Homeराजनीतिकमलनाथ की सरकार गिराने के लिए दिग्विजय और सिंधिया ने किया संपर्क: कैलाश विजयवर्गीय

कमलनाथ की सरकार गिराने के लिए दिग्विजय और सिंधिया ने किया संपर्क: कैलाश विजयवर्गीय

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस किसानों का लोन ही माफ़ नहीं कर पाई, जिसका वादा करके उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी । इसके अतिरिक्त अप्रैल महीने में कमलनाथ के सहयोगियों के आवास पर हुई रेड में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था।

मध्य प्रदेश में किसान आक्रोश रैली को संबोधित करते हुए भाजपा के मुख्य सचिव कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा खुलासा किया। विजयवर्गीय ने रैली के दौरान बताया कि कॉन्ग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी ने उन्हें मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने के लिए संपर्क किया था।

रैली के दौरान कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, “दिग्विजय सिंह और उनके दो विधायकों ने मुझे संपर्क किया और कहा कैलाश जी, अगर आप चाहें तो सरकार गिराई जा सकती है। इस पर मैंने जवाब दिया कि मैं सरकार गिराना नहीं चाहता। इसके बाद सिंधिया जी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो प्रदेश में जालसाज़ कमलनाथ की सरकार गिराना चाहते हैं। उन लोगों ने कहा कि हम आपके साथ हैं। फिर, सुरेश पचौरी के लोगों ने मुझसे संपर्क किया कि वो सरकार को गिराना चाहते हैं।”

विजयवर्गीय ने रैली संबोधन के दौरान कहा कि मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपनों के साथ ही जालसाजी की, इसलिए पार्टी के कई दिग्गज़ नेता उनके ख़िलाफ़ हैं। उन्होंने बताया कि कमलनाथ के सभी ओएसडी (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) के पास पैसा गिनने की मशीन है। भाजपा मुख्य सचिव ने इस दौरान कहा कि बीते दिनों जितने तबादले मध्य प्रदेश में हुए, उतने देश में कहीं भी नहीं हुए। विजयवर्गीय ने दावा किया कि मध्य प्रदेश में पद बेचे जाते हैं। उन्होंने इस दौरान एक पुलिस अधिकारी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक पुलिस अधिकारी ने उन्हें बताया था कि तबादले के लिए उससे 25 लाख की घूस ले ली गई और उसका तबादला भी नहीं किया गया।

गौरतलब है कमलनाथ के मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने के बाद से चीजें कॉन्ग्रेस के पक्ष में होती नहीं दिखीं। गत वर्ष कमलनाथ की जीत के बाद मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस को जन आक्रोश का सामना करना पड़ा। प्रदेश में कॉन्ग्रेस किसानों का लोन ही माफ़ नहीं कर पाई, जिसका वादा करके उन्होंने विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी । इसके अतिरिक्त अप्रैल महीने में कमलनाथ के सहयोगियों के आवास पर हुई रेड में भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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