सपा विधायक नाहिद हसन ने गाड़ी का कागज माँगने पर समर्थकों के साथ SDM से की गाली-गलौज

नाहिद हसन अपने आप को पुलिस और क़ानून से ऊपर मानते हैं, तभी तो एसडीएम ने उनसे गाड़ी का कागज़ माँग लिया तो वह बिफर गए और समर्थकों संग मिलकर अधिकारी के साथ ही बदतमीजी की।

कहते हैं, क़ानून सब पर समान रूप से लागू होता है चाहे वह आम जनता हो या कथित वीआईपी। लेकिन, भारत में अक्सर नेताओं द्वारा क़ानून का पालन न करने व गर्व से अपने आप को सबसे ऊपर दिखाने की भावना का प्रदर्शन किया जाता है। ताज़ा मामला कैराना के समाजवादी पार्टी विधायक नाहिद हसन से जुड़ा है। नाहिद हसन अपने आप को पुलिस और क़ानून से ऊपर मानते हैं, तभी तो एसडीएम ने उनसे गाड़ी का कागज़ माँग लिया तो वह बिफर गए और समर्थकों संग मिलकर अधिकारी के साथ ही बदतमीजी की

एसडीएम ने एक गाडी का संदिग्ध नंबर देख कर उसे रोका। जब गाड़ी रुकी तो पता चला कि उसमें विधायक नाहिद हसन भी बैठे हैं। एसडीम द्वारा गाड़ी की कागज़ात की माँग की गई, जिसे विधायक नहीं दिखा सके। गाड़ी में सपा का झंडा भी लगा हुआ था। विधायक हसन का कहना था कि वह खेत में किसी काम से जा रहे हैं, इसीलिए उन्होंने कागज़ साथ लाना उचित नहीं समझा। देखें झड़प का वीडियो:

विधायक ने एसडीएम को डरपोक तक बता दिया और बदतमीजी भरे लहजे में उन्हें अपमानित किया। विधायक हसन के साथ उनके समर्थक भी डटे हुए थे। जब एसडीएम ने विधायक से कहा कि वह सरकारी व्यक्ति के साथ इस तरह बदतमीजी नहीं सकते तो विधायक ने अपने समर्थकों की तरह इशारा करते हुए कहा कि ये लोग लिख कर देंगे कि आपने बदतमीजी की है।

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एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की वीडियोग्राफ़ी हुई है और उसे देख कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सपा विधायक ने अधिकारी का मखौल बनाते हुए कहा, “डर गया! बोलो? डरपोक।” इस घटना के बाद रात को भी विधायक के आवास के बाहर भारी संख्या में समर्थक जमा हो गए और उन्होंने प्रशासन के ख़िलाफ़ नारेबाजी की। समर्थकों ने कहा कि पूरा पुलिस-प्रशासन हाथ धो कर विधायक हसन के पीछे पड़ा हुआ है।

शामली के एसपी ने कहा कि अधिकारियों द्वारा गाड़ी के कागज़ात दिखाने को कहना एक सामान्य प्रक्रिया है और इसके लिए हंगामा उचित नहीं। विधायक को कहा गया है कि वह मंगलवार (सितम्बर 10, 2019) को कागज़ दिखाएँ।

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