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‘SC से प्रेम है तो अनुसूचित समुदाय में अपनी बेटी की शादी क्यों नहीं की’: पिनराई विजयन को कॉन्ग्रेस MP ने कहा झूठा

के. सुरेश ने कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर विजयन ने बेहतरीन नेता होने का तमगा हासिल किया था। अगर विजयन एक सच्चे नेता होते, तो वह अपनी बेटी की शादी अनुसूचित जाति के व्यक्ति से कर देते।

केरल में कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कोडिकुन्निल सुरेश ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ विवादित टिप्पणी की है। कॉन्ग्रेस सांसद ने शनिवार (28 अगस्त) को कहा कि मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का अनुसूचित जाति से कोई सरोकार नहीं है, उनके प्रति सीएम का प्रेम झूठा है। उन्होंने कहा कि अगर विजयन वास्तव में सबको साथ लेकर चलने वाले नेता हैं, तो उन्हें अपनी बेटी की शादी अनुसूचित जाति के किसी व्यक्ति से करनी चाहिए थी।

कोडिकुन्निल सुरेश ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने अनुसूचित जाति के एक मंत्री को नियंत्रित करने के लिए अपने वफादार सहयोगी को नियुक्त किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुता​बिक, सांसद ने ये विवादित टिप्पणी एससी/एसटी फंड घोटाले की सीबीआई जाँच की माँग को लेकर धरने के दौरान की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पिछड़े समुदाय के साथ भेदभाव कर रहे हैं। उन्होंने अपनी आरोपों की पुष्टि के लिए कुछ मामलों का जिक्र भी किया।

कोडिकुन्निल सुरेश ने विजयन पर दलित समुदाय की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अनुसूचित जाति के लोगों को कैबिनेट और पीएससी नियुक्तियों से दूर रखा जा रहा है। उन्होंने देवास्वोम मंत्री के. राधाकृष्णन के निजी सचिव के रूप में ए संपत की नियुक्ति का भी उल्लेख किया। कॉन्ग्रेस नेता ने बताया कि जब एक दलित को देवास्वोम (मंदिर मामलों) का मंत्री बनाने का जश्न मनाया जा रहा था। उसी समय, विजयन ने उस दलित मंत्री पर लगाम लगाने के लिए अपने एक व्यक्ति को उसके ऊपर नियुक्त कर दिया था।

सुरेश ने आगे कहा कि सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देकर विजयन ने बेहतरीन नेता होने का तमगा हासिल किया था। अगर विजयन एक सच्चे नेता होते, तो वह अपनी बेटी की शादी अनुसूचित जाति के व्यक्ति से कर देते। माकपा के पास एससी समुदाय के कई अच्छे युवा हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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