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अंग्रेजों से लोहा लेने वाले मंगल पांडेय के वंशजों को मोदीराज में नहीं लगता है डर

मंगल पांडेय के वंशज के अनुसार बलिया की हालत और छवि पहले बहुत ख़राब थी। पहले केवल 3-4 घंटे ही बिजली आती थी लेकिन अब 18 घंटे बिजली आती है।

देश में अंग्रेजी राज के खिलाफ अलख जगाने वाले और प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कहे जाने वाले मंगल पांडेय की पाँचवी पीढ़ी के वंशज चाहते हैं कि अगली बार भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही बनें। सन 1857 में अंग्रेजों की सेना में विद्रोह का बिगुल फूँकने वाले मंगल पांडेय को फाँसी दे दी गई थी। टाइम्स ऑफ़ इंडिया के हवाले से खबर है कि उन्हीं मंगल पाण्डेय के वंशजों की दिली इच्छा है कि नरेंद्र मोदी फिर से प्रधानमंत्री बनें।

उत्तर प्रदेश के बलिया ज़िले में रहने वाले संतोष कुमार पांडेय और प्रभुनाथ पांडेय भाई हैं। उनके अनुसार भाजपा ने सरकार में रहते हुए बहुत काम किया है। पांडेय बंधु सरकार की तारीफ करते हुए कहते हैं कि भाजपा सरकार की उज्ज्वला योजना से उन्हें बिजली मिली, लोगों को घर मिले, किसानों को भी फायदा मिला और पाकिस्तान पर भी सर्जिकल स्ट्राइक की गई। संतोष और प्रभुनाथ यह मानते हैं कि मोदी सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को भी सम्मान दिया और आज हम लोग भारत में इसलिए सुरक्षित हैं क्योंकि नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री हैं।

संतोष कुमार पांडेय स्कूल में अध्यापक की नौकरी करते हैं। वे कहते हैं कि उनके परिवार ने 1975 में इंदिरा गाँधी द्वारा लगाई गई इमरजेंसी के खिलाफ भी लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने नरेंद्र मोदी द्वारा हिंदी को प्रोत्साहित किए जाने की भी तारीफ की।

नरेंद्र मोदी से राहुल गाँधी की तुलना किए जाने पर पांडेय जी कहते हैं कि पहले बिजली की आपूर्ति बहुत खराब थी और केवल 3-4 घंटे ही बिजली आती थी। लेकिन अब 18 घंटे बिजली आती है। मंगल पांडेय के एक अन्य वंशज के अनुसार बलिया की हालत और छवि पहले बहुत ख़राब थी लेकिन मोदी सरकार में सड़कों से लेकर रेलवे तक सबमें सुधार आया है। बलिया अब पहले से अधिक साफ़ सुथरा हो गया है।

बलिया में लोक सभा निर्वाचन 2019 के अंतिम चरण में 19 मई को मतदान होना है।   

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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