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भारत आने के लिए 1 साल से बेताब अली को सुषमा स्वराज ने दिया सहारा, कहा- ‘हम हैं न’

क्षितिज ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए कहा था कि सैन फ्रांसिस्को का उच्चायोग सत्यापन के लिए मनी ऑर्डर या कैशियर चेक के जरिए भुगतान करने को कहता है। डिजिटलाइजेशन के जमाने में विदेश में भारत सरकार भुगतान के पुराने तरीकों का इस्तेमाल क्यों कर रही है?

इन दिनों विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्विटर पर उनकी सक्रियता के कारण पहचाना जाता है। वे विदेश में रह रहे भारतीय लोगों की समस्याओं को ट्विटर के ज़रिए सुलझाने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। इस बात का हालिया उदाहरण तब देखने को मिला जब सऊदी अरब की राजधानी रियाद में फँसे अली नाम के एक शख्स ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ट्वीट किया और सुषमा ने तुरंत उनको मदद का आश्वासन दिया।

अली ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए लिखा “एक बात बताएँ आप लोग मेरी मदद कर सकते हो या मुझे खुदकुशी कर लेनी चाहिए। लगभग 12 महीनों से मैं दूतावास से गुहार लगा रहा हूँ, लेकिन दूतावास मुझे समझा रहा है। मुझे भारत भिजवा सकते हो तो मेहरबानी होगी क्योंकि मेरे चार बच्चे भी हैं।”

गौरतलब है कि अली पिछले एक साल से भारत आने के लिए परेशान हैं। अली के इस ट्वीट का जवाब देते हुए सुषमा स्वराज ने लिखा है, “खुदकुशी की बात नहीं सोचते हैं। हम हैं न।” सुषमा ने कहा हमारी ऐम्बेसी आपकी पूरी मदद करेगी। इस मामले में उन्होंने रियाद में भारतीय दूतावास से पूरी रिपोर्ट भी माँगी।

इतना ही नहीं सुषमा स्वराज ने एक दूसरे ट्वीट में सैन फ्रांसिस्को में रहने वाले क्षितिज को धन्यवाद किया। दरअसल, क्षितिज ने सुषमा स्वराज को ट्वीट करते हुए कहा था कि सैन फ्रांसिस्को का उच्चायोग सत्यापन के लिए मनी ऑर्डर या कैशियर चेक के जरिए भुगतान करने को कहता है। डिजिटलाइजेशन के जमाने में विदेश में भारत सरकार भुगतान के पुराने तरीकों का इस्तेमाल क्यों कर रही है? क्षितिज ने अपने ट्वीट के जरिए कहा कि कम से कम कार्ड तो स्वीकार कीजिए। भारत में आप करते हैं तो अमेरिका में क्यों नहीं। इस पर सुषमा स्वराज ने उनको रिप्लाई करते हुए कहा कि मामले को उनकी जानकारी में लाने के लिए धन्यवाद।

बता दें कि अभी कुछ समय पहले न्यूज़ीलैंड में मस्जिद पर हुए हमले के दौरान भी असदुद्दीन ओवैसी द्वारा इकबाल नामक व्यक्ति के वीज़ा प्रबंधन की गुहार लगाई थी, जिसके बाद सुषमा स्वराज ने मामले पर तत्काल सक्रियता दिखाई और खुद ओवैसी को उनके प्रयासों से अवगत कराया, इस पर ओवैसी ने ट्वीट करते हुए धन्यवाद भी कहा था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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