खिंसियानी महुआ मीडिया को धमकाए: भाषण में ‘चोरी’ पकड़े जाने पर दिखाई विशेषाधिकार की धौंस

महुआ ने बता दिया है कि वे अपनी नेता ममता बनर्जी के नक्शेकदम पर चलने को तैयार हैं। मीडिया जब भी ममता बनर्जी की आलोचना करता है तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर वह भी मीडिया को धमकाने से बाज नहीं आतीं।

पश्चिम बंगाल की कृष्णानगर सीट से चुनकर लोकसभा पहुॅंचीं तृणमूल कॉन्ग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा अब अपने विशेषाधिकारों की आड़ में पत्रकारों को धमकाने पर उतर आईं हैं। लोकसभा में अपने पहले संबोधन से चर्चा में आई ‘उदारवाद की नई नायिका’ ने गुरुवार को सदन में विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव रखा। अपने पहले संबो​धन में ‘साहित्यिक चोरी’ को लेकर महुआ विवादों में हैं। इस चोरी को उजागर करने वाले पत्रकार को डराने के लिए उन्होंने विशेषाधिकार की धौंस दिखाने की कोशिश की।

असल में महुआ ने बीते दिनों नरेंद्र मोदी की सरकार पर निशाना साधते हुए लोकसभा में बेहद तीखा भाषण दिया था। लेकिन, 3 जुलाई को सुधीर चौधरी ने जी न्यूज के अपने शो ‘डीएनए’ में बताया कि महुआ का भाषण मौलिक नहीं था। उन्होंने दस्तावेज साझा करते हुए बताया कि मोइत्रा ने किस तरह एक अमेरिकी वेबसाइट से भाषण चोरी कर लोकसभा में दिए। चौधरी ने इसको लेकर ट्वीट भी किए थे।

इससे महुआ की काफी किरकिरी हुई। इसी से खार खाई तृणमूल सांसद गुरुवार को लोकसभा में विशेषाधिकार हनन का नोटिस लेकर आईं ताकि पत्रकार और मीडिया संस्थान निर्भीक होकर तथ्य सामने नहीं रख सके। वो तो भला हो, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का कि उन्होंने इस नोटिस को खारिज कर दिया।

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अपने भाषण पर विवाद के बाद महुआ ने सफाई देते हुए कहा था कि उनके शब्द चोरी के नहीं थे। उन्होंने जो कुछ कहा दिल से कहा। उन्होंने मीडिया पर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया था। मीडिया संस्थानों और पत्रकारों को धमकाया भी था। इस दौरान मीडिया को ‘बिकाऊ’ बताने से भी वे नहीं चूकीं।

महुआ ने अपने इस अंदाज़ से बता दिया है कि वे अपनी नेता ममता बनर्जी के नक्शेकदम पर चलने को तैयार हैं। असल, में मीडिया जब भी ममता बनर्जी की सरकार की आलोचना करता है तो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री मीडिया को धमकाने से बाज नहीं आतीं।

उल्लेखनीय है कि महुआ पर अमेरिकी वेबसाइट के 2017 के जिस आलेख से शब्द चुराने के आरोप हैं उसे भी चौधरी ने ट्वीट किया था।

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