Homeराजनीतिमोदी-शाह को हराने के लिए कुछ भी करने को तैयार, BJP कर रही EVM...

मोदी-शाह को हराने के लिए कुछ भी करने को तैयार, BJP कर रही EVM से छेड़छाड़: केजरीवाल

"केजरीवाल के बारे में अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि विकास कार्यों में इनकी कतई रुचि नहीं है। इनका मूल मकसद वोट बैंक की राजनीति करना मात्र है।"

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा है कि वो मोदी-शाह को हराने के लिए सब करने को तैयार हैं, कुछ भी करने को तैयार हैं। कॉन्ग्रेस से गठबंधन के लिए लगातार प्रयास कर रहे केजरीवाल ने ईवीएम पर भी सवाल खड़े किए। केजरीवाल ने कहा कि ईवीएम तो ठीक है और उसमें कोई गड़बड़ी नहीं है लेकिन भाजपा उसमें छेड़छाड़ कर रही है। बता दें कि आम आदमी पार्टी लगातार कॉन्ग्रेस के साथ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में गठबंधन करने को कह रही है। अभी हाल ही में केजरीवाल और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भी कॉन्ग्रेस से गठबंधन के लिए अपील की।

अरविन्द केजरीवाल द्वार कॉन्ग्रेस के सामने बार-बार गिड़गिड़ाने को लेकर भी सोशल मीडिया पर ख़ूब मज़ाक चल रहा है। लोगों का कहना है कि केजरीवाल कॉन्ग्रेस के बार-बार पाँव पड़ रहे हैं। सिसोदिया ने अपने ट्वीट में लिखा, “अब भी वक़्त है जब दिल्ली के साथ हरियाणा और चंडीगढ़ में गठबंधन कर भाजपा को 18 सीटों पर हराया जा सकता है। अब कॉन्ग्रेस को तय करना है कि इस समय प्राथमिकता मोदी-शाह की जोड़ी को हराना है, या ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाना है।

पंजाब में मुख्यमंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह के कड़े रुख के कारण कॉन्ग्रेस ने गठबंधन की सारी संभावनाओं को नकार दिया। वहीं दिल्ली के अलावा हरियाणा और चंडीगढ़ को लेकर भी बातचीत पर अच्छे परिणाम नहीं मिले। आप नेता संजय सिंह ने भी कहा था कि अब गठबंधन की सारी सम्भावनाएँ ख़त्म हो चुकी हैं। लेकिन, हर एक दिन के अंतराल के बाद गठबंधन की सम्भावनाएँ ज़िंदा हो जा रही हैं और फिर इसे लेकर बातचीत शुरू हो जा रही है।

उधर केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जाति और आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता के काम नहीं करने के कारण ही उन्हें कॉन्ग्रेस के साथ गठबंधन करने के लिए गिड़गिड़ाना पड़ रहा है। पुरी ने कहा, “केजरीवाल के बारे में अपने अनुभव के आधार पर मैं कह सकता हूँ कि विकास कार्यों में इनकी कतई रुचि नहीं है। इनका मूल मकसद वोट बैंक की राजनीति करना मात्र है।”

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

12 वर्ष पहले गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर, फिर देश के सबसे बड़े सूबे के CM: जनता तक पहुँच और समस्याओं पर तत्काल प्रतिक्रिया –...

योगी आदित्यनाथ की गोरखनाथ पीठाधीश्वर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक की यात्रा, विरासत को आगे बढ़ाने से लेकर विकसित होते UP की पूरी कहानी।

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।
- विज्ञापन -