Tuesday, October 20, 2020
Home राजनीति त्रिशंकु दिख रहे झारखंड का कौन होगा 'दुष्यंत': बाबूलाल मरांडी या सुदेश म​हतो?

त्रिशंकु दिख रहे झारखंड का कौन होगा ‘दुष्यंत’: बाबूलाल मरांडी या सुदेश म​हतो?

त्रिशंकु नतीजे होने पर यह राज्य सियासत का नया पन्ना खोल सकता है। इस स्थिति में जो दो चेहरे बेहद महत्वपूर्ण होंगे वे हैं- राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और उप मुख्यमंत्री रह चुके आजसू प्रमुख सुदेश महतो।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे सोमवार (23 दिसंबर 2019) को आएँगे। नतीजे भाजपा के उस प्रयोग के लिए लिटमस टेस्ट साबित हो सकता है जो उसने 2014 के आम चुनावों की शानदार जीत के बाद शुरू किया था। उस साल महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड के विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा ने मुख्यमंत्री के तौर पर जिन चेहरों को आगे बढ़ाया, वह उन राज्यों की परंपरागत राजनीति से हटकर था। हरियाणा में किसी जाट चेहरे की बजाए मनोहर लाल खट्टर को वरीयता दी। महाराष्ट्र की राजनीति में मराठों का दबदबा होने के बावजूद ब्राह्मण देवेंद्र फडणवीस को आगे बढ़ाया। झारखंड को रघुवर दास के रूप में पहला गैर आदिवासी मुख्यमंत्री दिया।

2019 के आम चुनावों में भाजपा ने 2014 से भी बड़ी जीत हासिल की। लेकिन, इस साल महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव के नतीजे वैसे नहीं आए। हरियाणा में वह बहुमत से दूर रह गई और दुष्यंत चौटाला की जजपा के साथ सरकार चला रही है। महाराष्ट्र में नतीजों के बाद उसे साझेदार शिवसेना ने झटका दे दिया। झारखंड में भी एग्जिट पोल बता रहे हैं कि भाजपा का प्रदर्शन 2014 के मुकाबले कमतर होने जा रहा है।

इसकी वजह क्या है? जैसा कि राजनीतिक विश्लेषक और जन की बात के सीईओ प्रदीप भंडारी ने ऑपइंडिया को बताया- एंटी इंकबेंसी फैक्टर। उन्होंने कहा, “राज्य में एंटी इंकंबेंसी महत्वपूर्ण फैक्टर है। यदि खुद मुख्यमंत्री चुनाव हार जाएँ या बेहद मामूली अंतर से ही जीत पाएँ तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए।” जन की बात के सर्वे के अनुसार भाजपा 22 से 30 सीटें जीत सकती है। झामुमो, कॉन्ग्रेस और राजद गठबंधन को 37 से 46 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

सी-वोटर और एबीपी न्यूज़ के सर्वे में भाजपा को 32 और झामुमो गठबंधन को 35 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। इंडिया टुडे और एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल में भाजपा को 22 से 32 तो जेएमएम की अगुवाई वाले गठबंधन को 38 से 50 सीटों तक मिलने का अनुमान जताया गया है।

एग्जिट पोल से एक चीज तो स्पष्ट है कि भाजपा पर विपक्षी गठबंधन को बढ़त हासिल है। लेकिन, छोटे राज्यों में एक-दो फीसद वोट भी इधर-उधर होने पर अंतिम नतीजे अनुमान से बिल्कुल अलग हो जाते हैं। ऐसी सूरत में किसी एक पक्ष को स्पष्ट बहुमत मिल सकता है। लेकिन इसकी संभावना कम दिखती है, क्योंकि 2014 में भी भाजपा अकेले दम पर 41 सीटें जीतने में सफल नहीं हो पाई थी। उस समय 72 सीटों पर चुनाव लड़कर भाजपा 37 सीटें जीतने में कामयाब रही थी। उसकी सहयोगी आजसू को उस चुनाव में पॉंच सीटे मिली थी। बाद में राज्य के पहले मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी की पार्टी जेवीएम के भी आठ में से छह विधायक भाजपा के साथ आ गए थे। यहॉं गौर करने वाली बात यह है कि 2014 में भाजपा इतनी सीटें तब जीत पाई, जब उसकी स्थिति बेहद मजबूत बताई जा रही थी और विपक्ष को पस्त।

भाजपा के कमजोर होने की सूरत में जिस राजनीतिक हालात की सबसे ज्यादा उम्मीद दिखती है, वह है त्रिशंकु विधानसभा। राज्य का राजनीतिक इतिहास भी इसकी तस्दीक करता है। यही कारण है कि बिहार से अलग होकर अस्तित्व में आया झारखंड 19 साल के सफर में ही राजनीति के इतने मोड़ देख चुका है कि उसकी सियासी चालों पर हमेशा पूरे देश की नजर बनी रहती है। 2000-14 के बीच 9 मुख्यमंत्री और 3 बार राष्ट्रपति शासन देख चुके इस राज्य ने रघुवर दास के तौर पर पहली बार कार्यकाल पूरा करने वाला सीएम देखा है। इस राज्य में निर्दलीय सीएम रह चुका है। अलग राज्य आंदोलन की वजह से ‘गुरुजी’ कहलाने वाले शिबू सोरेन मुख्यमंत्री रहते एक राजनीतिक नौसिखिए से परास्त हो चुके हैं। इस राज्य ने राजनीति का वह थ्रिलर भी देखा है, जब विधायकों को दिल्ली लेकर जा रहे विमान को रोकने के लिए खुद डिप्टी सीएम एयरपोर्ट तक दौड़ गया था।

सो, त्रिशंकु नतीजे होने पर यह राज्य सियासत का नया पन्ना खोल सकता है। इस स्थिति में जो दो चेहरे बेहद महत्वपूर्ण होंगे वे हैं- बाबूलाल मरांडी और राज्य के उप मुख्यमंत्री रह चुके आजसू प्रमुख सुदेश महतो। सी-वोटर के सर्वे में जेवीएम को 3 और आजसू को 5 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। एक्सिस माय इंडिया का पोल जेवीएम को 2 से 4 तो आजसू को 3 से 5 सीटें दे रहा है।

एग्जिट पोल के बाद से ही इन दोनों नेताओं के अगले कदम को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही है। पहले बात आजसू की। रघुवर सरकार में शामिल रही आजसू बात नहीं बनने पर इस बार अकेले चुनावी मैदान में उतरी थी। सुदेश महतो पहले ही कह चुके हैं कि अलग चुनाव लड़ने का मतलब यह नहीं है कि भविष्य में भाजपा के साथ गठबंधन नहीं होगा। वैसे भी झारखंड के सियासत में आजसू ज्यादातर वक्त भाजपा के साथ ही रही है। तो क्या आजसू का समर्थन भाजपा के पक्ष में तय माना जाए? यह इस बात पर निर्भर करेगा कि भाजपा बहुमत से कितनी दूर रहती है। विपक्षी गठबंधन के मजबूत दिखाई पड़ने की सूरत में आजसू उसके साथ भी उसी तरह जा सकती है, जैसे वह निर्दलीय मधु कोड़ा के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हुई थी। उस वक्त पार्टी विधायक चंद्रप्रकाश चौधरी कोड़ा कैबिनेट में मंत्री थे, तो खुद सुदेश विपक्ष में बैठते थे।

किंग मेकर की स्थिति में जो दूसरा शख्स हो सकता है वह हैं, बाबूलाल मरांडी। मरांडी का राजनीतिक सफर भाजपा से ही शुरू हुआ था। रिश्तों में दरार पड़ने के बाद 2006 में उन्होंने अपनी पार्टी जेवीएम बना ली। इसके बाद से ही वे राज्य में भाजपा के विकल्प के तौर पर उभरने की कोशिश में लगे हैं। लेकिन, अब तक कामयाबी नहीं मिल पाई है। वे भाजपा के खिलाफ विपक्ष का व्यापक महागठबंधन बनाने की असफल कोशिश भी कर चुके हैं। अब तक जेवीएम ने जितने भी विधानसभा चुनाव लड़े हैं वह 10 फीसद के करीब वोट लाने में कामयाब रही है। पिछला ​लोकसभा चुनाव जेवीएम ने कॉन्ग्रेस गठबंधन के साथ लड़ा था। लेकिन, सीटों पर पेंच फॅंसने के बाद विधानसभा चुनाव में रास्ते अलग हो गए। मोटे तौर पर अनुमान लगाया जा रहा है कि मरांडी का झुकाव जेएमएम गठबंधन की तरफ हो सकता है। लेकिन, काबिलेगौर यह है कि अब तक ऐसा देखा गया है कि चुनाव के बाद मरांडी की पार्टी के ज्यादातर विधायक भाजपा के साथ चले जाते हैं। इस बार भी ऐसी किसी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

मौजूदा हालातों से ऐसा लगता है कि चुनाव से पहले सुदेश और बाबूलाल भले मनमाफिक समझौते करने में नाकामयाब रहें हो, नतीजों के बाद उनकी लॉटरी लग सकती है। उनका रुख ही तय करेगा कि झारखंड में भी भाजपा को हरियाणा की तरह सत्ता तक पहुॅंचाने वाला ‘दुष्यंत’ मिलेगा या फिर महाराष्ट्र खुद को दोहराएगा!

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

हाथरस में न्याय की लड़ाई का ढोंग करने वाली कॉन्ग्रेस ने पापरी बोस रेप कांड आरोपित प्रवीण कुशवाहा को दिया टिकट

प्रवीण सिंह कुशवाहा 1988 के पापरी बोस कांड रेप आरोपित हैं। प्रवीण सिंह आरोप लगा कि उन्होंने एक डॉक्टर की बेटी पापरी बोस को अगवा कर लिया। अगले दिन जबरन शादी कर ली।

उद्धव ठाकरे सरकार की कोर्ट में स्वीकृति के बाद परमबीर सिंह पर 200 करोड़ की मानहानि का मुकदमा करेगा रिपब्लिक TV

रिपब्लिक टीवी मानहानि का मुकदमा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। अपने ही कमिश्नर के दावों में विरोधाभास पैदा करते हुए मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि एफ़आईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है।

मिलिए भगवान महावीर की अहिंसा पर PHD होल्डर उस बाहुबली नेता से जिसने मुख्तार अंसारी के मर्डर के लिए दी थी ₹50 लाख की...

सुनील पांडेय का एक परिचय यह भी है कि वो पीएचडी हैं। अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाते हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि इन्होंने पीएचडी भगवान महावीर की अहिंसा पर की है।

‘अर्नब गोस्वामी आरोपित नहीं’: बॉम्बे HC ने ‘फेक TRP स्कैम’ में परमबीर को लगाई फटकार, ठाकरे की पुलिस ने छोड़ा कमिश्नर का साथ

फेक टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि रिपब्लिक के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी मामले में आरोपित नहीं हैं।

DD के यूट्यूब चैनल पर 10 लाख से अधिक लोगों ने देखी ‘अयोध्या की रामलीला’ की Live स्ट्रीमिंग

रामलीला के पहले एपिसोड के व्यूज 1 मिलियन यानी लगभग 10 लाख से ज़्यादा हो चुके हैं। जबकि दूसरे एपिसोड के वीडियो को अब तक लगभग 9 लाख से अधिक लोग देख चुके हैं।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

रिपब्लिक टीवी के खिलाफ बड़ी रणनीति तैयार, कोई नहीं रोक सकता बैन होने से: कॉन्ग्रेस नेता ने स्टिंग में किया खुलासा

"उद्धव ठाकरे ने रिपब्लिक टीवी के पीछे पूरी एक टीम लगाई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें कोई दूसरा काम नही करना है। उसे (अर्नब को) समझ आना चाहिए कि वो क्या बोलता है।"

‘अर्नब गोस्वामी आरोपित नहीं’: बॉम्बे HC ने ‘फेक TRP स्कैम’ में परमबीर को लगाई फटकार, ठाकरे की पुलिस ने छोड़ा कमिश्नर का साथ

फेक टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि रिपब्लिक के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी मामले में आरोपित नहीं हैं।

मीट की दुकान का विरोध करने पर पार्षद नफीस ने हिन्दू जागरण मंच के कार्यकर्ता पर किया चाकुओं से हमला

प्रशासन ने तनाव रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया है। परिवार ने नफीस और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ FIR दर्ज कराई।

‘बीच सड़क पर रेप होना चाहिए’: कंगना रनौत के नवरात्रि पोस्ट पर वकील मेहंदी रेजा, बोला – ‘अकाउंट हैक हो गया था’

मेहंदी रेजा ने दावा किया कि उसकी फेसबुक आईडी हैक हो गई थी और उसका प्रयोग करते हुए किसी ने कंगना रनौत पर आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी।

उद्धव ठाकरे सरकार की कोर्ट में स्वीकृति के बाद परमबीर सिंह पर 200 करोड़ की मानहानि का मुकदमा करेगा रिपब्लिक TV

रिपब्लिक टीवी मानहानि का मुकदमा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। अपने ही कमिश्नर के दावों में विरोधाभास पैदा करते हुए मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि एफ़आईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है।
- विज्ञापन -

कोविड मरीजों की खुशी के लिए डॉ. अरुप ने किया जबरदस्त डांस, उनके स्टेप्स के हुए ऋतिक रोशन भी कायल: देखें वीडियो

“डॉक्टर अरुप से कहिए मैं बहुत जल्द उनसे डांस स्टेप्स सीखने वाला हूँ। फिर किसी दिन असम में उनके उनके जैसा बेहतरीन डांस कर पाऊँ। अद्भुत ज़िंदादिली।”

बिना पूरी बात जाने कॉन्ग्रेस और मीडिया ने शुरू कर दी वरुण गाँधी की आलोचना: जानिए कौन था उन्हें कॉल करने वाला व्यक्ति

कॉल करने वाला व्यक्ति कम उम्र के लड़कों को ज़हरीली शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने उसके पास से देसी शराब की 20 बोतलें बरामद की थीं।

ऐसे मुस्लिमों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए, वहीं जाओ जहाँ ऐसी बर्बरता सामान्य है

जिनके लिए शिया भी काफिर हो चुका हो, अहमदिया भी, उनके लिए ईसाई तो सबसे पहला दुश्मन सदियों से रहा है। ये तो वो युद्ध है जो ये बीच में हार गए थे, लेकिन कहा तो यही जाता है कि वो तब तक लड़ते रहेंगे जब तक जीतेंगे नहीं, चाहे सौ साल लगे या हजार।

हाथरस में न्याय की लड़ाई का ढोंग करने वाली कॉन्ग्रेस ने पापरी बोस रेप कांड आरोपित प्रवीण कुशवाहा को दिया टिकट

प्रवीण सिंह कुशवाहा 1988 के पापरी बोस कांड रेप आरोपित हैं। प्रवीण सिंह आरोप लगा कि उन्होंने एक डॉक्टर की बेटी पापरी बोस को अगवा कर लिया। अगले दिन जबरन शादी कर ली।

उद्धव ठाकरे सरकार की कोर्ट में स्वीकृति के बाद परमबीर सिंह पर 200 करोड़ की मानहानि का मुकदमा करेगा रिपब्लिक TV

रिपब्लिक टीवी मानहानि का मुकदमा करने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। अपने ही कमिश्नर के दावों में विरोधाभास पैदा करते हुए मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र सरकार के वकील ने कहा कि एफ़आईआर में रिपब्लिक टीवी का नाम नहीं है।

मिलिए भगवान महावीर की अहिंसा पर PHD होल्डर उस बाहुबली नेता से जिसने मुख्तार अंसारी के मर्डर के लिए दी थी ₹50 लाख की...

सुनील पांडेय का एक परिचय यह भी है कि वो पीएचडी हैं। अपने नाम के आगे डॉक्टर लगाते हैं। हैरानी वाली बात तो यह है कि इन्होंने पीएचडी भगवान महावीर की अहिंसा पर की है।

शिक्षक का गला रेतने के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों के विरुद्ध फ्रांस का सख्त एक्शन: 231 कट्टरपंथी किए जाएँगे देश से बाहर

एफ़एसपीआरटी की रिपोर्ट के अनुसार 231 विदेशी नागरिकों में से 180 कारावास में कैद हैं। इसके अलावा बचे हुए 51 को अगले कुछ घंटों में गिरफ्तार किया जाना था।

कट्टरपंथियों ने दीवार पर चिपकाया गुरुद्वारे की इमारत हटाने का पोस्टर, कहा- पाकिस्तान की पूरी जमीन मुस्लिमों की है

कट्टरपंथियों का दावा है कि शहीद भाई तारू सिंह और सिंह सिंघानिया गुरुद्वारे की जमीन पीर शाह काकू चिश्ती और शहीद गंज मस्जिद के मकबरे से जुड़ी है।

50 पुलिसकर्मियों के बीच बख्तरबंद गाड़ी में पंजाब से यूपी लाया जाएगा मुख्तार अंसारी: नए मामलों में होगी कोर्ट में पेशी

पिछले साल के जनवरी महीने से ही गैंगस्टर अंसारी को पंजाब की जेल में कैद किया गया है। उनकी गिरफ्तारी एक बिल्डर से फिरौती माँगने के मामले में हुई थी।

‘अर्नब गोस्वामी आरोपित नहीं’: बॉम्बे HC ने ‘फेक TRP स्कैम’ में परमबीर को लगाई फटकार, ठाकरे की पुलिस ने छोड़ा कमिश्नर का साथ

फेक टीआरपी स्कैम में रिपब्लिक टीवी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को कहा कि रिपब्लिक के एडिटर-इन-चीफ अर्नब गोस्वामी मामले में आरोपित नहीं हैं।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,824FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe