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हमारे पास नंबर है, सरकार तो हम ही बनाएँगे, लेंगे अजित पर फैसला: शरद पवार

"जो खेल चल रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है। पहले ईवीएम खेल चल रहा था और अब यह नया खेल चल रहा है। इसके बाद से मुझे नहीं लगता कि चुनावों की भी जरूरत है।"

महाराष्ट्र में सुबह-सुबह आए सियासी भूचाल के बाद एनसीपी और शिवसेना साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल होने के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे और शरद पवार पहुँचे थे। वहीं शिवसेना-एनसीपी के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कॉन्ग्रेस शामिल नहीं हुई।

इस दौरान शरद पवार ने शिवसेना, कॉन्ग्रेस और एनसीपी के बारे में बात करते हुए कहा कि तीनों दलों ने सरकार बनाने का फैसला लिया था। उन्होंने कहा, “मुझे कुछ लोगों ने सुबह बताया कि हमें यहाँ लाया गया है, वे शायद राजभवन की बात कर रहे थे। अजित पवार के डिप्टी सीएम बनने का अचानक पता चला। एनसीपी का जो भी प्रमाणिक कार्यकर्ता है, वह उनके (अजित पवार) के साथ नहीं जाएगा। अजित पवार ने खुद समर्थन का फैसला लिया। अजित पवार का फैसला पार्टी लाइन के खिलाफ है। यह अनुशासन तोड़ने वाला है। एनसीपी का कोई भी कार्यकर्ता एनसीपी-बीजेपी की सरकार के समर्थन में नहीं है।”

उन्होंने कहा कि पार्टी विधायक दल के नेता के चयन के दौरान विधायकों के हस्ताक्षर लिए गए थे, आशंका है कि इस हस्ताक्षर वाली चिट्ठी को ही राजभवन में दिया गया होगा। उन्होंने आगे कहा, “सदन में वो (फडणवीस और अजित पवार) बहुमत पेश नहीं कर पाएँगे, हम फिर से सरकार बनाने का प्रयास करेंगे। सरकार का नेतृत्व शिवसेना के पास हो ऐसा हमारा प्रयास होगा। बहुमत साबित होने तक हम साथ रहेंगे। आज शाम 4 बजे नए एनसीपी विधायक दल के नेता को चुना जाएगा। अजित पवार पर कार्रवाई के बारे में पार्टी की संसदीय बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया जाएगा। 30 नवंबर तक बहुमत साबित करने का वक्त। हमारे पास नंबर है, सरकार तो हम ही बनाएँगे।”

वहीं उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “जो खेल चल रहा है, उसे पूरा देश देख रहा है। पहले ईवीएम खेल चल रहा था और अब यह नया खेल चल रहा है। इसके बाद से मुझे नहीं लगता कि चुनावों की भी जरूरत है। हमने जनादेश का सम्मान किया, हम जो भी करते हैं खुलेआम करते हैं। राष्ट्रपति शासन हटाने के लिए सुबह-सुबह केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई थी, ऐसी जानकारी मिली है। संविधान के अनुसार काम होना चाहिए। मुझे कोई चिंता नहीं, मेरे साथ पहले भी ऐसा हुआ है। इन लोगों ने बिहार, हरियाणा में भी यही किया। वो लोगों को तोड़ते हैं, हम जोड़ते हैं।” अपने विधायकों को तोड़ने के सवाल पर बोले उद्धव ठाकरे ने कहा, “कोशिश करके देखें, महाराष्ट्र सोने वाला नहीं है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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