मणिशंकर अय्यर ने पकड़े पाँव: माफ़ कीजिए, मुझे कुछ याद नहीं, मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा

अय्यर ने कॉन्ग्रेस अधिवेशन के दौरान कटाक्ष करते हुए कहा था, "21वीं शताब्दी में वह (नरेंद्र मोदी) प्रधानमंत्री बन पाएँ, ऐसा कतई मुमकिन नहीं है। लेकिन, यदि वह यहाँ (कॉन्ग्रेस अधिवेशन में) आकर चाय बेचना चाहें तो हम उनके लिए जगह बना सकते हैं।"

कॉन्ग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपने उस विवादित बयान से एकदम से पलट गए हैं, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को कॉन्ग्रेस के कार्यक्रम में चाय बाँटने की सलाह दी थी। उन्होंने मोदी को ‘चायवाला’ कहा था। एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने न सिर्फ़ अपने इस बयान के बारे में बात करने से इनकार कर दिया, बल्कि पत्रकार से कहा कि वह केवल जम्मू-कश्मीर पर ही सवाल पूछें।

इंटरव्यू के दौरान एक रोचक मौका तब आया, जब मणिशंकर अय्यर अजीब सी आवाज बना कर पत्रकार के पाँव छूने लगे। इंटरव्यू ले रहे पत्रकार ने मणिशंकर अय्यर से कहा कि वो इतने बड़े राजनेता हैं और राजनयिक भी रह चुके हैं, ऐसे में वो उनकी बहुत इज्जत करते हैं। इसके बाद अजीब सी आवाज बनाते हुए अय्यर ने कहा, “बहुत-बहुत धन्यवाद आपका। आपने मेरी प्रशंसा की। मैं आपके पाँव छूता हूँ।“‘

पत्रकार ने जब अय्यर को उनके ‘चायवाला’ बयान की याद दिलाई तो पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उन्हें कुछ याद नहीं है। उन्होंने कहा, “माफ़ कीजिए। मुझे कुछ याद नहीं है। मैंने ऐसा कुछ नहीं कहा।” अय्यर इस बात से नाराज़ दिखे कि उनसे 5 वर्ष बाद भी उसी बयान को लेकर सवाल पूछे जा रहे हैं। बता दें कि 2014 में जब नरेंद्र मोदी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार थे, तब मणिशंकर अय्यर ने कॉन्ग्रेस अधिवेशन के दौरान कटाक्ष करते हुए कहा था:

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

“21वीं शताब्दी में वह (नरेंद्र मोदी) प्रधानमंत्री बन पाएँ, ऐसा कतई मुमकिन नहीं है। लेकिन, यदि वह यहाँ (कॉन्ग्रेस अधिवेशन में) आकर चाय बेचना चाहें तो हम उनके लिए जगह बना सकते हैं।”

इंटरव्यू के दौरान इस बारे में सवाल किए जाने पर पूर्व केंद्रीय मंत्री अय्यर ने हाथ जोड़ पत्रकार के पाँव छू लिए। अक्सर विवादित बयानों के कारण सुर्ख़ियों में रहने वाले अय्यर ने हाल ही में आंध्र प्रदेश के विभाजन को कॉन्ग्रेस की रणनीतिक भूल करार दिया था। वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता जयपाल रेड्डी का राजनीतिक करियर ख़त्म होने के लिए भी इसी निर्णय को दोषी ठहराया था।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

चीफ़ जस्टिस रंजन गोगोई (बार एन्ड बेच से साभार)
"पारदर्शिता से न्यायिक स्वतंत्रता कमज़ोर नहीं होती। न्यायिक स्वतंत्रता जवाबदेही के साथ ही चलती है। यह जनहित में है कि बातें बाहर आएँ।"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

112,346फैंसलाइक करें
22,269फॉलोवर्सफॉलो करें
116,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: