Tuesday, April 13, 2021
Home राजनीति दाऊद इब्राहिम से शरद पवार के संबंध जगजाहिर, उनके CM रहते ही भागे थे...

दाऊद इब्राहिम से शरद पवार के संबंध जगजाहिर, उनके CM रहते ही भागे थे मुंबई धमाकों के आरोपित: पूर्व रॉ अधिकारी

सूद के अनुसार दाऊद को पकड़ने में मनमोहन सरकार ने भी कोई रुचि नहीं दिखाई। उसे दुबई में गिरफ़्तार कर देश लाने के लिए अजित डोभाल को रिटायर होने के बाद बुलाया गया। लेकिन ऑपरेशन के अंतिम क्षणों में हस्तक्षेप किया गया।

दाऊद इब्राहिम और उसकी डी कंपनी से कई नामचीनों के तार जुड़े होने का अंदेशा समय-समय पर लगता रहता है। अब रॉ के एक पूर्व अधिकारी ने इस संबंध में बड़ा खुलासा किया है। एनके सूद के अनुसार एनसीपी के मुखिया शरद पवार और कॉन्ग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गॉंधी के बेहद करीबी माने जाने वाले पार्टी सांसद अहमद पटेल के दाऊद से करीबी संबंध थे।

कॉन्ग्रेस और एनसीपी नेताओं से अपनी इसी करीबी का फायदा उठाकर अंडरवर्ल्ड डॉन देश से भाग निकलने में कामयाब रहा। उसे पकड़ कर लाने के खुफिया ऑपरेशन भी इसकी भेंट चढ़े। 1993 मुंबई ब्लास्ट के इस गुनहार को केंद्र सरकार ने हाल ही में यूएपीए कानून के तहत आतंकी घोषित किया है।

सूद ने एक साक्षात्कार में कहा कि जब दाऊद और मुंबई धमाकों के अन्य आरोपी देश से भागे, तब पवार मुख्यमंत्री थे। उनके मुताबिक धमाकों के बाद दाऊद और उसके गुर्गों के खिलाफ कानून-प्रवर्तन एजेंसियों ने सख्ती नहीं की। इस सबसे संकेत मिलते हैं कि शरद पवार और दाऊद के बीच संबंध थे। उन्होंने कहा, “यह जगजाहिर है कि शरद पवार के दाऊद इब्राहिम से संबंध थे।”

सूद ने पाकिस्तान को लेकर पवार के हालिया बयान का भी इस दौरान जिक्र किया। पवार ने हाल में पाकिस्तान को शांति प्रिय मुल्क बताते हुए कहा था कि भारत सरकार उसके खिलाफ दुष्प्रचार कर रही है। सूद ने जोर देकर कहा कि आतंकवाद के सरपरस्त मुल्क पाकिस्तान की तारीफ करने के पीछे पवार और दाऊद इब्राहिम के ही संबंध ही हैं। दाऊद के साथ उनका व्यापारिक संबंध भी रहा है।

पूर्व रॉ अधिकारी ने कहा कि बालाकोट एयरस्ट्राइक के वक्त पवार ने कहा कि हमला पाकिस्तान पर नहीं, जम्मू-कश्मीर पर हुआ है। जो शख्स कभी कॉन्ग्रेस का कद्दावर नेता रहा हो, कई महत्वपूर्ण मह​कमे सॅंभाल चुका हो और महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री रह चुका हो, उसका इस तरह बयान देना दिलचस्प है। उन्होंने कहा जब इस स्तर का नेता इस तरह के बयान देता है तो यह धारणा और मजबूत होती है कि इसके पीछे के कारण कुछ और हैं।

मुंबई में जब मार्च 1993 में 12 सिलसिलेवार धमाके हुए थे और सैकड़ों निर्दोष मारे गए थे, तब पवार महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। सूद ने दावा किया कि उस वक्त पवार ने 12 की बजाए एक मस्जिद सहित 13 जगह धमाके होने की बात कह लोगों की आँखों में धूल झोंका था। उनके अनुसार, शायद वे पाकिस्तान और दाऊद इब्राहिम से देश का ध्यान भटकाना चाहते थे। इसके अलावा, सूद ने कहा कि जब जाँच एजेंसियों ने सरकार से दाऊद इब्राहिम की सम्पत्तियों को ज़ब्त करने के लिए कहा, तो पवार ने यह कहकर कि यहाँ दाऊद की कोई संपत्ति नहीं है इसमें अड़ंगा डाला।

सूद ने कहा कि दाऊद को पकड़ने में मनमोहन सरकार ने भी कोई रुचि नहीं दिखाई थी। रिटायर होने के बाद अजित डोभाल को उसे दुबई में गिरफ़्तार कर देश लाने के लिए बुलाया गया था। ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए दो अधिकारियों का चयन किया गया। जब डोभाल उन्हें हवाई अड्डे की ओर जाने वाली कार में ऑपरेशन के बारे में बता रहे थे, तो दिल्ली के डीएसपी ने उन्हें दुबई जाने और अपने ऑपरेशन को अंजाम देने से रोक दिया। इस तरह के एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में, एक सरकारी कर्मचारी के अंतिम मिनट के हस्तक्षेप से पता चलता है कि कॉन्ग्रेस, एनसीपी और अन्य वरिष्ठ नेता नहीं चाहते थे कि दाऊद पकड़ा जाए।

दाऊद इब्राहिम के स्वैच्छिक आत्मसमर्पण की पेशकश के बारे में सूद ने दावा किया कि शरद पवार जैसे नेता और डी-कंपनी के साथ व्यापारिक संबंध रखने वाले नेता नहीं चाहते थे कि वे भारत लौटे। इससे शरद पवार समेत उससे जुड़े नेताओं को डर था कि दाऊद ने मुँह खोला तो उनका राजनीतिक करियर चौपट हो सकता है। सूद के अनुसार शरद पवार ने सरेंडर के बदले दाऊद इब्राहिम की मामूली माँगों को भी नहीं स्वीकार किया। उसने आर्थर जेल में रखने और थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट नहीं देने की माँग की थी।

पूर्व रॉ अधिकारी ने बताया कि कई कॉन्ग्रेस नेताओं, विशेष रूप से सोनिया गाँधी के करीबी अहमद पटेल का भी दाऊद इब्राहिम के साथ संबंध था। सूद के अनुसार कुछ प्रभावशाली लोगों जिनमें ज्यादातर राजनेता थे के दखल के कारण ही दाऊद देश से भागने में कामयाब हो पाया। उन्होंने कहा कि उस समय खाड़ी देशों में रॉ की यूनिट को जानबूझकर बर्बाद किया गया। इसमें रतन सहगल और हामिद अंसारी की भूमिका होने की बात उन्होंने कही। सहगल बाद में सीआईए का एजेंट साबित हुआ। बकौल सूद ये तथ्य संदेह पैदा करते हैं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

यूपी के 15,000 प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूल हुए अंग्रेजी मीडियम, मिशनरी स्कूलों को दे रहे मात

उत्तर प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चे भी मिशनरी व कांवेंट स्कूलों के छात्रों की तरह फर्राटेदार अंग्रेजी बोल सकें। इसके लिए राज्य के 15 हजार स्कूलों को अंग्रेजी मीडियम बनाया गया है, जहाँ पढ़ कर बच्चे मिशनरी स्कूल के छात्रों को चुनौती दे रहे हैं।

पहले कमल के साथ चाकूबाजी, अगले दिन मुस्लिम इलाके में एक और हिंदू पर हमला: छबड़ा में गुर्जर थे निशाने पर

राजस्थान के छबड़ा में हिंसा क्यों? कमल के साथ फरीद, आबिद और समीर की चाकूबाजी के अगले दिन क्या हुआ? बैंसला ने ऑपइंडिया को सब कुछ बताया।

दिल्ली में नवरात्र से पहले माँ दुर्गा और हनुमान जी की प्रतिमाओं को किया क्षतिग्रस्त, सड़क पर उतरे लोग: VHP ने पुलिस को चेताया

असामाजिक तत्वों ने न सिर्फ मंदिर में तोड़फोड़ मचाई, बल्कि हनुमान जी की प्रतिमा को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। बजरंग दल ने किया विरोध प्रदर्शन।

कालीन के अंदर कब तक छिपाते रहेंगे मुहम्मदवाद के खतरे… आज एक वसीम रिजवी है, एक यति नरसिंहानंद हैं; कल लाखों होंगे

2021 में भी समाज को 600 ईस्वी की रिवायतों से चलाने की क्या जिद है, धरती को चपटा मानने की और बुराक घोड़े को जस का तस स्वीकारने की क्या जिद है।

‘कॉन्ग्रेस में शरीफ होना पाप, प्रशांत किशोर की फौज को खुश कर मिलता है टिकट’: पंजाब के पार्टी नेता ने खोले राज

बंगाल में ममता बनर्जी की संभावित हार से पीछे छुड़ाने की कोशिश में लगे प्रशांत किशोर के लिए पंजाब की राह भी आसान नहीं दिखती।

जलियाँवाला नरसंहार वाले जनरल डायर का स्वर्ण मंदिर में सिरोपा दे हुआ था सम्मान, अमरिंदर के पुरखे भी थे अंग्रेजों के वफादार

जलियाँवाला बाग़ नरसंहार के बारे में कौन नहीं जानता। यह नरसंहार अंग्रेज अधिकारी जनरल रेजिनाल्ड एडवर्ड डायर के आदेश पर हुआ था। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि अकाल तख़्त ने उसे सिरोपा देकर सम्मानित किया था।

प्रचलित ख़बरें

‘हमें बार-बार जाना पड़ता है, वो वॉशरूम कब जाती हैं’: साक्षी जोशी का PK से सवाल- क्या है ममता बनर्जी का टॉयलेट शेड्यूल

क्लबहाउस पर बातचीत में ‘स्वतंत्र पत्रकार’ साक्षी जोशी ने ममता बनर्जी की शौचालय की दिनचर्या के बारे में उनके चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से पूछताछ की।

छबड़ा में मुस्लिम भीड़ के सामने पुलिस भी थी बेबस: अब चारों ओर तबाही का मंजर, बिजली-पानी भी ठप

हिन्दुओं की दुकानों को निशाना बनाया गया। आँसू गैस के गोले दागे जाने पर हिंसक भीड़ ने पुलिस को ही दौड़ा-दौड़ा कर पीटा।

राजस्थान: छबड़ा में सांप्रदायिक हिंसा, दुकानों को फूँका; पुलिस-दमकल सब पर पत्थरबाजी

राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में सांप्रदायिक हिसा के बाद कर्फ्यू लगा दिया गया गया है। चाकूबाजी की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने...

भाई ने कर ली आत्महत्या, परिवार ने 10 दिनों तक छिपाई बात: IPL के ग्राउंड में चमका टेम्पो ड्राइवर का बेटा, सहवाग भी हुए...

IPL की नीलामी में चेतन सकारिया को अच्छी खबर तो मिली, लेकिन इससे तीन सप्ताह पहले ही उनके छोटे भाई ने आत्महत्या कर ली थी।

रूस का S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और US नेवी का भारत में घुसना: ड्रैगन पर लगाम के लिए भारत को साधनी होगी दोधारी नीति

9 अप्रैल को भारत के EEZ में अमेरिका का सातवाँ बेड़ा घुस आया। देखने में जितना आसान है, इसका कूटनीतिक लक्ष्य उतनी ही कॉम्प्लेक्स!

जहाँ खालिस्तानी प्रोपेगेंडाबाज, वहीं मन की बात: क्लबहाउस पर पंजाब का ठेका तो कंफर्म नहीं कर रहे थे प्रशांत किशोर

क्लबहाउस पर प्रशांत किशोर का होना क्या किसी विस्तृत योजना का हिस्सा था? क्या वे पंजाब के अपने असायनमेंट को कंफर्म कर रहे थे?
- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

292,985FansLike
82,176FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe