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‘प्राण-प्रतिष्ठा का न्योता केवल राम भक्तों को’: रामलला के मुख्य पुजारी ने उद्धव ठाकरे को लताड़ा, कहा था- नहीं मिला निमंत्रण

"न्योता केवल उन लोगों को दिया जाता है जो राम भक्त हैं। यह कहना पूरी तरह से गलत है कि बीजेपी भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर रही है। हमारे प्रधानमंत्री का हर जगह सम्मान है। उन्होंने अपने कार्यकाल में काफी काम किया है। यह राजनीति नहीं, उनकी भक्ति है।"

अयोध्या राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा है कि रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का न्योता केवल राम भक्तों को दिया गया है। उन्होंने यह प्रतिक्रिया महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (उद्धव गुट) के प्रमुख उद्धव ठाकरे की उस टिप्पणी पर दी है, जिसमें उन्होंने प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए निमंत्रण नहीं मिलने की बात कही थी। रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होनी है।

न्यूज एजेंसी से बात करते हुए आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा, “न्योता केवल उन लोगों को दिया जाता है जो राम भक्त हैं। यह कहना पूरी तरह से गलत है कि बीजेपी भगवान राम के नाम का इस्तेमाल कर रही है। हमारे प्रधानमंत्री का हर जगह सम्मान है। उन्होंने अपने कार्यकाल में काफी काम किया है। यह राजनीति नहीं, उनकी भक्ति है।”

आचार्य सत्येंद्र दास ने उद्धव ठाकरे की पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय राउत को भी लताड़ लगाई है। उन्होंने कहा, “संजय राउत को इतनी पीड़ा है कि वह बता तक नहीं पा रहे। यही लोग प्रभु राम के नाम पर वोट माँगते थे। जिन लोगों की प्रभु राम के प्रति श्रद्धा थी वे अब सत्ता में हैं। वह क्या बकवास कर रहे हैं? वह भगवान राम का अपमान कर रहे हैं।”

संजय राउत ने कहा था, “प्रधानमंत्री कार्यालय अयोध्या से चलेगा, सरकार अयोध्या से चलेगी क्योंकि काम कहाँ है? कभी पुलवामा के नाम पर, कभी राम के नाम पर। हमने भी राम मंदिर के लिए पसीना बहाया है। हमसे बड़ा रामभक्त कोई नहीं है। तो ये तो होगा, PMO बनेगा वहाँ, और मंत्रालय बनेंगे वहाँ, हम देश को पाँच हजार वर्ष पीछे ले जा रहे हैं।”

इससे पहले भी संजय राउत ने राम मंदिर और भाजपा पर विवादित बयान दिया था। उन्होंने निमन्त्रण के विषय में कहा था, “अभी इतना ऐलान 22 जनवरी, 2023 को भाजपा की तरफ से होना बाकी है कि हमारे अयोध्या से प्रत्याशी प्रभु श्रीराम हैं।” उन्होंने इससे पहले 22 जनवरी, 2023 को होने वाले कार्यक्रम को भाजपा का कार्यक्रम बता दिया था। उन्होंने कहा था कि यह राष्ट्रीय कार्यक्रम नहीं है। यह राजनीति है।

गौरतलब है कि 22 जनवरी 2023 को अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम होगा। इस कार्यक्रम के लिए देश भर से लगभग 7000 लोगों को निमन्त्रण भेजा गया है। कई बड़े राजनीतिक चेहरों को यहाँ बुलाया गया है। हालाँकि, INDI गठबंधन में शामिल दल अभी इस कार्यक्रम में जाने को लेकर काफी पशोपेश में हैं।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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