Thursday, June 30, 2022
Homeराजनीतिहर महीने 4000 रुपए, ₹500000 तक का मुफ्त इलाज: कोरोना में अनाथ हुए बच्चों...

हर महीने 4000 रुपए, ₹500000 तक का मुफ्त इलाज: कोरोना में अनाथ हुए बच्चों के लिए PM मोदी ने जारी किए फायदे, 23 की उम्र होने पर मिलेंगे ₹10 लाख

"पीएम केयर्स फंड ने कोरोना काल के दौरान अस्पताल तैयार करने में, वेंटिलेटर्स खरीदने में, ऑक्सिजन प्लांट्स लगाने में भी बहुत मदद की, जिस वजह से कितने ही लोगों का जीवन बचाया जा सका, कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों के फायदे के लिए कई सरकारी योजनाएँ शुरू की हैं। उन्हें हर महीने 4000 रुपए दिए जाने के साथ ही 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। जब ये बच्चे 23 वर्ष के हो जाएँगे, तब उन्हें एक साथ 10 लाख रुपए भी मिलेंगे। पीएम केयर्स से इन छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति भेजी गई। ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ के माध्यम से उन्हें आयुष्मान हेल्थ कार्ड दिया गया है

बच्चों को सम्बोधन की शुरुआत करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज मैं प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं, आपके परिवार के एक सदस्य के तौर पर आपसे बात कर रहा हूँ। आज आप सभी बच्चों के बीच आकर मुझे बहुत सुकून मिला है। जीवन हमें कई बार अप्रत्याशित मोड़ पर लाकर खड़ा कर देता है। ऐसी परिस्थितियाँ जिनकी हमने कल्पना भी नहीं की होती हैं, हँसते-खेलते अचानक अंधेरा छा जाता है। कोरोना ने अनेकों लोगों के जीवन में, अनेकों परिवार के साथ ऐसा ही कुछ किया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि उन्हें इसका एहसास है कई कोरोना की वजह से जिन्होंने अपनों को खोया है, उनके जीवन में आया ये बदलाव कितना कठिन है। उन्होंने कहा कि जो चला जाता है, उसकी हमारे पास सिर्फ चंद यादें ही रहा जाती हैं, लेकिन जो रहा जाता है, उसके सामने चुनौतियों का अंबार लग जाता है। पीएम मोदी ने कहा कि ऐसी चुनौतियों में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन्स आप सभी ऐसे कोरोना प्रभावित बच्चों की मुश्किलें कम करने का एक छोटा सा प्रयास है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि ‘पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन’ इस बात का भी प्रतिबिंब है कि हर देशवासी पूरी संवेदनशीलता से आपके साथ है। उन्होंने संतोष जताया कि बच्चों की अच्छी पढ़ाई के लिए उनके घर के पास ही सरकारी या प्राइवेट स्कूलों में उनका दाखिला कराया जा चुका है। साथ ही ऐलान किया कि अगर किसी को प्रॉफेशनल कोर्स के लिए, हायर एजुकेशन के लिए एजुकेशन लोन चाहिए होगा, तो पीएम केयर्स उसमें भी मदद करेगा।

पीएम मोदी ने ध्यान दिलाया कि किऐसे रोजमर्रा की दूसरी जरूरतों के लिए अन्य योजनाओं के माध्यम से इन बच्चों लिए 4 हजार रुपए हर महीने की व्यवस्था भी की गई है। उन्होंने जिक्र किया कि ऐसे बच्चे जब अपने स्कूल की पढ़ाई पूरी करेंगे, तो आगे भविष्य के सपनों के लिए और भी पैसों की जरूरत होगी। बकौल प्रधानमंत्री, इसके लिए 18-23 साल के युवाओं को हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा और जब ये बच्चे 23 साल के होंगे तब 10 लाख रुपये उन्हें एक साथ मिलेंगे।

उन्होंने याद दिलाया की एक और बड़ी चिंता स्वास्थ्य से जुड़ी भी बनी रहती है, क्योंकि कभी कोई बीमारी आ गयी तो इलाज के लिए पैसे चाहिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी बच्चे को उसके लिए भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। ‘पीएम केयर्स फ़ॉर चिल्ड्रन’ के माध्यम से कोरोना में अनाथ हुए बच्चों को आयुष्मान हेल्थ कार्ड भी दिया जा रहा है, जिससे 5 लाख रुपए तक के इलाज की मुफ्त सुविधा भी इन सब बच्चों को मिलेगी।

पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूँ कि कोई भी प्रयास और सहयोग आपके माता-पिता के स्नेह की भरपाई नहीं कर सकता। लेकिन अपने पिता और माता के न होने पर इस संकट की घड़ी में माँ भारती आप सब बच्चों के साथ है। पीएम केयर्स के जरिए देश अपनी इस जिम्मेदारी के निर्वहन की कोशिश कर रहा है। ये प्रयास किसी एक व्यक्ति, संस्था या सरकार का मात्र प्रयास नहीं है। पीएम केयर्स में हमारे करोडों देशवासियों ने अपनी मेहनत और पसीने की कमाई को जोड़ा है।”

पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी की आँच पूरी मानवता ने सही है और दुनिया का शायद ही कोई ऐसा कोना होगा, जहाँ सदी की इस सबसे बड़ी त्रासदी ने कभी न भुलाने वाले जख्म न दिए हों। उन्होंने बच्चों से कहा कि आपने जिस साहस और हौसले से इस संकट का सामना किया है, उस हौसले के लिए वो उन सभी को सलाम करते हैं। उन्होंने बताया कि इस फंड ने कोरोना काल के दौरान अस्पताल तैयार करने में, वेंटिलेटर्स खरीदने में, ऑक्सिजन प्लांट्स लगाने में भी बहुत मदद की, जिस वजह से कितने ही लोगों का जीवन बचाया जा सका, कितने ही परिवारों का भविष्य बचाया जा सका।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जो हमें असमय छोड़ गए, आज ये फंड उनके बच्चों के लिए, बच्चों के भविष्य के लिए काम आ रहा है। पीएम मोदी ने कहा कि निराशा के बड़े से बड़े माहौल में भी अगर हम खुद पर भरोसा करें तो प्रकाश की किरण अवश्य दिखाई देती है और हमारा देश तो खुद ही इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उन्होंने कहा कि हम इस समय अपनी आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं और सैकड़ों वर्ष की गुलामी में, इतनी लंबी आजादी की लड़ाई में हमारी सबसे बड़ी ताकत थी, हार न मानने की हमारी आदत।

प्रधानमंत्री ने कहा, “आज जब हमारी सरकार अपने 8 वर्ष पूरे कर रही है तो देश का आत्मविश्वास, देशवासियों का खुद पर भरोसा अभूतपूर्व है। भ्रष्टाचार, हजारों करोड़ के घोटाले, भाई-भतीजावाद, देशभर में फैल रहे आतंकी संगठन, क्षेत्रीय भेदभाव, जिस कुचक्र में देश 2014 से पहले फँसा हुआ था, उससे बाहर निकल रहा है। टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल बढ़ाकर हमारी सरकार ने गरीब को उसके अधिकार सुनिश्चित किए हैं। अब गरीब से गरीब को भरोसा है कि सरकार की योजनाओं का लाभ उसे मिलेगा, निरंतर मिलेगा। हमारी सरकार अब शत प्रतिशत सशक्तिकरण का अभियान चला रही है।”

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री बनेंगे, नहीं थी किसी को कल्पना’: राजनीति के धुरंधर एनसीपी चीफ शरद पवार भी खा गए गच्चा, कहा- उम्मीद थी वो...

शरद पवार ने कहा कि किसी को भी इस बात की कल्पना नहीं थी कि एकनाथ शिंदे को महाराष्ट्र का सीएम बना दिया जाएगा।

आँखों के सामने बच्चों को खोने के बाद राजनीति से मोहभंग, RSS से लगाव: ऑटो चलाने से महाराष्ट्र के CM बनने तक शिंदे का...

साल में 2000 में दो बच्चों की मौत के बाद एकनाथ शिंदे का राजनीति से मोहभंग हुआ। बाद में आनंद दिघे उन्हें वापस राजनीति में लाए।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
201,188FollowersFollow
416,000SubscribersSubscribe