Thursday, July 29, 2021
Homeराजनीतिसाध्वी प्रज्ञा को निशाना बनाने के लिए उनके बयान को किया गया ट्वीस्ट, वास्तविकता...

साध्वी प्रज्ञा को निशाना बनाने के लिए उनके बयान को किया गया ट्वीस्ट, वास्तविकता कुछ और…

अपनी बातचीत में साध्वी सरकार के अंगों से संबंधित कार्यों के बारे में चर्चा कर रही है। न कि किसी सफाईकर्मियों के काम की। प्रज्ञा अपनी इस बातचीत में ये भी कहती नजर आ रही है कि जो काम उन्हें मिला है वो उसे पूरी ईमानदारी से करेंगी, जिसके लिए वे सांसद चुनी गई हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा रविवार (जुलाई 21, 2019) को सोशल मीडिया पर साध्वी प्रज्ञा की एक वीडियो पोस्ट की गई जिसमें वो सेहोर के लोगों से साफ़-सफाई को लेकर बात करती नजर आई। इस वीडियो में वे कुछ लोगों से कह रही है, “हम नाली साफ़ करने के लिए नहीं बने हैं। हम आपका शौचालय साफ करने के लिए बिलकुल नहीं बनाए गए हैं। हम जिस काम के लिए बनाए गए हैं वो काम हम ईमानदारी से करेंगे।”

अब इस वीडियो को सोशल मीडिया पर विरोधियों द्वारा तोड़-मरोड़ के पेश किया जाने लगा। कुछ लोग इस बयान को आधार बनाकर साध्वी को घेरने लगे। तो रॉबर्ट वाड्रा के जीजा (ब्रदर इन लॉ) तेहसीन पूनावाला ने तो बिन कुछ सोचे इस बयान को आरएसएस से जोड़ दिया और कहा कि साध्वी का ये बयान आरएसएस के प्रभुत्व को दर्शाता है।

लेकिन सोचने वाली बात ये है कि आखिर साध्वी ने अपने बयान में गलत क्या कहा? जो लोग उनपर सवाल उठाने लगे। दरअसल, उनकी बात किसी भी रूप में विवादित नहीं थी, लेकिन उसे विवादित बनाया गया। क्योंकि जो उन्होंने वीडियो में बोला वो सांसद पद के संदर्भ में था। और ये बिलकुल सच है कि एक सांसद का कार्य कचड़ा या फिर शौचालय साफ़ करने का नहीं होता।

अपनी बातचीत में साध्वी सरकार के अंगों से संबंधित कार्यों के बारे में चर्चा कर रही है। न कि किसी सफाईकर्मियों के काम की। प्रज्ञा अपनी इस बातचीत में ये भी कहती नजर आ रही है कि जो काम उन्हें मिला है वो उसे पूरी ईमानदारी से करेंगी, जिसके लिए वे सांसद चुनी गई हैं। गौर करने की बात है कि यहाँ उनकी कही पर लोगों द्वारा ताली भी बजाई गई। लेकिन विरोधियों ने इन बातों पर गौर करना उचित नहीं समझा और जो बयान आया उसे अपने हिसाब से तोड़-मरोड़ दिया।

ये बात सच है मोदी सरकार द्वारा देश में स्वच्छता के उद्देश्य से जिस स्वच्छ भारत अभियान की मुहिम शुरुआत की गई है उसको आगे बढ़ाना सबका काम है, लेकिन इसका आशय ये बिलकुल भी नहीं है कि एक विभाग का कार्य किसी और विभाग से करवाया जाए। साफ़-सफ़ाई का कार्य स्थानीय गवर्नेंस बॉडी जैसे एमसीडी और टाउन कमेटी आदि का होता है। एक सांसद उनसे संबंधित प्रोग्राम के लिए फंड जुटाने में मदद कर सकता है लेकिन उनकी देख-रेख का काम स्थानीय तंत्र द्वारा किया जाता है।

इसलिए ये स्पष्ट है कि इस वीडियो में ऐसा कुछ भी नहीं है जिसके कारण मामले को विवादित बनाया जाए या फिर उनपर टिप्पणी की जाए। हो सकता है साफ़-सफ़ाई को लेकर उनके पास किसी ने शिकायत की हो और वे सिर्फ़ अपने सांसद होने के तौर पर उसे सिर्फ़ अपनी भूमिका समझा रही हों।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘पूरे देश में खेला होबे’: सभी विपक्षियों से मिलकर ममता बनर्जी का ऐलान, 2024 को बताया- ‘मोदी बनाम पूरे देश का चुनाव’

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष एकजुटता पर बात करते हुए कहा, "हम 'सच्चे दिन' देखना चाहते हैं, 'अच्छे दिन' काफी देख लिए।"

कराहते केरल में बकरीद के बाद विकराल कोरोना लेकिन लिबरलों की लिस्ट में न ईद हुई सुपर स्प्रेडर, न फेल हुआ P विजयन मॉडल!

काँवड़ यात्रा के लिए जल लेने वालों की गिरफ्तारी न्यायालय के आदेश के प्रति उत्तराखंड सरकार के जिम्मेदारी पूर्ण आचरण को दर्शाती है। प्रश्न यह है कि हम ऐसे जिम्मेदारी पूर्ण आचरण की अपेक्षा केरल सरकार से किस सदी में कर सकते हैं?

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,735FollowersFollow
394,000SubscribersSubscribe