HomeराजनीतिBJP में शामिल हुए सेना के 7 रिटायर्ड अधिकारी, रक्षा मंत्री ने दिलाई सदस्यता

BJP में शामिल हुए सेना के 7 रिटायर्ड अधिकारी, रक्षा मंत्री ने दिलाई सदस्यता

“पार्टी में सशस्त्र बलों के बहुत ही सुशोभित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करना वास्तव में मेरी खुशी है। ऐसे वरिष्ठ पूर्व सैनिकों की उपस्थिति से भाजपा को लाभ होता है। वे राष्ट्र सुरक्षा की नीतियों पर मार्गदर्शन कर सकते हैं।”

लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के नामी लोगों के जुड़ने का सिलसिला जारी है। शनिवार को बीजेपी मुख्यालय में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की मौजूदगी में सेना के 7 रिटायर्ड अधिकारी बीजेपी से जुड़ गए। बीजेपी में शामिल हुए 7 रिटायर्ड अधिकारियों में 6 थल सेना और 1 वायुसेना के हैं। इनमें से 5 लेफ्टिनेंट जनरल रैंक के और 1 कर्नल रैंक के रिटायर्ड अधिकारी हैं, वहीं एक विंग कमांडर रैंक के हैं।

लेफ्टिनेंट जनरल जेबीएस यादव, लेफ्टिनेंट जनरल आर एन सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल एस के पटयाल, लेफ्टिनेंट जनरल सुनीत कुमार, लेफ्टिनेंट जनरल नितिन कोहली, कर्नल आर के त्रिपाठी और विंग कमांडर नवनीत मेगन ने रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण की उपस्थिति में पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले 6 अप्रैल को सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल शरत चंद भी भाजपा में शामिल हुए थे। सेना में पूर्व उप प्रमुख रहे शरत चंद विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की मौजूदगी में दिल्ली में भाजपा की सदस्यता ली थी।

सेना के सभी पूर्व अधिकारियों के भाजपा में शामिल होने पर निर्मला सीतारमण ने खुशी जताते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “पार्टी में सशस्त्र बलों के बहुत ही सुशोभित वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करना वास्तव में मेरी खुशी है। ऐसे वरिष्ठ पूर्व सैनिकों की उपस्थिति से भाजपा को लाभ होता है। वे राष्ट्र सुरक्षा की नीतियों पर मार्गदर्शन कर सकते हैं।”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही अभिनेता सनी देओल भाजपा में शामिल हुए हैं। सनी देओल को पार्टी ने गुरदासपुर सीट से टिकट दिया है। वहीं, दिल्ली में लोकसभा उम्मीदवारों के नाम के ऐलान से कुछ सप्ताह पहले ही पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर भी पार्टी में शामिल हुए थे। गौतम गंभीर इस चुनाव में पूर्वी दिल्ली से बीजेपी के उम्मीदवार हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -