Homeराजनीतिमैं CAA पर अमित शाह के साथ बहस करूँगी: कागज़ देख कर भाषण देने...

मैं CAA पर अमित शाह के साथ बहस करूँगी: कागज़ देख कर भाषण देने वाली मायावती की चुनौती

वो नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बहस करेंगी। जहाँ एक तरफ़ शाह पूरी तैयारी के साथ संसद में जाते हैं और हर एक सांसद के सवालों के जवाब देते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मायावती प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर रैलियों तक, अपना भाषण कागज़ देख कर पढ़ने के लिए जानी जाती हैं।

उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अमित शाह को चुनौती दी है कि वो नागरिकता संशोधन क़ानून और एनआरसी के मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ बहस करेंगी। जहाँ एक तरफ़ शाह पूरी तैयारी के साथ संसद में जाते हैं और हर एक सांसद के सवालों के जवाब देते हैं, वहीं दूसरी तरफ़ मायावती प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर रैलियों तक, अपना भाषण कागज़ देख कर पढ़ने के लिए जानी जाती हैं।

मायावती के इस बयान का लाखों ने सोशल मीडिया पर ख़ूब मखौल उड़ाया। बसपा सुप्रीमो ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पूरे देश भर में चल रहे आन्दोलनों के कारण परेशान हो गई है। बकौल मायावती, पूरे देश में महिला और युवा इस क़ानून के ख़िलाफ़ आंदोलन कर रहे हैं।

लखनऊ के रामकथा पार्क में सीएए के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा था। सीएए का विरोध करने वाले इन सभी नेताओं को उन्होंने ललकारा कि यदि इस कानून की कोई भी धारा से किसी की नागरिकता छीनी जा सकती है तो वह मुझे दिखाइये।

उन्हें चुनौती दी कि यदि उनमें हिम्मत है तो इस कानून पर बहस करने के लिए सार्वजनिक मंच ढूँढे। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि वो बहस के जरिए सीएए विरोधी नेताओं के साथ मुकाबला करने के लिए तैयार हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘श्मशान का भी व्यवसाय’… ईशा फाउंडेशन को पटना में एशिया के सबसे बड़े शवदाह गृह के संचालन की जिम्मेदारी मिलने पर हंगामा, जानें- ऑपइंडिया...

पटना के बांसघाट शवदाह गृह को लेकर उठे सवालों के बीच जानिए सरकार ने ईशा फाउंडेशन को जिम्मेदारी क्यों दी और क्या हैं सुविधाएँ।

वेनेजुएला में तबाही के बाद भारत के ‘भूदेव’ की आई याद, हिमालयी क्षेत्रों में तैनात ये सिस्टम बचा सकता है लाखों की जान: समझें...

भूकंप की जानकारी देने के लिए आईआईटी रुड़की ने एक अत्याधुनिक भूकंप अर्ली वॉर्निंग मोबाइल ऐप और सिस्टम ‘भूदेव’ तैयार किया है।
- विज्ञापन -