Tuesday, September 27, 2022
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इनकम टैक्स विभाग ने सोनिया-राहुल को भेजा ₹100 करोड़ का टैक्स नोटिस

आईटी ने अपनी जाँच में 2011-12 के दौरान राहुल और सोनिया को क्रमश: 155.4 करोड़ और 155 करोड़ रूपए की संपत्ति को छिपाने के लिए दोषी पाया है।

इनकम टैक्स (आईटी) विभाग की तरफ से सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी को कड़ा झटका लगा है। आईटी ने अपनी जाँच में 2011-12 के दौरान राहुल और सोनिया को क्रमश: 155.4 करोड़ और 155 करोड़ रूपए की संपत्ति को छिपाने के लिए दोषी पाया है। यही वजह है कि आईटी ने मूल्यांकन करने के बाद सोनिया गाँधी को 100 करोड़ रूपए का टैक्स नोटिस थमा दिया है। राहुल और सोनिया ने 2011-12 के दौरान जो संपत्ति घोषित की है, उसमें एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड (AJL) से होने वाली कमाई की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को नहीं दी गई है। यही वजह है कि आईटी ने सोनिया के पास 100 करोड़ रूपए का टैक्स नोटिस भेज दिया है।

एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड का मामला क्या है?

नेशनल हेराल्ड के नाम से एक समाचार पत्र का प्रकाशन जवाहर लाल नेहरू ने शुरू किया था। इस समाचार पत्र का मालिकाना हक एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी के पास था। एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड कंपनी के कई सारे दफ्तर अलग-अलग शहरों में है। इन्हीं में से एक दफ़्तर नेशनल हेराल्ड हाउस के नाम से दिल्ली के बहादुर शाह ज़फ़र मार्ग पर स्थित है। करोड़ों के इस इमारत पर अपना एकाधिकार ज़माने के लिए सोनिया और राहुल ने एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड के शेयर को मनमाने कीमत में खरीद लिया।

इस दौरान कंपनी के सभी नियम-कानून को ताक पर रख दिया गया। दरअसल कॉन्ग्रेस ने पहले नेशनल हेराल्ड की खराब वित्तीय अवस्था का हवाला देते हुए एसोसिएट जर्नल्स लिमिटेड को 26 फरवरी, 2011 को 90 करोड़ रुपये का ऋण दिया। इसके बाद पाँच लाख रुपए से ‘यंग इंडिया’ कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है। शेष हिस्सेदारी कॉन्ग्रेस नेता मोती लाल वोरा और ऑस्कर फ़र्नांडिस को दिया गया।

AJL ने 10 रुपये के नौ करोड़ शेयर यंग इंडिया को दे दिए गए और इसके बदले यंग इंडिया को कॉन्ग्रेस का ऋण चुकाना था। नौ करोड़ शेयर के साथ यंग इंडिया को एसोसिएट जर्नल लिमिटेड के 99 प्रतिशत शेयर हासिल हो गए। इस तरह सोनिया और राहुल ने इस घपले से हुई आमदनी का ब्यौरा आईटी को नहीं दिया।

हेराल्ड मामले पर पहले भी कॉन्ग्रेस को झटका लग चुका है

21 दिसंबर 2018 को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने कॉन्ग्रेस को 56 साल पुराने हेराल्ड हाउस को खाली करने का आदेश दिया था। यह हेराल्ड मामले में घिरने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी की सबसे बड़ी हार थी। इसी तरह और हेराल्ड से जुड़े और भी कई मामले में कोर्ट से कॉन्ग्रेस को झटका लग चुका है।  

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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