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‘खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग’ के अध्यक्ष विनय कुमार सक्सेना बने दिल्ली के नए उप-राज्यपाल, जानें कानपुर यूनिवर्सिटी से ‘राज निवास’ तक का सफर

उन्होंने जल संसाधन विकास के क्षेत्र में, सामाजिक कुप्रथाओं से लड़ने और आपदा प्रबंधन सहायता के क्षेत्र में भी काम किया है।

विनय कुमार सक्सेना को दिल्ली के नए उप-राज्यपाल (Delhi Lieutenant Governor) के रूप में नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन के एक बयान के अनुसार, अनिल बैजल का इस्तीफा स्वीकार करते हुए राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने ​सोमवार (23 मई, 2022) को विनय कुमार सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) को दिल्ली का नया एलजी नियुक्त किया है। सक्सेना दिल्ली के 22वें उप-राज्यपाल बने हैं।

वह पदभार ग्रहण करने की तारीख से दिल्ली के उप-राज्यपाल होंगे। इससे पहले वह खादी ग्रामोद्योग आयोग, भारत सरकार के चैयरमैन थे। उन्होंने 27 अक्तूबर, 2015 को अध्यक्ष के रूप में पदभार ग्रहण किया था।

23 मार्च 1958 को जन्मे विनय कुमार सक्सेना कानपुर यूनिवर्सिटी के छात्र रह चुके हैं। उनके बारे में बताया जाता है कि वह कॉरपोरेट के साथ-साथ एनजीओ सेक्टर में भी काम कर चुके हैं। उन्होंने 1984 में राजस्थान में जेके ग्रुप को ज्वॉइन किया और 11 सालों तक यहाँ काम किया। इसके अलावा उन्होंने जल संसाधन विकास के क्षेत्र में, सामाजिक कुप्रथाओं से लड़ने और आपदा प्रबंधन सहायता के क्षेत्र में भी काम किया।

बता दें कि बैजल के इस्तीफे के बाद चर्चा थी कि प्रफुल्ल खोड़ा पटेल, राकेश मेहता, राजीव महर्षि, सुनील अरोड़ा या फिर राकेश अस्थाना में से किसी एक को एलजी बनाया जा सकता है। उप-राज्यपाल पद पर अनिल बैजल का कार्यालय दिल्ली सरकार के साथ काफी विवादों से जुड़ा रहा है। दिल्ली के पूर्व उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने 18 मई को अचानक अपना इस्तीफा दे दिया था। इस्तीफे के पीछे की वजह उन्होंने निजी कारण बताए थे। उप-राज्यपाल के तौर पर उनका कार्यकाल के 5 साल 31 दिसंबर, 2021 को पूरा हो गया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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