Friday, December 2, 2022
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‘रमेश कुमार बेकार भाषण देता रहता है, #@& की औलाद है @%&’: कॉन्ग्रेस विधायक को गरियाते पकड़े गए पूर्व CM कुमारस्वामी, वीडियो सामने आने पर माँगी माफी

कुमारस्वामी ने माफी माँगते हुए ट्वीट किया, "मैंने पूर्व स्पीकर श्री रमेश कुमार के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किया, उससे मुझे भी दुख हुआ। उस शब्द का प्रयोग मेरा व्यक्तित्व नहीं है। मुझे इसका खेद है। अगर इस शब्द से रमेश कुमार या अन्य लोगों को ठेस पहुँची है तो मैं उसे वापस लेता हूँ।"

कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जनता दल सेक्युलर (JDS) के नेता एचडी कुमारस्वामी (Karnataka Ex-CM HD Kumaraswami) द्वारा कॉन्ग्रेस नेता केआर रमेश कुमार (KR Ramesh Kumar) को गाली देने का वीडियो वायरल हो गया है। हालाँकि, उन्होंने माफी माँग ली है।

दरअसल, कुमारस्वामी कोलार के श्रीनिवासपुरा विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर थे। इस दौरान वो अपनी जबान पर लगाम नहीं रख पाए और गुस्से में श्रीनिवासपूरा से कॉन्ग्रेस विधायक और कर्नाटक विधानसभा के पूर्व स्पीकर केआर रमेश को गाली दे बैठे। उन्हें जैसे ही आभास हुआ कि पीछे माइक और सामने कैमरा लगा है तो वे एकदम से चुप हो गए। हालाँकि, उनका यह बयान कैमरे में कैद हो गया।

कुमारस्वामी के वीडियो को ट्विट करते हुए कर्नाटक कॉन्ग्रेस ने लिखा, “नफरत के आधार पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, हम जिन शब्दों का प्रयोग करते हैं, व्यवहार हमारे व्यक्तित्व का दर्पण हैं। कुमारस्वामी जी, आपके इस तरह के शब्दों के प्रयोग से न तो आपका गौरव बढ़ेगा और न ही यह राजनीति की गरिमा को बचाएगा। बड़ों ने दिखाया है कि राजनीति आपसी सम्मान से की जा सकती है।”

कुमारस्वामी श्रीनिवासपुरा के एक स्कूल का दौरा कर लौट रहे थे। कार में बैठते वक्त उन्होंने रमेश कुमार को गाली दी और कहा, “ये रमेश कुमार बेकार भाषण देता रहता है, …की औलाद है… इसके स्कूल की हालत कैसी है? यहाँ पर भी बच्चे पढ़ रहे हैं।”

बाद में कुमारस्वामी को अहसास हुआ कि उनका बयान गलत था। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर पर खेद जताया। उन्होंने लिखा, “मैंने पूर्व स्पीकर श्री रमेश कुमार के बारे में जो शब्द इस्तेमाल किया, उससे मुझे भी दुख हुआ। उस शब्द का प्रयोग मेरा व्यक्तित्व नहीं है। मुझे इसका खेद है। अगर इस शब्द से रमेश कुमार या अन्य लोगों को ठेस पहुँची है तो मैं उसे वापस लेता हूँ।”

उन्होंने ट्वीट में आगे कहा, “कल श्रीनिवासपुरा विधानसभा क्षेत्र के बंगवाड़ी गाँव में एक जीर्ण-शीर्ण स्कूल को देखकर मुझे बहुत दुख हुआ। पिछले 2-3 साल से पीपल के पेड़ के नीचे बच्चों की कक्षाएँ आयोजित हो रही हैं। यह सुनकर मुझे बहुत गुस्सा आ गया।”

उन्होंने कहा कि किसी का अपमान करने के लिए उन्होंने ऐसा नहीं किया। बच्चों के आँसू देखकर वे गुस्सा हो गए और भावनाओं में आकर उनके मुँह से ये शब्द निकल गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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