‘…वरना मैं एक सेकंड में दिल्ली BJP ऑफिस और तुम्हारे घरों पर कब्ज़ा कर सकती हूँ’

"अमित शाह इतने असभ्य हैं कि उन्होंने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी। वो सभी बाहरी लोग हैं। भाजपा मतदान वाले दिन के लिए उन्हें लाई है।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को लेकर एक बार फिर से आग उगला है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान हुई हिंसा के बाद बंगाल में सियासी पारा काफ़ी गर्म हो गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की बैठक भी बुलाई। ममता बनर्जी ने भाजपा पर सख्त तेवर अपनाते हुए पार्टी को कड़ी चेतावनी दी है। ममता ने भाजपा पर प्रहार करते हुए कहा, “तुम लोगों का नसीब अच्छा है कि मैं यहाँ शांत बैठी हूँ वरना तो मैं एक सेकंड में दिल्ली में भाजपा दफ्तर और तुम्हारे घरों पर कब्ज़ा कर सकती हूँ। अमित शाह क्या भगवान हैं, जो उनके ख़िलाफ़ कोई प्रदर्शन नहीं कर सकता है?

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब आधी रात को दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा समेत कई भाजपा नेताओं को कोलकाता से गिरफ़्तार कर लिया गया है। रात के ढाई-तीन बजे हुई इस कार्रवाई में अमित शाह के रोड शो में भाग लेने व चुनाव प्रचार करने गए भाजपा नेताओं को उठा लिया गया। भाजपा आईटी सेल के अध्यक्ष अमित मालवीय ने बताया कि ममता सरकार की इस बड़ी कार्रवाई में बिना किसी क़ानूनी प्रक्रिया का अनुसरण किए और बिना किसी चार्ज के कई भाजपा नेताओं को उठा लिया गया। बंगाल में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की रैली के लिए देश के कई क्षेत्रों से भाजपा नेता कोलकाता में जाकर ठहरे हुए थे। मालवीय ने आरोप लगाया कि कई भाजपा नेता तृणमूल कॉन्ग्रेस की ग़ैर-क़ानूनी हिरासत में हैं।

अमित शाह की रैली में जम कर हंगामा हुआ। तृणमूल समर्थकों द्वारा वाहनों को आग लगा दी गई और रैली को बाधित किया गया। भाजपा का कहना है कि तृणमूल के कार्यकर्ता कलकत्ता विश्वविद्यालय के गेट पर काले झंडे लेकर पहले से ही जमा थे। अमित शाह का रोड शो जैसे ही वहाँ से गुजरा, उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी और काले झंडे दिखाए। तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने सीधा अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा, “अमित शाह इतने असभ्य हैं कि उन्होंने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ दी। वो सभी बाहरी लोग हैं। भाजपा मतदान वाले दिन के लिए उन्हें लाई है।

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इधर ममता बनर्जी पर मीम बनाने वाली भाजपा नेता प्रियंका शर्मा के वकीलों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें काफ़ी समय तक रिहा नहीं किया गया। वकीलों ने सुप्रीम कोर्ट में बात रखी तो अदालत ने कहा कि उन्हें समय पर रिहा न किए जाने को लेकर वे अवमानना नोटिस जारी करेंगे। इसके बाद प्रियंका शर्मा को रिहा किया गया। रिहा होने के बाद उन्होंने तृणमूल सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंगलवार (मई 14, 2019) को ज़मानत मिलने के बावजूद उन्हें 18 घंटे अतिरिक्त जेल में रखा गया। उन्हें उनके परिवार और वकीलों से मिलने की अनुमति नहीं दी गई। प्रियंका ने कहा कि इन सबके अलावा उनसे एक माफ़ीनामा भी हस्ताक्षरित कराया गया।

अमित शाह ने ममता पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पार्टी पूरे देश में चुनाव लड़ रही है जबकि ममता सिर्फ़ बंगाल की 42 सीटों पर। अमित शाह ने पूछा कि 6 चरणों में कहीं और हिंसा क्यों नहीं हुई, बंगाल में ही क्यों हुई, जबकि भाजपा तो सभी राज्यों में चुनाव लड़ रही है।

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