Tuesday, April 16, 2024
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गर्भवती हथिनी की हत्या: बीजेपी सांसद मेनका गाँधी के खिलाफ FIR, कहा था- केरल में हर तीसरे दिन हाथी मारा जाता है

"ये हत्या है। मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है। यह देश का सबसे हिंसक राज्य है। यहाँ लोग सड़कों पर जहर फेंक देते हैं, जिससे 300 से 400 पक्षी और कुत्ते एक साथ मर जाएँ। केरल में हर तीसरे दिन एक हाथी को मार दिया जाता है। केरल सरकार ने मल्लपुरम मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसा लगता है, वो डरे हुए हैं।"

केरल के पलक्कड़ में गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गाँधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उनके खिलाफ यह मामला गर्भवती हथिनी की मौत के मामले में कथित रूप से भड़काऊ टिप्पणी करने को लेकर दर्ज किया गया है। मेनका गाँधी के खिलाफ आईपीसी की धारा 153 के तहत FIR दर्ज की गई है। मलप्पुरम जिले के पुलिस प्रमुख अब्दुल करीम ने इसकी पुष्टि की।

बता दें कि बीजेपी सांसद के खिलाफ एक ही कारण से सात शिकायतें की गई थी, जिसके बाद उन सभी को लेकर एक FIR दर्ज की गई है। शिकायत करने वालों में इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML), यूथ कॉन्ग्रेस, डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया, सॉलिडैरिटी यूथ मूवमेंट और सुप्रीम कोर्ट के वकील केआर सुभाष चंद्रन शामिल हैं।

सुभाष चंद्रन ने गुरुवार को जिले के पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत दर्ज कराई और मेनका गाँधी एवं अन्य के खिलाफ FIR दर्ज करने की माँग की। उन्होंने अपनी शिकायत में बीजेपी सांसद एवं अन्य के खिलाफ आईपीसी की धारा 153ए और 12बी के तहत FIR दर्ज करने का अनुरोध किया था।

शिकायत में कहा गया कि मल्लपुरम पर मेनका गाँधी की टिप्पणी अपमानजनक है और जिले के निवासियों की छवि को खराब करने के लिए दिया गया है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हथिनी की दुर्भाग्यपूर्ण मौत पलक्कड़ जिले के मन्नारकाड इलाके में हुई, जबकि सोशल मीडिया पर एक समूह ने इसे सांप्रदायिक रंग देने के लिए मुस्लिम बहुल मल्लपुरम जिला के लोगों के खिलाफ नफरत फैलाया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मेनका गाँधी ने दंगा भड़काने की मंशा से मलप्पुरम के लोगों के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाए हैं।

हथिनी की मौत को लेकर मेनका गाँधी ने कहा था, “ये हत्या है। मल्लपुरम ऐसी घटनाओं के लिए कुख्यात है। यह देश का सबसे हिंसक राज्य है। यहाँ लोग सड़कों पर जहर फेंक देते हैं, जिससे 300 से 400 पक्षी और कुत्ते एक साथ मर जाएँ। केरल में हर तीसरे दिन एक हाथी को मार दिया जाता है। केरल सरकार ने मल्लपुरम मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसा लगता है, वो डरे हुए हैं।”

इसके साथ ही शुक्रवार (जून 5, 2020) को खुद को केरल साइबर वॉरियर्स कहने वाले एक समूह ने मेनका गाँधी की संस्था बेबसाइट पीपुल फॉर एनिमल्स, इंडिया की वेबसाइट को हैक कर लिया। इसके बाद कथित साइबर वॉरियर्स ने हैक किए गए पेज पर एक लंबा पोस्ट किया, जिसमें गर्भवती हथिनी की मौत पलक्कड़ में होने को लेकर Google मैप दिखाया गया।

जानकारी के मुताबिक गर्भवती हथिनी की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि उसके मुँह के अंदर गहरे घाव हो गए थे, जो संभवत: पटाखों के विस्फोट की वजह से थे और इस कारण वह लगभग दो सप्ताह तक कुछ खा नहीं सकी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार ऐसी आशंका है कि मुँह में पटाखे फटने से उसे गहरे घाव हो गए और उस जगह पर सेप्सिस हो गया।

इससे इससे दर्द बढ़ गया और हथिनी लगभग दो सप्ताह तक कुछ खा-पी नहीं सकी। गंभीर दुर्बलता के कारण वह पानी में गिर गई और डूब गई। हथिनी की मौत के एक दिन बाद 28 मई को तैयार शुरुआती रिपोर्ट में कहा गया कि डूबने के बाद शरीर में पानी भरने के चलते फेफड़ों का काम नहीं करना हथिनी की मौत का कारण था।

उल्लेखनीय है कि पिछले हफ्ते एक गर्भवती हथिनी को किसी ने पटाखों से भरा अनानास खिला दिया। पगल के अधिकारियों ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की। कथित तौर पर कुछ स्थानीय लोगों ने 25 मई को इस हथिनी को गाँव में आते हुए देखा था और 27 मई को पूरे दिन पानी में खड़े रहने के बाद उसकी मौत हो गई।

मामले में पी विल्सन नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अब्दुल करीम और उसके बेटे की तलाश की जा रही है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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