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करतारपुर कॉरिडोर के लिए सिद्धू को कॉन्ग्रेस ने किया किनारे, इमरान खान की पार्टी ने भेजा न्यौता

कॉन्ग्रेस का जो प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जा कर करतारपुर कॉरिडोर के समारोह का हिस्सा बनेगा, उसमें सिद्धू का नाम नहीं था। ऐसे में सिद्धू के हरदिल अजीज दोस्त इमरान खान ने खुद ही अपनी पार्टी की ओर से उन्हें स्पेशल निमंत्रण भेजा।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ पार्टी (पीटीआई) ने पंजाब सरकार के पूर्व मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के लिए अपने कोटे से निमंत्रण भेजा है। 9 नवंबर 2019 यानी शनिवार को करतारपुर कॉरिडोर का अनावरण इसके दोनों छोरों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इमरान खान को करना है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पीटीआई ने बयान जारी कर कहा, “पीटीआई ने तय किया है कि नवजोत सिंह सिद्धू को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए निमंत्रण भेजा जाए।” ज़ी न्यूज़ के अनुसार पीटीआई के सीनेटर फैसल जावेद खान ने इस बाबत सिद्धू से इमरान खान के निर्देशों के अनुसार फ़ोन पर बात की और उन्हें 9 नवंबर के समारोह में शामिल होने का निमंत्रण दिया। टाइम्स नाउ के दावे के अनुसार सिद्धू ने यह निमंत्रण स्वीकार कर लिया है और आश्वासन दिया है कि वे करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेंगे।

यहाँ यह दिलचस्प बात है कि खुद सिद्धू की पार्टी कॉन्ग्रेस का जो प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जा कर करतारपुर कॉरिडोर के समारोह का हिस्सा बनेगा, उसमें सिद्धू का नाम नहीं था। कॉन्ग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की अध्यक्षता भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह करेंगे, जिन्हें न्यौता पीटीआई नहीं पाकिस्तान सरकार के विदेश मंत्रालय की ओर से भेजा गया है। इसके अलावा वरिष्ठ कॉन्ग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया, आरपीएन सिंह, रणदीप सुरजेवाला, दीपेंदर हुड्डा और जितिन प्रसाद एवं पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह करतारपुर कॉरिडोर के अनावरण में हिस्सेदारी करेंगे।

गौरतलब है कि सिद्धू पहले अमरिंदर सिंह की कैबिनेट का हिस्सा भी थे, लेकिन पहले तो एंटी-नेशनल और पाकिस्तान-समर्थक देखी जाने वाली बयानबाजी, और उसके बाद राजनीतिक अनुशासनहीनता के चलते कैप्टेन ने उनका मंत्रिपद छीन लिया था। मीडिया सूत्रों के मुताबिक पहले सिद्धू का भी नाम इस प्रतिनिधिमंडल में था, लेकिन उनकी पिछली पाकिस्तान यात्राओं के बवाल को देखते हुए उसे हटा लिया गया।

सिद्धू इमरान खान के खास दोस्तों में गिने जाते हैं और इमरान के शपथ समरोह में वे पाकिस्तान के तत्कालीन सेनाध्यक्ष कमर बाजवा और खालिस्तानी गोपाल सिंह चावला के साथ भी खासे करीबी नज़र आए थे। इमरान ने यह भी कहा था कि सिद्धू अगर कभी पाकिस्तान में चुनाव लड़ें तो वे वहाँ भी जीत हासिल कर सकते हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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