र के दौरान तीनों कृषि विधेयकों के विरोध में धरने-प्रदर्शन पर भी बैठे थे। जब से मोदी सरकार ने इन तीनों विधयकों में संसद के दोनों सदनों से पारित करवाया है और राष्ट्रपति ने इस पर मोहर लगाई है, तब से कॉन्ग्रेस लगातार इस मामले में झूठी और भ्रामक ख़बरें फैला रही है। 

आज ही विरोध प्रदर्शन के नाम पर दिल्ली के इंडिया गेट पहुँचे पंजाब यूथ कॉन्ग्रेस के नेताओं ने एक ट्रैक्टर पलटा और आग के हवाले कर दिया था। इन नेताओं ने उस छोटे ट्रैक्टर को एक ट्रक में डाल कर लाया था, जिसके बाद उसे सड़क पर डाल कर उसमें आग जला दी गई। साथ ही कॉन्ग्रेस कार्यकर्त्ता जलते हुए ट्रैक्टर के पास ‘भगत सिंह अमर रहें’ के नारे भी लगा रहे थे। 

पीली पगड़ी व दुपट्टे के साथ पहुँचे कॉन्ग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन के दौरान भगत सिंह की तस्वीरें भी लहराईं। जैसे ही ट्रैक्टर जलाने की सूचना मिली, पुलिस की एक टीम को घटनास्थल पर रवाना किया गया। साथ ही फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुँची, जिसने आग को बुझाने में सफलता पाई।

ये घटना राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा तीनों कृषि बिलों को मंजूरी देने के 1 दिन बाद हुई। 18 विपक्षी पार्टियों ने राष्ट्रपति को उन बिलों पर हस्ताक्षर न करने की अपील की थी। मोदी सरकार ने विपक्ष के शोरगुल के बीच सितम्बर 20, 2020 को राज्यसभा में इन्हें पास कराया था। इंडिया गेट पर ट्रैक्टर जलाने के दौरान वहाँ 20 से अधिक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। ये घटना सोमवार (सितम्बर 28, 2020) की सुबह हुई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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