Tuesday, July 27, 2021
Homeराजनीतिमेयर हो तो सीता साहू जैसी! पटना में कितने संप हाउस और नाला उड़ाही...

मेयर हो तो सीता साहू जैसी! पटना में कितने संप हाउस और नाला उड़ाही के बजट का पता नहीं

पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मेयर ने कहा कि पटना में 49 संप हाउस काम कर रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि पटना में कुल 39 संप हाउस ही हैं। ये आँकड़ा जब उनके साथ बैठे पार्षदों ने दिया तो वह सकपका गईं।

पटना के कई इलाके अब भी जलमग्न हैं। बिहार की राजधानी की यह हालत क्यों है, यह मेयर सीता साहू के एक वायरल वीडियो से समझा जा सकता है। उन्हें यह भी नहीं पता है कि जल निकासी के लिए पटना में कितने संप हाउस हैं। नगर निगम का नाला उड़ाही का बजट कितने का है, जबकि जल निकासी निगम की मुख्य जिम्मेदारी होती है।

प्रेस कॉन्फ्रेन्स में पहुँची पटना की मेयर सीता साहू पत्रकारों के सवालों से कुछ इस तरह घिरीं कि पूरी व्यवस्था की पोल खुल गई। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि पटना में 49 संप हाउस काम कर रहे हैं, जबकि सच्चाई ये है कि पटना में कुल 39 संप हाउस ही हैं। ये आँकड़ा जब उनके साथ बैठे पार्षदों ने दिया तो वह सकपका गईं। उसके बाद मेयर यह भी नहीं बता पाईं कि अभी जल निकासी के लिए कितने संप हाउस चल रहे हैं?

पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने भीषण जलजमाव के लिए सरकार को दोषी ठहरा दिया। उन्होंने साफ़ तौर पर कहा कि राजधानी में जिस प्रकार का जलजमाव हुआ है, उसकी ज़िम्मेदारी बिहार अरबन इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (बुडको) की है। इसके लिए नगर निगम ज़िम्मेदार नहीं।

इतना ही नहीं, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनसे जब पूछा गया कि इस भीषण जल-जमाव के लिए वह ज़िम्मेदारी लेंगी, तो उन्होंने कहा कि हम लोग कैसे जिम्मेदार हो गए? संप हाउस के परिचालन की ज़िम्मेदारी बुडको की है। संप हाउसों का पंप नहीं चला, इस कारण राजधानी का पानी नहीं निकल पाया। उनकी ग़लती है तो हम इसकी ज़िम्मेदारी लेकर इस्तीफ़ा क्यों दें?

मेयर साहिबा से एक पत्रकार ने सवाल किया कि आप आठ दिनों बाद दिख रही हैं। इस पर उन्होंने जवाब दिया कि हम फील्ड में थे। लोगों की स्थिति की जानकारी ले रहे थे। जलजमाव वाले क्षेत्रों का भ्रमण कर रहे थे।

मेयर ने कहा कि हमने नाला की सफाई कराई थी। संप हाउस के काम नहीं करने के कारण लोगों को परेशानी हुई। हालाँकि, प्रेस कॉन्फ्रेन्स में मेयर नाला उड़ाही का बजट नहीं बता पाईं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कभी ट्रैकसूट, डाइट के लिए संघर्ष करने वाली भारतीय महिला बॉक्सर लवलिना बोरगोहेन ओलंपिक में पदक से सिर्फ एक कदम दूर

लवलिना क्वार्टर फाइनल में शुक्रवार (30 जुलाई 2021) को चीनी ताइपे की निएन चिन चेन से भिड़ेंगी। चिन चेन पूर्व वर्ल्ड चैंपियन हैं और मौजूदा खेलों में उन्हें चौथी वरीयता प्राप्त है।

नाम: नूर मुहम्मद, काम: रोहिंग्या-बांग्लादेशी महिलाओं और बच्चों को बेचना; 36 घंटे चला UP पुलिस का ऑपरेशन, पकड़ा गया गिरोह

देश में रोहिंग्याओं को बसाने वाले अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी के गिरोह का उत्तर प्रदेश एटीएस ने भंडाफोड़ किया है। तीन लोगों को अब तक गिरफ्तार किया गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,464FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe