Monday, April 15, 2024
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एयरसेल मैक्सिस केस: चिदंबरम पिता-पुत्र को सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त तक दी गिरफ़्तारी से राहत

ईडी ने दोनों की अग्रीम जमानत पर दलीलें पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय माँगा है। एजेंसी ने कहा कि उसके निदेशक सिंगापुर गए हुए हैं और जिन बैंक खातों की जाँच चल रही है, उनके बारे में...

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर से पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम और उनके बेटे कार्ति चिदंबरम को गिरफ़्तारी से राहत प्रदान किया है। चिदंबरम पिता-पुत्र की गिरफ़्तारी से राहत की अवधि बढ़ा कर अगस्त तक कर दी गई है। एयरसेल-मैक्सिस केस में अनियमितता के आरोप में दोनों कॉन्ग्रेस नेताओं को सुप्रीम कोर्ट द्वारा कई बार गिरफ़्तारी से राहत प्रदान की जा चुकी है। कार्ति चिदंबरम हाल ही में सांसद बने हैं और उन्होंने शिवगंगा लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ते हुए भाजपा के डी राजा को 3,32,000 से भी अधिक मतों के अंतर से हराया। तमिलनाडु में डीएमके से गठबंधन कर चुनाव लड़ रही कॉन्ग्रेस को 8 सीटें आईं।

चिदंबरम पिता-पुत्र के ख़िलाफ़ सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय जैसी सरकारी एजेंसियाँ जाँच कर रही हैं। दोनों की गिरफ़्तारी से छूट की अवधि 30 मई को समाप्त हो रही थी, जिसे आगे बढ़ने के लिए इन दोनों ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी। गुरुवार (मई 30, 2019) को हुई सुनवाई के दौरान ओपी सैनी ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह अवधि आगे बढ़ा दी। ईडी ने दोनों की अग्रीम जमानत पर दलीलें पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय माँगा है। एजेंसी ने कहा कि उसके निदेशक सिंगापुर गए हुए हैं और जिन बैंक खातों की जाँच चल रही है, उनके बारे में सारी जानकारियाँ उपलब्ध हैं।

इससे पहले छह मई को पी चिदंबरम और कार्ति को दिल्ली की अदालत ने 30 मई तक गिरफ्तारी से छूट प्रदान की थी। एजेंसियों ने अदालत में कहा था कि मामले की पूरी जाँच के लिए उनकी टीमें ब्रिटेन और सिंगापुर गई हुई हैं।

पी. चिदंबरम पर आरोप है कि उन्होंने वित्त मंत्री रहते हुए गलत तरीके से विदेशी निवेश को मंजूरी दी थी। उन्हें 600 करोड़ रुपए तक के निवेश की मंजूरी देने का अधिकार था, लेकिन यह सौदा करीब 3500 करोड़ रुपयों के निवेश का था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपने अलग आरोप पत्र में कहा है कि कार्ति चिदंबरम के पास से मिले उपकरणों में से कई ई-मेल मिली हैं, जिनमें इस सौदे का जिक्र है। इसी मामले में पूर्व टेलिकॉम मंत्री दयानिधि मारन और उनके भाई कलानिधि मारन भी आरोपित हैं। 

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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