Friday, May 24, 2024
Homeराजनीति23 पाकिस्तानी शरणार्थियों को महाराष्ट्र सरकार ने दी भारत की नागरिकता

23 पाकिस्तानी शरणार्थियों को महाराष्ट्र सरकार ने दी भारत की नागरिकता

जिन लोगों को नागरिकता के प्रमाण पत्र मुहैया करवाए गए हैं वे सभी पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में पैदा हुए लोग थे और बँटवारा होने के बाद भारत आ गए थे। ये लोग लंबी अवधि के वीजा पर जलगाँव में ही रह रहे थे।

महाराष्ट्र सरकार ने कल यानी मंगलवार (सितंबर 10, 2019) को पाकिस्तान के सिंध प्रांत से आए 23 प्रवासियों को प्रमाण पत्र के साथ देश की नागरिकता दी। जानकारी के मुताबिक ये लोग कई साल पहले लंबी अवधि के वीजा पर भारत आए थे।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री दीपक केसारकर ने बताया कि जिन लोगों को नागरिकता के प्रमाण पत्र मुहैया करवाए गए हैं वे सभी पाकिस्तान के पंजाब और सिंध प्रांत में पैदा हुए लोग थे और बँटवारा होने के बाद भारत आ गए थे। ये लोग लंबी अवधि के वीजा पर जलगाँव में ही रह रहे थे।

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो जिन लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है। उनमें से अधिकतर सिंधी और पंजाबी समुदाय से संबंध रखते हैं। इन्हें केंद्र सरकार द्वारा हरी झंडी दिखाने के बाद ही नागरिकता के प्रमाण पत्र दिए गए हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि इस फैसले से जलगाँव, औरंगाबाद, अमरावती व कोल्हापुर जिले में रहने वाले कई लोगों को लाभ मिला है। कई वर्षों से भारत में रह रहे इन लोगों ने भारतीय नागरिकता देने की माँग की थी। जिसे नागरिकता देने के चौथे चरण में पूरा कर दिया गया।

गृह राज्यमंत्री (शहर) डॉ रणजीत पाटील ने कहा कि पिछले कई साल पहले पाकिस्तान से भारत आए और अब यहीं रहने वाले नागरिकों (प्रवासी) द्वारा भारतीय नागरिकता की माँग की जा रही थी। जिसे पूरा करना उनके लिए खुशी की बात है।

Special coverage by OpIndia on Ram Mandir in Ayodhya

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

18 साल से ईसाई मजहब का प्रचार कर रहा था पादरी, अब हिन्दू धर्म में की घर-वापसी: सतानंद महाराज ने नक्सल बेल्ट रहे इलाके...

सतानंद महाराज ने साजिश का खुलासा करते हुए बताया, "हनुमान जी की मोम की मूर्ति बनाई जाती है, उन्हें धूप में रख कर पिघला दिया जाता है और बच्चों को कहा जाता है कि जब ये खुद को नहीं बचा सके तो तुम्हें क्या बचाएँगे।""

‘घेरलू खान मार्केट की बिक्री कम हो गई है, इसीलिए अंतरराष्ट्रीय खान मार्केट मदद करने आया है’: विदेश मंत्री S जयशंकर का भारत विरोधी...

केंद्रीय विदेश मंत्री S जयशंकर ने कहा है कि ये 'खान मार्केट' बहुत बड़ा है, इसका एक वैश्विक वर्जन भी है जिसे अब 'इंटरनेशनल खान मार्केट' कह सकते हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -