मोदी के बटन दबाते ही सवा करोड़ किसानों के खातों ₹75000 करोड़ की पहली किस्त

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अब वो दिन गए जब सरकार 100 पैसा भेजती थी, तो बीच में 85 पैसा दलाल और बिचौलिए खा जाते थे। इसी तरह PM किसान योजना को भी फूल प्रूफ बनाया गया है, ताकि किसान का अधिकार कोई छीन न सके।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार (फ़रवरी 24, 2019) को उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। पीएम ने गोरखपुर में ₹75,000 करोड़ की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना की शुरुआत की। इस मौके पर प्रधानमंत्री 1 करोड़ से ज़्यादा किसानों के बैंक खातों में ₹2000 की पहली किस्त ट्रांसफर की गई। इसके साथ ही उन्होंने किसानों को क्रेडिट कार्ड का भी वितरण किया।

इस मौके पर पीएम ने कहा, “ये तो अभी शुरुआत है। इस योजना के तहत हर वर्ष लगभग ₹75 हज़ार करोड़ किसानों के खातों में सीधा पहुँचने वाले हैं।” देश के वो 12 करोड़ छोटे किसान, जिनके पास 5 एकड़ या उससे कम भूमि है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा।

पीएम किसान सम्मान निधि में देश के 21 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेश के किसानों को ₹2000 की पहली किस्त सीधे खातों में ट्रांसफर हो चुकी है। इसकी अगली किस्त कुछ दिनों में जारी हो जाएगी। इससे किसानों को बीज, खाद, दवा ख़रीदने के लिए परेशान नहीं होना होगा।

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इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ऐसी भी सरकारें हैं, जिनकी नींद नहीं खुली है। उन्होंने ऐसी राज्य सरकारों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसानों के साथ अन्याय किया तो अच्छा नहीं होगा। मोदी ने कहा कि जब इस योजना को लॉन्च किया गया, तब विपक्षी दलों के चेहरे लटक गए थे।

पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत ‘जय जवान – जय किसान’ के नारे के साथ की। इसके बाद नरेंद्र मोदी ने कहा, “कुछ राज्य इस योजना के नाम पर राजनीति कर रहे हैं। विपक्षी झूठ फैला रहे हैं, लेकिन आप किसी के बहकावे में मत आना। इस योजना का जैसा ही ऐलान हुआ, महामिलावटी लोगों के मुँह उतर गए थे।”

कॉन्ग्रेस के किसान ऋण माफ़ी को बताया वोट बैंक के लिए रेवड़ी बाँटने वाला करतब

पीएम मोदी ने महागठबंधन को महामिलावटी बताया। उन्होंने कहा, “विपक्ष को 10 साल में एक बार इन्हें किसान याद आता है और ये कर्ज़माफ़ी के द्वारा रेवड़ी बाँटकर वोट हासिल कर लेते थे। पिछली सरकारों ने कागजों में योजनाएँ बनाई। कॉन्ग्रेस ने ₹6 लाख करोड़ में से केवल ₹52 हज़ार करोड़ ही माफ़ किया। झूठी बातें करने वालों पर किसान भरोसा नहीं करेगा।” 

उन्होंने कहा कि किसानों को 10 साल में ₹7.5 लाख करोड़ दिए जाएँगे। इससे देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूती मिलेगी। पीएम ने कहा कि हम भी किसान कर्ज़माफ़ी कर सकते थे लेकिन हमने इस पाप को नहीं किया। हमारी योजना से 100 में से 19 किसानों को फ़ायदा होगा। अगले 10 सालों में किसानों को हर साल इस योजना का फ़ायदा मिलेगा। 

कर्ज़माफ़ी के आसान रास्ते को ना चुनकर भविष्य को मज़बूत करने पर ज़ोर देते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारे लिए भी बहुत आसान था कर्ज़माफ़ी का फ़ैसला। हमारी सरकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना पर ही करीब ₹1 लाख करोड़ खर्च कर रही है। इतनी बड़ी राशि हम लगा रहे हैं, ताकि देश में जो सिंचाई परियोजनाएँ 30-40 साल से अधूरी थीं, लटकी हुई थीं, उन्हें पूरा किया जा सके।”

पीएम मोदी ने कहा, “हमने देशभर की 99 ऐसी परियोजनाएँ चुनीं थीं, जिसमें से 70 से ज़्यादा अब पूरी होने की स्थिति में आ रही हैं। इन योजनाओं की वजह से किसानों को लाखों हेक्टेयर ज़मीन पर सिंचाई की सुविधा मिल रही है। ये वो काम है जो किसानों की आने वाली कई पीढ़ियों तक को लाभ देगा।”

नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में किसान सम्मान निधि योेजना द्वारा किसानों के अधिकार सुरक्षित किए जाने के सम्बन्ध में कहा, “ये नया भारत है। इसमें केंद्र सरकार जितना पैसा किसान के लिए भेजती है, वो पूरा पैसा उसके खाते में पहुँचता है। अब वो दिन गए जब सरकार 100 पैसा भेजती थी, तो बीच में 85 पैसा दलाल और बिचौलिए खा जाते थे। इसी तरह PM किसान योजना को भी फूल प्रूफ बनाया गया है, ताकि किसान का अधिकार कोई छीन न सके।”

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मोदी ने कहा, “ये हमारी सरकार ही है, जिसने MSP पर किसानों की बरसों पुरानी माँग को पूरा किया। रबी और खरीफ की 22 फसलों का समर्थन मूल्य लागत का 50% से अधिक तय किया गया है। मौसम की मार से किसानों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना भी बनाई गई है।”

e-NAM प्लेटफॉर्म का ज़िक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस से देशभर की सैकड़ों मंडियों को जोड़ने का काम चल रहा है और इससे किसानों को सीधे देशभर की किसी भी मंडी में ऑनलाइन अपनी उपज बेचने का विकल्प मिलेगा।

PM Kisan Yojna: जानिए इस योजना के नियम, इन किसानों को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) के लाभार्थियों के लिए गाइडलाइन तय कर दी है। इसके तहत सिर्फ़ उन किसानों को ही इसका लाभ मिलेगा जिनके नाम पर 1 फ़रवरी से पहले 2 हेक्टेयर से कम ज़मीन दर्ज होगी। फ़रवरी के पहले सप्ताह पेश किए गए अंतरिम बजट में केंद्र सरकार ने देश के 12.5 करोड़ लघु और सीमांत किसानों को पीएम किसान योजना के तहत प्रति वर्ष ₹6,000 की प्रत्यक्ष आय सहायता की घोषणा की है। सरकार ने 2019-20 के अंतरिम बजट में ₹75,000 करोड़ की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का प्रावधान किया है।

कृषि सचिव द्वारा राज्यों को भेजे गए पत्र के मुताबिक अगर खेती की भूमि के स्वामित्व का हस्तांतरण होता है, तो योजना का लाभ नए भूमिधारक को मिलेगा, लेकिन अगर यह ज़मीन अगले 5 सालों के दौरान किसी को बेची जाती है, तो नए भूमिधारक को इसका लाभ नहीं मिलेगा। वहीं किसान के खेत कई गाँवों या राजस्व रिकॉर्ड में फैले होंगे, तो उनकी गिनती एक साथ की जाएगी।

 

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