Homeराजनीतिझाबुआ में जीते तो बदल देंगे मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री: कैलाश विजयवर्गीय

झाबुआ में जीते तो बदल देंगे मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री: कैलाश विजयवर्गीय

विजयवर्गीय ने कहा कि यह उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए अहम है। यह राज्य की कमलनाथ सरकार का भविष्य तय करेगा। कमलनाथ सरकार की तकदीर का फैसला करने का जिम्मा यहाँ के मतदाताओं के हाथों में है।

मध्य प्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियॉं तेज है। भाजपा महासचिव और पूर्ववर्ती शिवराज सिंह चौहान की सरकार में मंत्री रहे कैलाश विजयवर्गीय ने उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि झाबुआ से यदि भाजपा उम्मीदवार जीता तो प्रदेश का मुख्यमंत्री बदल जाएगा।

उन्होंने कहा, “यदि जनता झाबुआ उपचुनाव में हमें जीत दिलाती है तो मैं राज्य का मुख्यमंत्री बदल देने की गारंटी देता हूॅं।” वे रविवार (13 अक्टूबर) को झाबुआ में पार्टी प्रत्याशी भानु भुरिया के पक्ष में रैली को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए अहम है, क्योंकि यह राज्य की कमलनाथ सरकार का भविष्य तय करेगा। राज्य की कमलनाथ सरकार की तकदीर का फैसला करने का जिम्मा यहाँ के मतदाताओं के हाथों में है।

बीते साल हुए विधानसभा चुनाव में इस सीट से जीएस डामोर जीते थे। इसके बाद हुए आम चुनावों में वे रतलाम-झाबुआ सीट से सांसद चुन लिए गए। इसी वजह से यहॉं उपचुनाव हो रहा है।

रैली को संबोधित करते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि यहाँ की जनता अगर भाजपा को जीत दिलाती है तो वो राज्य की कमलनाथ सरकार को हटाने का ज़िम्मा लेते हैं। उन्होंने कमलनाथ सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि उसने अपने वादे को नहीं निभाया और किसानों का कर्ज़ माफ़ नहीं किया। राहुल गाँधी के बयान को याद दिलाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने 10 दिनों में दो लाख रुपए तक की कर्ज़माफ़ी का वादा किया था और ऐसा न होने पर मुख्यमंत्री को बदलने की बात कही थी।

किसानों की कर्ज़माफ़ी अभी तक नहीं हुई है, यह बात ख़ुद उन्हीं की पार्टी के ज्योतिरादित्य सिंधिया और कॉन्ग्रेसी नेता भी कह रहे हैं। इससे पहले जून में मध्य प्रदेश में किसान रैली को संबोधित करते हुए भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय ने ख़ुलासा करते हुए कहा था कि कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी ने उनसे कमलनाथ सरकार को गिराने के लिए सम्पर्क किया था।

रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा था,

“दिग्विजय सिंह और उनके दो विधायकों ने मुझे संपर्क किया और कहा कैलाश जी, अगर आप चाहें तो सरकार गिराई जा सकती है। इस पर मैंने जवाब दिया कि मैं सरकार गिराना नहीं चाहता। इसके बाद सिंधिया जी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो प्रदेश में जालसाज़ कमलनाथ की सरकार गिराना चाहते हैं। उन लोगों ने कहा कि हम आपके साथ हैं। फिर, सुरेश पचौरी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो सरकार को गिराना चाहते हैं।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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