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खालिस्तानी अमृतपाल सिंह खडूर साहिब में आगे, जेल से लड़ रहा है चुनाव: शुरुआती रुझानों के बाद बोले नेटीजन्स- शर्म आनी चाहिए

असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह इस समय बड़ी मार्जिन से आगे चल रहा है। चुनाव आयोग की साइट के मुताबिक अभी अमृतपाल सिंह को अब तक 241540 वोट मिले है। वहीं कॉन्ग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा और आम आदमी पार्टी ललजीत सिंह भुल्लर पीछे जा रहे हैं।

लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजे अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुए हैं, लेकिन अभी तक के रुझानों में एनडीए गठबंधन बहुमत पाकर सरकार बनाती नजर आ रही है। इस बीच कुछ लोकसभा सीटें ऐसी हैं जहाँ कुछ प्रत्याशियों की बढ़त हैरान करने वाली दिख रही है।

इसमें एक नाम खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह का है। अमृतपाल ने पंजाब के खडूर साहिब से लोकसभा सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन किया था। अब खबर है कि वो कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों से ज्यादा वोट पाकर लीड कर रहा है।

ताजे आँकड़ों के अनुसार, असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद अमृतपाल सिंह इस समय बड़ी मार्जिन से आगे चल रहा है। चुनाव आयोग की साइट के मुताबिक अभी अमृतपाल सिंह को 241540 वोट मिले है। वहीं कॉन्ग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा और आम आदमी पार्टी ललजीत सिंह भुल्लर पीछे जा रहे हैं। ये नतीजे देख लोग कह रहे हैं कि मतदाताओं को शर्म आनी चाहिए कि वो खालिस्तान समर्थकों को वोट दे रहे हैं।

अमृतपाल सिंह का रुझानों में आगे जाना इसलिए भी हैरान करने वाला है क्योंकि उसने ये चुनाव असम की डिब्रूगढ़ जेल में रहते हुए लड़ा है। ‘वारिस पंजाब दे’ का मुखिया खालिस्तानी अमृतपाल सिंह पर अजानला पुलिस थाने पर हमला करके फरार होने का आरोप लगा हुआ है। पुलिस ने उसे काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था।

गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह का जन्म जल्लूपुर खेड़ा गाँव में 1993 में हुआ था। 12 क्लास पास करने के बाद वो दुबई गया। वहाँ उसे ट्रांसपोर्ट का बिजनेस किया और 2022 में दीप सिद्धू की मौत के बाद वो ‘वारिस पंजाब दे’ का नया प्रमुख बन गया। इसी के बाद से वो प्रशासन को चुनौती देने लगा था और 2023 में थाने पर हमला किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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