Wednesday, June 19, 2024
Homeराजनीति'गुरुजी के गढ़' में बेटा आगे और बहू पीछे, दुमका की राजनीति में लम्बे...

‘गुरुजी के गढ़’ में बेटा आगे और बहू पीछे, दुमका की राजनीति में लम्बे समय बाद शिबू का ‘चौका’

दुमका और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के रिश्ते का अंदाज़ा इसी बात से लगा लीजिए कि वो इस लोकसभा क्षेत्र से 8 बार सांसद रह चुके हैं। 1980 में यहाँ से पहली बार जीतने वाले सोरेन को 2019 में भाजपा के सुनील सोरेन ने चित कर दिया था।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा की तस्वीर अगले कुछ घंटों में पूरी तरह साफ हो जाएगी। अब तक के रूझानों में झामुमो-कॉन्ग्रेस-राजद को गठबंधन को भाजपा पर स्पष्ट बढ़त दिख रही है। राज्य की राजनीति के सबसे पुराने धुरंधर पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के घर के हालात जाने बिना इन नतीजों का विश्लेषण अधूरा रह जाएगा। हालाँकि, पिछले कुछ चुनावों की तरह ‘गुरुजी’ इस बार उतने सक्रिय नहीं रहे। उन्होंने कुछेक रैलियॉं ही की। आइए, जानते हैं क्या है ‘गुरुजी के गढ़’ दुमका का चुनावी हालचाल।

दुमका से ख़ुद झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन मैदान में थे। पिछले चुनाव में उन्हें भाजपा की डॉक्टर लुइस मरांडी ने पटखनी दी थी। झारखण्ड भाजपा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रहीं लुइस मरांडी ने रघुवर मंत्रिमंडल में कई अहम मंत्रालय भी सँभाले। दुमका और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के रिश्ते का अंदाज़ा इसी बात से लगा लीजिए कि वो इस लोकसभा क्षेत्र से 8 बार सांसद रह चुके हैं। 1980 में यहाँ से पहली बार जीतने वाले सोरेन को 2019 में भाजपा के सुनील सोरेन ने चित कर दिया था।

हालाँकि, इससे झारखंड अथवा दुमका की राजनीति में शिबू सोरेन की हस्ती कम नहीं हो जाती। हाँ, उनकी सक्रियता कम होने और स्वास्थ्य ख़राब होने की वजह से उनका प्रभाव ज़रूर धीरे-धीरे कम हो गया। दुमका की सभी 6 विधानसभा सीटों के परिणाम व ट्रेंड्स पर एक नज़र डालिए:

दुमका: झामुमो
शिकारीपाड़ा: झामुमो
नाला: झामुमो
जामताड़ा: कॉन्ग्रेस
सारठ: भाजपा
जामा: भाजपा

जैसा कि आप देख सकते है, 4 सीटों पर झामुमो गठबंधन आगे चल रहा है, वहीं 2 सीटों पर भाजपा बढ़त बनाए हुए है। जामा से हेमंत की भाभी सीता सोरेन काँटे की टक्कर में पीछे चल रही हैं। यहाँ से झामुमो अध्यक्ष शिबू सोरेन की बहू व पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की भाभी सीता सोरेन चुनावी मैदान में थीं। हेमंत सोरेन दुमका के अलावा साहिबगंज के बड़हेट से भी चुनावी ताल ठोक रहे थे।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

किताब से बहती नदी, शरीर से उड़ते फूल और खून बना दूध… नालंदा की तबाही का दोष हिन्दुओं को देने वाले वामपंथी इतिहासकारों का...

बख्तियार खिजली को क्लीन-चिट देने के लिए और बौद्धों को सनातन से अलग दिखाने के लिए वामपंथी इतिहासकारों ने नालंदा विश्वविद्यालय को तबाह किए जाने का दोष हिन्दुओं पर ही मढ़ दिया। इसके लिए उन्होंने तिब्बत की एक किताब का सहारा लिया, जो इस घटना के 500 साल बाद लिखी गई थी और जिसमें चमत्कार भरे पड़े थे।

कनाडा का आतंकी प्रेम देख भारत ने याद दिलाया कनिष्क ब्लास्ट, 23 जून को पीड़ितों को दी जाएगी श्रद्धांजलि: जानिए कैसे गई थी 329...

भारत ने एयर इंडिया के विमान कनिष्क को बम से उड़ाने की बरसी याद दिलाते हुए कनाडा में वर्षों से पल रहे आतंकवाद को निशाने पर लिया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -