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कॉन्ग्रेसी भूल गए थे इंदिरा-राजीव वाला इतिहास, केंद्रीय मंत्री ने दिलाया याद: नए संसद के उद्घाटन पर प्रोपेगेंडा की निकली हवा

न्होंने कॉन्ग्रेस को भी याद दिलाया कि कैसे पार्टी ने नए संसद भवन की आलोचना की थी और साथ ही कहा था कि इसकी कोई ज़रूरत ही नहीं है।

नए संसद भवन को लेकर राहुल गाँधी ने बयान दिया कि प्रधानमंत्री की जगह राष्ट्रपति को इसका उद्घाटन करना चाहिए। अब भाजपा ने इसका करारा जवाब दिया है। केंद्रीय पेट्रोलियाँ एवं नेचुरल गैस और हाउसिंग एन्ड अर्बन अफेयर्स मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार (23 मई, 2023) को याद दिलाया कि कैसे इंदिरा गाँधी ने संसद भवन की एनेक्सी एक्सटेंशन बिल्डिंग और उनके बेटे राजीव गाँधी ने संसद भवन में लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था।

दोनों ही नेताओं ने प्रधानमंत्री रहते उद्घाटन किया था, लेकिन आज यही कॉन्ग्रेस पार्टी कह रही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नए संसद भवन का उद्घाटन करना सही नहीं है। भाजपा नेता हरदीप सिंह पुरी ने पूछा है कि अगर आपकी सरकार रहते सरकार के मुखिया द्वारा उद्घाटन किया जा सकता है तो फिर हमारे समय में क्यों नहीं किया जा सकता? उन्होंने याद दिलाया कि कैसे कई लोगों ने नए संसद भवन की ज़रूरत जताई थी, लेकिन किसी ने इस पर काम शुरू नहीं किया।

उन्होंने कॉन्ग्रेस को भी याद दिलाया कि कैसे पार्टी ने नए संसद भवन की आलोचना की थी और साथ ही कहा था कि इसकी कोई ज़रूरत ही नहीं है। बता दें कि शशि थरूर ने भी संविधान की बात करते हुए दावा किया था कि राष्ट्रपति संसद की मुखिया होती हैं, ऐसे में उन्हें ही इसका उद्घाटन करना चाहिए। बता दें कि दिसंबर 2020 में नए संसद भवन का शिलान्यास हुआ था और हरदीप सिंह पुरी के आवासीय एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा ही इसका निर्माण किया गया है।

सेंट्रल विस्टा को नया रूप देने के क्रम में नए संसद भवन का निर्माण किया गया है, जिसमें संसद की संयुक्त बैठक में 1200 सांसद साथ बैठ सकते हैं। हरदीप सिंह पुरी ने पूछा कि आखिर कॉन्ग्रेस नेता मुस्कुरा कर देश की इस अत्यंत महत्वपूर्ण उपलब्धि में शामिल नहीं हो सकते और महानता की तरफ देश की यात्रा में शामिल नहीं हो सकते? उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लेकर कॉन्ग्रेस नेताओं द्वारा की गई अभद्र टिप्पणियों की भी याद दिलाई।

बता दें कि 24 अक्टूबर, 1975 को इंदिरा गाँधी ने प्रधानमंत्री रहते संसद भवन की एनेक्सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया था। इसी तरह राजीव गाँधी ने अपने पीएम कार्यकाल के दौरान 15 अगस्त, 1987 को पार्लियामेंट लाइब्रेरी का शिलान्यास किया था। बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दावा किया है कि पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को भी नए संसद भवन के उद्घटान समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है। अब भाजपा ने इन आरोपों का करारा जवाब दिया है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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