Sunday, April 21, 2024
Homeराजनीतिसुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रहे मदन लोकुर से पेगासस 'इंक्वायरी' करवाएँगी ममता बनर्जी, जिस...

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस रहे मदन लोकुर से पेगासस ‘इंक्वायरी’ करवाएँगी ममता बनर्जी, जिस NGO से हैं जुड़े उसे विदेशी फंडिंग

जस्टिस मदन लोकुर अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा वित्त पोषित एक गैर सरकारी संगठन के वरिष्ठ सदस्य हैं। वह कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) की कार्यकारी समिति के सदस्य हैं।

पेगासस मामले में जाँच के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2 सदस्यीय आयोग गठित किया है। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मदन लोकुर करेंगे। वहीं दूसरे सदस्य कलकत्ता हाईकोर्ट के पूर्व जस्टिस हैं।

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जिन पूर्व जस्टिस मदन लोकुर को आयोग की अध्यक्षता सौंपी है, वह अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा वित्त पोषित एक गैर सरकारी संगठन (NGO) के वरिष्ठ सदस्य हैं। वह कॉमनवेल्थ ह्यूमन राइट्स इनिशिएटिव (सीएचआरआई) की कार्यकारी समिति के सदस्य हैं।

CHRI वेबसाइट पर मौजूद सूचना

इस संस्था को साल 2021 में अमेरिकी विदेश विभाग, नई दिल्ली के ब्रिटिश उच्चायोग, कनाडा के उच्चायोग सहित अन्य से योगदान प्राप्त हुआ है। यूएस की ओर से इस संस्था को किए गए योगदान का उद्देश्य ‘भारत के उत्तर पूर्वी राज्यों में बंदियों के लिए वकालत और आउटरीच कार्यक्रम’ चलाना था। यूके के लिए ये ‘भारत में न्याय की गति पर शोध और विदेशी राष्ट्रीय बंदियों और अपराध के शिकार लोगों पर उनका प्रभाव’ जानने के लिए था। वहीं कनाडा के लिए योगदान “Reimbursement of Expenditure” के उद्देश्य से था। इनके अलावा, सीएचआरआई को केलिडोस्कोप डायवर्सिटी ट्रस्ट, फ्रेडरिक नौमैन स्टिफ्टंग-जर्मनी, द हैन्स सीडल फाउंडेशन और अन्य से भी योगदान मिला है।

पूर्व न्यायमूर्ति मदन लोकुर उन चार न्यायाधीशों में से एक थे जिन्होंने 2018 में तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के खिलाफ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसके साथ उन्होंने सीएचआरआई के सदस्य के रूप में, एनआरसी की चालू प्रक्रिया के खिलाफ अन्य तथाकथित ‘प्रतिष्ठित नागरिकों’ के साथ बयान जारी किया था।

साभार: CHRI

बयान में उन्होंने कहा था, “संबंधित नागरिक होने के नाते, हम संवेदनशील मुद्दों पर अधिकारों के लिए भारत के संवैधानिक और अंतर्राष्ट्रीय दायित्वों की पुष्टि करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय की ओर देखते हैं। इसलिए हम अवैध हिरासत और निर्वासन से संबंधित एक जटिल मामले पर भारत के मुख्य न्यायाधीश के हालिया बयानों से निराश हैं।…” बयान में पूरी प्रक्रिया को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए मुख्य न्यायाधीश के एक स्टेटमेंट पर नाराजगी जाहिर की गई थी। साथ ही मामले को ‘बंदियों’ के मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला कहा गया था और उनकी परिस्थितियों के लिए अदालत को जिम्मेदार बताया गया था।

बता दें कि मदन लोकुर हाल ही में अशोक विश्वविद्यालय में लोकपाल के रूप में शामिल हुए थे। उन्होंने इसी शनिवार को यूएपीए कानून के खिलाफ अपनी आपत्ति जताई थी। एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में उन्होंने उन लोगों को लेकर अपनी बात रखी जिन पर यूएपीए लगा है। वह बोले, “उनके परिवार पर पड़ने वाले भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक प्रभाव को देखें, उनको, उनके बच्चे को देखें… वे स्कूल जाएँगे जहाँ सहपाठी कहेंगे कि तुम्हारे पिता एक ‘आतंकवादी’ हैं जो उन्होंने किया ही नहीं …हम इसके मानसिक पहलू को नहीं देख रहे हैं।”

उल्लेखनीय है कि ममता बनर्जी ने जिस पेगासस मामले की जाँच के लिए मदन लोकुर को नियुक्त किया है उसे लेकर मीडिया रिपोर्ट्स के दावे पहले ही खारिज किए जा चुके हैं। पेगासस को बनाने वाले समूह ने एनडीटीवी को ही यह बताया था कि जो लिस्ट दिखाकर खबरें की जा रही हैं उसका उनसे कोई लेना-देना नहीं है। इतना ही नहीं NSO समूह ने द वायर को मानहानि का केस करने की धमकी भी दी थी।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एक ही सिक्के के 2 पहलू हैं कॉन्ग्रेस और कम्युनिस्ट’: PM मोदी ने तमिल के बाद मलयालम चैनल को दिया इंटरव्यू, उठाया केरल में...

"जनसंघ के जमाने से हम पूरे देश की सेवा करना चाहते हैं। देश के हर हिस्से की सेवा करना चाहते हैं। राजनीतिक फायदा देखकर काम करना हमारा सिद्धांत नहीं है।"

‘कॉन्ग्रेस का ध्यान भ्रष्टाचार पर’ : पीएम नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में बोला जोरदार हमला, ‘टेक सिटी को टैंकर सिटी में बदल डाला’

पीएम मोदी ने कहा कि आपने मुझे सुरक्षा कवच दिया है, जिससे मैं सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम हूँ।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
282,677FollowersFollow
417,000SubscribersSubscribe