Homeराजनीतिबीजेपी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को बनाया मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार, कमलनाथ सरकार...

बीजेपी ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को बनाया मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार, कमलनाथ सरकार का गिरना तय

बीजेपी ने सभी राज्यसभा के उम्मीदवारों की सूची को साझा कर दिया, जिसमें सबसे पहले असम से भुवनेश्वर कालीता, बिहार से विवेक ठाकुर, गुजरात से रबीलाबेन बारा, गुजरात से दूसरे अभय भारद्वाज, झारखंड से दीपक प्रकाश, मणिपुर से लिएसेंबा महाराज, मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से उदयना राजे भौंसले, राजस्थान से राजेन्द्र गहलोत का नाम राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित किए गए हैं।

ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर पिछले काफी समय से चली आ रहीं सभी अटकलों पर आज विराम लग गया। पहले तो बुधवार दोपहर को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सिंधिया को बीजेपी की सदस्यता दिलाकर उन्हें गुलदस्ता भेंट कर पार्टी में स्वागत किया। इसके बाद बीजेपी ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में सिंधिया के नाम का ऐलान कर दिया। इसी के साथ उस अटकलों पर भी विराम लग गया, जिसमें कहा जा रहा था कि क्या बीजेपी सिंधिया को राज्यसभा का उम्मीदवार बनाएगी?

बीजेपी ने अध्यक्ष जेपी नड्डा के हवाले से अपने हेंडल एक पर ट्वीट कर सभी राज्यसभा के उम्मीदवारों की सूची को साझा कर दिया, जिसमें सबसे पहले असम से भुवनेश्वर कालीता, बिहार से विवेक ठाकुर, गुजरात से रबीलाबेन बारा, गुजरात से दूसरे अभय भारद्वाज, झारखंड से दीपक प्रकाश, मणिपुर से लिएसेंबा महाराज, मध्य प्रदेश से ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाराष्ट्र से उदयना राजे भौंसले, राजस्थान से राजेन्द्र गहलोत का नाम राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में घोषित किए गए हैं।

साथ ही सहयोगी दलों में महाराष्ट्र से रामदास अठाबले और असम से बुस्वजीत डायमरी का नाम राज्यसभा उम्मीदवार के रूप में सूची में शामिल है। ट्विटर पर साझा जानकारी में यह भी कहा गया है कि इन नामों को भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने आगामी राज्य सभा चुनावों के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है। दरअसल, भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक 10 मार्च को बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और नितिन गड़करी सहित अन्य प्रमुख नेता शामिल हुए थे।

आपको बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीजेपी में शामिल होने के बाद मध्य प्रदेश में कमलनाथ वाली सरकार के गिरने के आसार अब बढ़ गए हैं क्योंकि बेंगलुरू में ठहरे सिंधिया समर्थित 22 विधायकों में से 19 विधायकों ने अपने वीडियो बयान जारी कर सिंधिया के साथ जाने की बात कही है। वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने भी अपने पत्ते खोलने शुरू कर दिए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -