Tuesday, June 18, 2024
Homeराजनीतिएलन सुहैब और तहा फैज़ल पर पुलिस ने UAPA कैसे लगाया: केरल के CM...

एलन सुहैब और तहा फैज़ल पर पुलिस ने UAPA कैसे लगाया: केरल के CM पर टूट पड़े वामपंथी नेता

सीपीआई कार्यकर्ताओं के पास से माओवादी विचारधारा से संबंधित पैम्फलेट बरामद किए गए थे। इसके बाद केरल पुलिस ने उन पर यूएपीए के तहत मामला दर्ज किया था। अदालत ने दोनों को 15 दिन की हिरासत में भेज दिया था।

केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को माकपा पोलित ब्यूरो की बैठक में असहज स्थिति का सामना करना पड़ा। दो दिवसीय यह बैठक रविवार को दिल्ली में समाप्त हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक केरल में माकपा के दो युवा कार्यकर्ताओं पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई को लेकर ब्यूरो के सदस्यों ने विजयन को खूब सुनाया।

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया है कि पोलित ब्यूरो के तीन सदस्यों ने इस महीने की शुरुआत में कोझीकोड में पार्टी के दो युवा कार्यकर्ताओं के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई पर बेहद नाराजगी जताई। तीखी आलोचना के बाद विजयन ने सफाई देते हुए कहा कि जब यह मामला सरकार के पास आ गया तो वे उचित कार्रवाई करेंगे। उल्लेखनीय है कि यूएपीए के तहत आरोपों को लेकर आखिरी मंजूरी राज्य सरकार देती है।

लेकिन इससे तीनों वरिष्ठ सदस्य शांत नहीं हुए। उनका गुस्सा इस बात को लेकर था कि ऐसा उस राज्य में हुआ जहॉं पार्टी की सरकार है। इसके बाद फैसला किया गया कि इस मसले पर चर्चा जनवरी में पार्टी की सेंट्रल कमेटी की बैठक में होगी।

सीपीआई कार्यकर्ता एलन सुहैब और तहा फैज़ल पर यूएपीए के सेक्शन 20 (जिसमें आतंकी समूह या संगठन का सदस्‍य होने पर सजा का प्रावधान है), 38 (आतंकी संगठन से संबद्ध होने का अपराध), 39 ( आतंकी संगठन को सहयोग प्रदान करने का अपराध) के तहत केरल पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। अदालत ने दोनों को 15 दिन की हिरासत में भेज दिया था। दोनों की उम्र करीब 20 साल है और वे कानून तथा पत्रकारिता के छात्र हैं। इनके पास से माओवादी विचारधारा से संबंधित पैम्फलेट बरामद किए गए थे। साथ ही जम्मू कश्मीर पर केंद्र सरकार के फैसले की निंदा की थी।

दोनों के खिलाफ यूएपीए के तहत कार्रवाई की बात सामने आने के बाद माकपा महासचिव सीताराम येचुरी और उनके पूर्ववर्ती प्रकाश करात ने इस पर आपत्ति जताई थी। इस मामले में पार्टी का एक धड़ा विजयन के रवैए से नाखुश है। हालॉंकि यह गुट पहले भी उनके खिलाफ रहा है। लेकिन, लोकसभा चुनावों में प्रदेश में पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन ने उनके विरोधियों को चुप रहने पर मजबूर कर दिया था। अब युवा कार्यकर्ताओं पर यूएपीए के तहत कार्रवाई को बहाना बनाकर वे फिर से विजयन के खिलाफ सक्रिय हो गए हैं।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

दलितों का गाँव सूना, भगवा झंडा लगाने पर महिला का घर तोड़ा… पूर्व DGP ने दिखाया ममता बनर्जी के भतीजे के क्षेत्र का हाल,...

दलित महिला की दुकान को तोड़ दिया गया, क्योंकि उसके बेटे ने पंचायत चुनाव में भाजपा की तरफ से चुनाव लड़ा था। पश्चिम बंगाल में भयावह हालात।

खालिस्तानी चरमपंथ के खतरे को किया नजरअंदाज, भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को बिगाड़ने की कोशिश, हिंदुस्तान से नफरत: मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार में जुटी ABC...

एबीसी न्यूज ने भारत पर एक और हमला किया और मोदी सरकार पर ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले खालिस्तानियों की हत्या की योजना बनाने का आरोप लगाया।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -