Tuesday, September 21, 2021
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हजारों पोस्टकार्ड ममता के नाम, डाक विभाग हुआ परेशान

रेलवे मेल सर्विस ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजे गए क़रीब 4,500 पोस्टकार्ड्स अलग किए। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इन हरक़तों से बिल्कुल ख़ुश नहीं है।

पश्चिम बंगाल में बीजेपी और तृणमूल कॉन्ग्रेस के बीच चल रही राजनीतिक जंग थमने का नाम नहीं ले रही। दोनों के बीच तक़रार इतनी बढ़ गई है कि एक-दूसरे पर पलटवार करने से भी नहीं चूकते। ताज़ा मामला पोस्टकार्ड्स को लेकर है जिसकी वजह से डाक विभाग ख़ासा परेशान है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से साउथ कोलकाता पोस्ट ऑफ़िस में हज़ारों की संख्या में पोस्टकार्ड्स का अंबार लग गया है। इन पोस्टकार्ड्स पर ‘जय श्रीराम’ लिखा हुआ है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजा गया है। ममता बनर्जी का घर इसी पोस्ट ऑफ़िस के कार्यक्षेत्र में आता है।

वैसे तो डाक विभाग के कर्मचारियों के लिए पोस्टकार्ड काफ़ी मायने रखते हैं और इसीलिए डाक विभाग प्रत्येक डाक को यथास्थान तक पहुँचाने को अपनी ज़िम्मेदारी समझता है। लेकिन, वर्तमान स्थिति ऐसी हो गई है कि हज़ारों की संख्या में आए पोस्टकार्ड्स उनके लिए चुनौती बन गए हैं। ख़बर के अनुसार, पोस्ट ऑफ़िस के सूत्रों ने बताया:

“आमतौर पर सीएम के लिए 30-40 पोस्टकार्ड और रजिस्टर लेटर आते थे। लकिन अचानक से यह कई गुना बढ़ गया है।” उन्होंने इस बात की भी जानकारी दी कि ये पोस्टकार्ड्स अब उनके कार्यालय द्वारा प्रतिदिन संभाले जा रहे कुल डाक का 10 प्रतिशत अधिक हैं।

ख़बर है कि गुरुवार (6 मई) को रेलवे मेल सर्विस ने भी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को भेजे गए क़रीब 4,500 पोस्टकार्ड्स अलग किए। ममता बनर्जी और उनकी पार्टी के कार्यकर्ता इन हरक़तों से बिल्कुल ख़ुश नहीं है और इसलिए उन्होंने भी यह तय किया कि इन पोस्टकार्ड्स का जवाब दिया जाए। तृणमूल कॉन्ग्रेस अब ‘जय श्रीराम’ की जगह ‘जय हिंद’ और ‘जय बांग्ला’ लिखे पोस्टकॉर्ड्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज रही है।

TMC नेता और राज्य खाद्यान्न मंत्री ज्योतिप्रियो मल्लिक ने कहा:

“मुख्‍यत: उत्‍तरी 24 परगना, हावड़ा और हुगली के हमारे समर्थक प्रतिदिन आठ हज़ार पोस्‍टकार्ड भेज रहे हैं। वर्तमान समय में अब पोस्‍टकार्ड की कमी हो गई है और हमने फ़ैसला किया है कि अब पत्र छापे जाएँगे और उसे पीएम मोदी को भेजा जाएगा। हम पीएमओ को इन पत्रों को भेजना जारी रखेंगे।”

इतनी बड़ी संख्या में एक-दूसरे को पोस्टकार्ड्स भेजने का सिलसिला तो पता नहीं कब थमे, लेकिन इससे डाक विभाग की परेशानी बढ़ना तो तय है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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