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मुंबई मेयर के ‘दो टके के लोग’ वाले बयान पर कंगना रनौत ने किया पलटवार, महाराष्ट्र सरकार पर कसा तंज

कंगना के ऑफिस में हुई तोड़फोड़ पर जब कोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई को गलत बताया और एक्ट्रेस को मुआवजा देने की बात कह दी, उस समय मुंबई की मेयर का गुस्सा फूट पड़ा। मेयर ने गुस्से में अपना ऐसा आपा खोया कि एक विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कंगना के लिए 'दो टके के' जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया।

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की महाराष्ट्र सरकार से तल्खी बढ़ती ही जा रही है। बॉम्बे हाई कोर्ट के अहम फैसले के बाद भी ये विवाद ठंडा पड़ता नहीं दिखाई दे रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद मुंबई मेयर किशोरी पेडनेकर के बयान ने नया बवाल खड़ा कर दिया है।

कंगना के ऑफिस में हुई तोड़फोड़ पर जब कोर्ट ने बीएमसी की कार्रवाई को गलत बताया और एक्ट्रेस को मुआवजा देने की बात कह दी, उस समय मुंबई की मेयर का गुस्सा फूट पड़ा।

मेयर ने गुस्से में अपना ऐसा आपा खोया कि एक विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कंगना के लिए ‘दो टके के’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दिया। ANI से बातचीत के दौरान मेयर ने कहा, “ये देख तो हम भी हैरान हैं। ये एक्ट्रेस हिमाचल में रहती है, वो हमारे मुंबई की तुलना पीओके से करती है। ये दो टके के लोग देश की अदालत को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश करते हैं। ये सब गलत है।”

किशोरी पेडनेकर का ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। जिस तल्ख भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उसे देखते हुए इस बयान के सभी तरफ चर्चे हो रहे हैं। अब खुद कंगना रनौत ने इस बयान पर रिएक्ट किया है।

कंगना रनौत ने महाराष्ट्र सरकार पर तंज कसते हुए कह दिया है कि ये सब देख अब उन्हें ऋतिक रोशन और आदित्य पंचोली भले लोग लगने लगे हैं। उनकी नजरों में उन्हें राज्य सरकार से काफी गालियाँ और बेइज्जती मिली है।

ट्वीट में कंगना ने लिखा है, “जितने लीगल केस, गालियाँ और बेइज्जती मुझे महाराष्ट्र सरकार से मिली है, उसे देखते हुए तो अब मुझे ये बॉलीवुड माफिया और ऋतिक-आदित्य जैसे एक्टर भी भले लोग लगने लगे हैं। समझ ही नहीं आ रहा कि मेरे अंदर ऐसा क्या है कि सभी इतना नाराज हो जाते हैं।”

कंगना रनौत का ये जवाब वायरल हो चुका है। एक्ट्रेस का यूँ तंज कसना उनके तमाम फैन्स को काफी पसंद आ गया है। कंगना को इसी अंदाज के लिए जाना भी जाता है और वे ऐसे ही अपने विरोधियों पर हमला करती हैं।

इधर शिवसेना सांसद संजय राउत ने भी कहा कि अभिनेत्री ने मुंबई पुलिस को माफिया और मुंबई को पीओके कहा है। जो पार्टियाँ अदालत के फैसले से खुश नजर आ रही हैं, क्या वो कंगना के बयान से सहमत हैं? जज और अदालत के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना गलत है तो कोई जब महाराष्ट्र या मुंबई को लेकर ऐसा बोलता तो क्या वो मानहानि नहीं है?

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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