Sunday, July 3, 2022
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‘किसानों और सरकार में होगी भयंकर लड़ाई, मैं खुद उतरूँगा मैदान में’: राज्यपाल सत्यपाल मलिक का ऐलान – अडानी का गोदाम उखाड़ फेंको

"जब किसान आंदोलन में हमारे लोग सड़कों पर मरने लगे, तब मैं अपना इस्तीफा जेब में लेकर प्रधानमंत्री जी से मिलने गया। मैंने उन्हें समझाया कि इन लोगों के साथ ज्यादती हो रही है।"

अपने विवादित बयानों के कारण अक्सर विवादों में रहने मेघालय के गवर्नर सत्यपाल मलिक (Satya Pal Malik) ने एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। सत्यपाल मलिक ने कहा, “किसानों का आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है। उन्होंने सिर्फ धरना खत्म किया है। अगर समय रहते MSP पर कानून नहीं बनाया, तो देश में किसानों और सरकार के बीच भयंकर लड़ाई होगी। मैं खुद अपना इस्तीफा जेब में लेकर घूमता हूँ, किसानों के लिए 4 महीने बाद मैदान में उतर जाऊँगा।”

उन्होंने रविवार (12 जून 2022) को जयपुर में राष्ट्रीय जाट संसद को संबोधित करते हुए अंबानी-अडानी पर भी पर हमला बोला। मलिक ने किसानों को भड़काते हुए कहा, “अडानी ने किसानों की फसल सस्ते दाम पर खरीदने और महँगे दामों पर बेचने के लिए पानीपत में बड़ा गोदाम बनाया है। अडानी का ऐसा गोदाम उखाड़ फेंको। डरने की जरूरत नहीं है, मैं आपके साथ जेल चलूँगा। अडानी और अंबानी मालदार कैसे हो गए हैं, जब तक इन लोगों पर हमला नहीं होगा, तब तक ये लोग रुकेंगे नहीं।”

राज्यपाल सतपाल मलिक ने आगे कहा, “जब किसान आंदोलन में हमारे लोग सड़कों पर मरने लगे, तब मैं अपना इस्तीफा जेब में लेकर प्रधानमंत्री जी से मिलने गया। मैंने उन्हें समझाया कि इन लोगों के साथ ज्यादती हो रही है। कुछ ले-देकर इन्हें हटा दीजिए। उन्होंने कहा कि वे चले जाएँगे। इस पर मैंने उनसे कहा ये किसान समझौता करने वाली कौम नहीं है। बाद में उन्हें समझ में आया। तब उन्होंने माफी माँगकर कानून वापस लिए।”

गौरतलब है कि इससे पहले मार्च में सत्यपाल मलिक ने किसानों को हिंसा के लिए भड़काते हुए केंद्र की मोदी सरकार को धमकी दी थी। उन्होंने कहा था कि अगर किसानों की माँगें नहीं मानी गईं तो वो उन्हें मनवाने के लिए हिंसा का रास्ता अपना सकते हैं। उन्होंने कहा था, “दिल्ली को मेरी सलाह है कि उनके साथ न भिड़े, वे खतरनाक लोग हैं। किसानों का मुद्दा उठाने के कारण मुझे अपना राज्यपाल का पद खोने का कोई डर नहीं है। किसान जो चाहते हैं, उसे हासिल कर के रहेंगे।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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