Saturday, July 20, 2024
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ओडिशा के मंत्री की इलाज के दौरान मौत: सीने के आर-पार निकल गई थी पुलिसकर्मी की गोली, आरोपित की बीवी ने कहा – उनकी मानसिक हालत ठीक नहीं

ASI ने इस घटना को अंजाम देने से पहले अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया था। पत्नी जयंती का कहना है कि गोपाल दास आखिरी बार 5 महीने पहले घर आया था।

ओडिशा के स्वास्थ्य मंत्री नब किशोर दास, जिन्हें झारसुगुड़ा में एक पुलिसकर्मी ने गोली मार दी थी – इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई है। ये घटना रविवार (29 जनवरी, 2023) को हुई है। उन्हें एक एसिस्टेंट सब इंस्पेक्टर ने गोली मार दी थी। उनके सीने में गोली लगी थी, जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें राजधानी भुवनेश्वर स्थित अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। गाँधी चौक के पास जब वो रुके थे, तब उन्हें 4-5 गोलियाँ मारी गई थीं।

ये घटना बृजराजनगर इलाके में हुई है। मंत्री उस समय एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे। आरोपित ASI की पहचान गोपाल दास के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों ने उसे पकड़ लिया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब मंत्री नब किशोर दास को लोग उन्हें कार की सीट पर बिठा रहे थे, तब उनके शरीर से काफी खून बह रहा था। एक बुलेट उनके सीने के आर-पार हो गई थी।

उन्हें ICU केयर यूनिट में भर्ती कराया गया था और दिल की पंपिंग को सुधारने के लिए कदम उठाए गए। मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसे राज्य के लिए एक बड़ी क्षति करार दिया है। उन्होंने क्राइम ब्रांच द्वारा मामले की जाँच कराने की बात कही है। ASI ने इस घटना को अंजाम देने से पहले अपनी पत्नी को वीडियो कॉल किया था। पत्नी जयंती का कहना है कि गोपाल दास आखिरी बार 5 महीने पहले घर आया था। साथ ही पत्नी ने उसे मानसिक बीमारी होने का दावा करते हुए कहा कि वो 7-8 साल से इलाज करवा रहा था और दवा लेता था।

गोपाल दास ने घटना वाले दिन सुबह अपनी बेटी से भी बात की थी। बीवी का कहना है कि वो दवा लेने के बाद सामान्य व्यवहार करता था। BJD कार्यकर्ताओं में इस घटना के बाद खासा आक्रोश है। सीएम पटनायक खुद मंत्री का हालचाल लेने अस्पताल पहुँचे थे और बेटे को सांत्वना दी थी। अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत मौके पर जाकर जाँच शुरू करने के लिए कहा गया। नब किशोर दास ओडिशा के सबसे अमीर नेताओं में से एक थे, जिन्होंने महाराष्ट्र के शनि मंदिर को 1 करोड़ रुपए का सोने का घड़ा दान किया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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