Saturday, May 18, 2024
Homeराजनीतिटिकट कटने पर भाजपा छोड़ कॉन्ग्रेस में चले गए थे पूर्व CM जगदीश शेट्टार:...

टिकट कटने पर भाजपा छोड़ कॉन्ग्रेस में चले गए थे पूर्व CM जगदीश शेट्टार: अब चेले ने ही दोगुने वोट से दे दी मात, BJP की जीत

कॉन्ग्रेस नेता जगदीश शेट्टार को कुल 29,340 वोट मिले हैं। यह कुल वोटों का 30.24 प्रतिशत है। इस सीट पर कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 6 लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। शेट्टार लगातार 6 बार से विधायक रहे हैं और इस सीट से तीन बार जीत चुके हैं।

कर्नाटक विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा छोड़कर कॉन्ग्रेस में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टार (Jagdish Shettar) चुनाव हार गए हैं। उन्हें भाजपा के प्रत्याशी महेश टेंगीनकई ने हराया है। जगदीश शेट्टार वहाँ के प्रभावशाली लिंगायत समुदाय से आते हैं।

जगदीश शेट्टार हुबली धारवाड़ सेंट्रल सीट से चुनाव मैदान में थे। दरअसल, इस चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काट दिया था। इसके बाद वे पार्टी से बगावत करके कॉन्ग्रेस में शामिल हो गए थे। इसी सीट से वे पहले भाजपा के विधायक थे। इतना ही नहीं, भाजपा की सरकार में वे मुख्यमंत्री भी बने थे।

जगदीश शेट्टार लिंगायत समुदाय के बड़े नेताओं में इन्हें शामिल किया जाता है। भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा के बाद लिंगायत समुदाय में शेट्टार का प्रभाव काफी माना जाता है। जगदीश शेट्टार को हराने वाले भाजपा के महेश टेंगीकनई चुनाव प्रचार के दौरान खुद को उनका चेला बताते रहे हैं।

यह सीट लिंगायत बहुल है और टेंगीनकई भी लिंगायत हैं। कहा जाता है कि उनकी भी यहाँ अच्छी पकड़ है। खबर लिखे जाने तक, जगदीश शेट्टार वोट के मामले में दूसरे नंबर पर थे। निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, इस सीट से चुनाव जीतने वाले उनके शिष्य महेश को कुल 64,910 वोट मिले हैं, जो कुल वोट का 66.9 प्रतिशत है।

वहीं, कॉन्ग्रेस नेता जगदीश शेट्टार को कुल 29,340 वोट मिले हैं। यह कुल वोटों का 30.24 प्रतिशत है। इस सीट पर कुल 16 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 6 लोगों ने निर्दलीय चुनाव लड़ा था। शेट्टार लगातार 6 बार से विधायक रहे हैं और इस सीट से तीन बार जीत चुके हैं।

बता दें कि कर्नाटक कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार को कनकपुरा सीट से बड़ी जीत मिली है। उन्होंने अपने विरोधी उम्मीदवार को 1.5 लाख से अधिक वोटों से हराया है। यह उनकी लगातार 8वीं जीत है। डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार भी हैं। वहीं, पूर्व सीएम सिद्धारमैया भी वरुणा सीट से चुनाव जीत गए हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

जिसे वामपंथन रोमिला थापर ने ‘इस्लामी कला’ से जोड़ा, उस मंदिर को तोड़ इब्राहिम शर्की ने बनवाई थी मस्जिद: जानिए अटाला माता मंदिर लेने...

अटाला मस्जिद का निर्माण अटाला माता के मंदिर पर ही हुआ है। इसकी पुष्टि तमाम विद्वानों की पुस्तकें, मौजूदा सबूत भी करते हैं।

रोफिकुल इस्लाम जैसे दलाल कराते हैं भारत में घुसपैठ, फिर भारतीय रेल में सवार हो फैल जाते हैं बांग्लादेशी-रोहिंग्या: 16 महीने में अकेले त्रिपुरा...

त्रिपुरा के अगरतला रेलवे स्टेशन से फिर बांग्लादेशी घुसपैठिए पकड़े गए। ये ट्रेन में सवार होकर चेन्नई जाने की फिराक में थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -