एग्जिट पोल देख लिबरल गिरोह छोड़ रहा विष-फुंकार, गर्मी में निकल रहा झाग

पत्रकारिता के समुदाय विशेष और फ़ेक-लिबरलों-अर्बन-नक्सलियों के सर पर ‘गर्मी चढ़नी’ शुरू हो गई है। और यह उनके ट्वीट्स में भी दिख रही है। इस जगह हम उनकी इन्हीं बौखलाई हुई प्रतिक्रियाओं का संकलन कर रहे हैं…

जैसे-जैसे Exit Polls के नतीजे जारी करने का समय (शाम 6.30 बजे) पास आ रहा है, पत्रकारिता के समुदाय विशेष और फ़ेक-लिबरलों-अर्बन-नक्सलियों के सर पर ‘गर्मी चढ़नी’ शुरू हो गई है। और यह उनके ट्वीट्स में भी दिख रही है। इस जगह हम उनकी इन्हीं बौखलाई हुई प्रतिक्रियाओं का संकलन कर रहे हैं… यह आर्टिकल लगातार अपडेट होगा, नज़र रखें- उम्मीद है लिबरल मित्र हमें निराश नहीं करेंगे!

राज्यसभा टीवी से बेआबरू हो रुखसत किए गए MK वेणु इकलौते ABP के एक्ज़िट पोल में NDA को 6 सीटें कम होने की ख़ुशी मना रहे हैं। क्योंकि “दिल के खुश रखने को ‘वेणु’ ये बहाना मस्त है”

दीदी ने की EVM को गिरफ्तार करने की तैयारी, “मुझे एग्जिट पोल पर विश्वास नहीं होता। हज़ारों EVM को मैनिपुलेट करने या उनको बदलने की साज़िश की जा रही है इस एग्जिट पोल की गप्पबाज़ी से। मैं सारी विपक्षी पार्टियों से एकजुट होने, मज़बूत बनने और बुलंद रहने की अपील करती हूँ।”

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ऑपइंडिया की सलाह, बोलिए “जय श्रीराम”

रूपा सुब्रमण्या जी की कुल अंग्रेजी का सार यही है कि लोगों को शर्म आनी चाहिए मोदी को जिताने में… (मेरे लिए) कुछ भी तो नहीं किया है!

उमर अब्दुल्ला इस प्रतिक्रिया में कम-से-कम राहुल गाँधी से ज्यादा ‘मैच्योर’ नेता लग रहे हैं। उन्होंने मान लिया कि अगर हर एक्ज़िट पोल भाजपा को जीतता दिखा रहा है तो सब-के-सब तो गलत नहीं हो सकते। लेकिन उमर अब्दुल्ला जी, कश्मीर का प्रधानमंत्री आप अब भी नहीं बनेंगे!

राना अयूब के अनुसार महाराष्ट्र में लोगों ने किसानों के दुःख-दर्द को सीरियसली नहीं लिया, और गुजरात अपने दो नेताओं मोदी-शाह से चिपक कर बैठा है…

राजदीप सरदेसाई ने भूमिका बाँधी…

बरखा दत्त घर वापसी को लगभग तैयार, इतने अच्छे दिन तो मोदी ने भी नहीं सोचे होंगे…

अपशब्दों की उल्टियाँ शुरू… अशोक स्वैन आज अगर मोदी को गरिया रहे हैं तो 23 को जनता भी तैयार रहे…

राहुल बाबा के अलावा सब की गलतियाँ निकाली जा रहीं हैं… चिदम्बरम अब बस चुनाव में मंदिर बंद करवाने की बात न कर दें!

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अमित शाह, राज्यसभा
गृहमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष इस वक़्त तक 802 पत्थरबाजी की घटनाएँ हुई थीं लेकिन इस साल ये आँकड़ा उससे कम होकर 544 पर जा पहुँचा है। उन्होंने बताया कि सभी 20,400 स्कूल खुले हैं। उन्होंने कहा कि 50,000 से भी अधिक (99.48%) छात्रों ने 11वीं की परीक्षा दी है।

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